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Gurugram News: शीतला माता रोड की बदलेगी तस्वीर, फुटपाथ, ड्रेनेज और पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा
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इस पर करीब 20.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जाम से मिलेगी निजात
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया जा रहा है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की ओर से शीतला माता रोड के जीर्णोद्धार का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
सड़क के दोनों ओर पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फुटपाथ और पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा। इस पर करीब 20.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शहर की प्रमुख सड़कों में शामिल शीतला माता रोड पर मंदिर के कारण हमेशा वाहनों और लोगों की भीड़ बनी रहती है। वहीं, झज्जर, रोहतक और चंडीगढ़ की ओर जाने वाले वाहन भी बस डिपो से इसी मार्ग से होते हुए द्वारका एक्सप्रेसवे तक पहुंचते हैं। नवरात्र और शीतला माता मेले के दौरान जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है। वर्तमान स्थिति में सड़क, बढ़ते ट्रैफिक और भीड़ के अनुसार पर्याप्त नहीं है। जीएमडीए ने अतुल कटारिया चौक से सेक्टर 3/5 जंक्शन तक सड़क के सुधार और अन्य संबंधित कार्यों के लिए निविदा जारी की है। करीब 20.40 करोड़ रुपये की लागत से लगभग तीन किलोमीटर लंबी सड़क का जीर्णोद्धार किया जाएगा। मंदिर के पास पैदल यात्रियों की भारी आवाजाही को देखते हुए फुट ओवरब्रिज बनाने की योजना भी है, जिसे रीडिजाइन में शामिल किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को राहगीरी फाउंडेशन ने डिजाइन किया है और नागारो का सहयोग प्राप्त है। इसके अलावा, भगत सिंह चौक से ओल्ड रेलवे रोड तक करीब 900 मीटर लंबे हिस्से का 4.9 करोड़ रुपये से पुनर्विकास किया जाएगा।
जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अमित कुमार ने बताया कि इस सड़क पर अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। त्योहारों के दौरान जब शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है, तो स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है। इसी कारण सड़क को अपग्रेड और रीडिजाइन किया जा रहा है। कार्य को पूरा करने का समय 15 माह रखा गया है।
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‘कम्प्लीट स्ट्रीट’ के रूप में विकसित किया जाएगा
शीतला माता मंदिर रोड को एक आधुनिक और लोगों को प्राथमिकता देने वाली ‘कम्प्लीट स्ट्रीट’ के रूप में विकसित किया जाएगा। पुनर्विकास योजना का उद्देश्य सड़क को सुरक्षित, सुलभ, जीवंत और पर्यावरण-अनुकूल बनाना है। इस रोड का रोजाना 22 हजार से अधिक पैदल यात्री उपयोग करते हैं, जो त्योहारों के दौरान 5-6 गुना तक बढ़ जाता है। योजना के तहत 3.5 मीटर चौड़ा, बाधा-मुक्त और समतल फुटपाथ बनाया जाएगा, जिससे दिव्यांगजन, बुजुर्ग और बच्चों सहित सभी के लिए आवाजाही आसान होगी। सुरक्षित क्रॉसिंग, स्पर्श-संवेदी टाइलें, बोलार्ड और एंटी-स्किड सतह जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी। इस पर करीब 50 हजार वाहन रोज गुजरते हैं।
हरियाली के जरिए सड़क की सुंदरता को भी निखारा जाएगा
सड़क को अधिक जीवंत बनाने के लिए ‘प्लेसमेकिंग’ के तहत बैठने की जगहें और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए निर्धारित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। बेहतर लाइटिंग, आकर्षक साइनेज और हरियाली के जरिए सड़क की सुंदरता को भी निखारा जाएगा। मौजूदा पेड़ों का संरक्षण और स्थानीय प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा, जिससे छायादार क्षेत्र बढ़ेंगे। सड़क को मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिसमें बस और ऑटो स्टॉप, ईवी चार्जिंग पॉइंट और मेट्रो कनेक्टिविटी शामिल होगी। बिजली लाइनों को भूमिगत, नई ड्रेनेज व्यवस्था और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया जा रहा है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की ओर से शीतला माता रोड के जीर्णोद्धार का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
सड़क के दोनों ओर पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फुटपाथ और पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा। इस पर करीब 20.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शहर की प्रमुख सड़कों में शामिल शीतला माता रोड पर मंदिर के कारण हमेशा वाहनों और लोगों की भीड़ बनी रहती है। वहीं, झज्जर, रोहतक और चंडीगढ़ की ओर जाने वाले वाहन भी बस डिपो से इसी मार्ग से होते हुए द्वारका एक्सप्रेसवे तक पहुंचते हैं। नवरात्र और शीतला माता मेले के दौरान जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है। वर्तमान स्थिति में सड़क, बढ़ते ट्रैफिक और भीड़ के अनुसार पर्याप्त नहीं है। जीएमडीए ने अतुल कटारिया चौक से सेक्टर 3/5 जंक्शन तक सड़क के सुधार और अन्य संबंधित कार्यों के लिए निविदा जारी की है। करीब 20.40 करोड़ रुपये की लागत से लगभग तीन किलोमीटर लंबी सड़क का जीर्णोद्धार किया जाएगा। मंदिर के पास पैदल यात्रियों की भारी आवाजाही को देखते हुए फुट ओवरब्रिज बनाने की योजना भी है, जिसे रीडिजाइन में शामिल किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को राहगीरी फाउंडेशन ने डिजाइन किया है और नागारो का सहयोग प्राप्त है। इसके अलावा, भगत सिंह चौक से ओल्ड रेलवे रोड तक करीब 900 मीटर लंबे हिस्से का 4.9 करोड़ रुपये से पुनर्विकास किया जाएगा।
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जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अमित कुमार ने बताया कि इस सड़क पर अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। त्योहारों के दौरान जब शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है, तो स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है। इसी कारण सड़क को अपग्रेड और रीडिजाइन किया जा रहा है। कार्य को पूरा करने का समय 15 माह रखा गया है।
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‘कम्प्लीट स्ट्रीट’ के रूप में विकसित किया जाएगा
शीतला माता मंदिर रोड को एक आधुनिक और लोगों को प्राथमिकता देने वाली ‘कम्प्लीट स्ट्रीट’ के रूप में विकसित किया जाएगा। पुनर्विकास योजना का उद्देश्य सड़क को सुरक्षित, सुलभ, जीवंत और पर्यावरण-अनुकूल बनाना है। इस रोड का रोजाना 22 हजार से अधिक पैदल यात्री उपयोग करते हैं, जो त्योहारों के दौरान 5-6 गुना तक बढ़ जाता है। योजना के तहत 3.5 मीटर चौड़ा, बाधा-मुक्त और समतल फुटपाथ बनाया जाएगा, जिससे दिव्यांगजन, बुजुर्ग और बच्चों सहित सभी के लिए आवाजाही आसान होगी। सुरक्षित क्रॉसिंग, स्पर्श-संवेदी टाइलें, बोलार्ड और एंटी-स्किड सतह जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी। इस पर करीब 50 हजार वाहन रोज गुजरते हैं।
हरियाली के जरिए सड़क की सुंदरता को भी निखारा जाएगा
सड़क को अधिक जीवंत बनाने के लिए ‘प्लेसमेकिंग’ के तहत बैठने की जगहें और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए निर्धारित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। बेहतर लाइटिंग, आकर्षक साइनेज और हरियाली के जरिए सड़क की सुंदरता को भी निखारा जाएगा। मौजूदा पेड़ों का संरक्षण और स्थानीय प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा, जिससे छायादार क्षेत्र बढ़ेंगे। सड़क को मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिसमें बस और ऑटो स्टॉप, ईवी चार्जिंग पॉइंट और मेट्रो कनेक्टिविटी शामिल होगी। बिजली लाइनों को भूमिगत, नई ड्रेनेज व्यवस्था और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया जाएगा।