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Gurugram News: कोर्ट ने कहा- आरोपी कौशल से अवैध हथियार बरामद, दुरुपयोग की संभावना

Sat, 26 Sep 2026 01:19 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2026 01:19 AM IST
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The court stated that an illegal weapon was recovered from the accused, Kaushal, and there is a possibility of its misuse.
आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास, जमानत याचिका खारिज
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पुलिस पर फायरिंग करने वाले आरोपी कौशल ने दायर की थी याचिका
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नेशनल हाईवे पर ट्रक लूटने की साजिश करने और पुलिस टीम पर गोली चलाने के मामले में गैंग के मुख्य आरोपी कौशल उर्फ अमित की जमानत याचिका जिला अदालत ने खारिज कर दी। अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कौशिक की अदालत ने आरोपी के आपराधिक इतिहास और अपराध की गंभीरता को देखते हुए याचिका खारिज की है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास है और उसके पास से अवैध हथियार बरामद हुए हैं। ऐसे में जमानत मिलने पर इसके दुरुपयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

24 जून 2025 को क्राइम ब्रांच मानेसर की टीम को सूचना मिली थी कि कौशल और उसकी गैंग के सदस्य नेशनल हाईवे पर ट्रक लूटने की फिराक में हैं। पुलिस टीम ने दौलताबाद टोयोटा एजेंसी, हेराहेरी गांव और पचगांव-कासन रोड पर छापे मारे। इस दौरान पुलिस ने गिरोह के सदस्य अनिल उर्फ मोनू, वरुण उर्फ अनमोल, अर्चित उर्फ धीरज और रंजीत उर्फ गौरव को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद जब पुलिस टीम पचगांव-कासन रोड स्थित एक कमरे में छापा मारने पहुंची, तो वहां छिपे आरोपी कौशल ने पुलिस टीम पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक गोली कौशल के दाहिने पैर में लगी, जिसके बाद उसे और उसके साथी ओमबीर को अवैध हथियारों के साथ मौके से दबोच लिया गया।
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बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि कौशल 30 जून 2025 से हिरासत में है। मामले में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और अन्य सह-आरोपियों को पहले ही उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। केवल पुराने मामले लंबित होने के आधार पर उसे संगठित अपराध सिंडिकेट का हिस्सा नहीं माना जा सकता है। अभियोजन पक्ष ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी एक कुख्यात आपराधिक गिरोह का मुख्य सदस्य है। उसके पास से एक देसी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। इसके अलावा आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत गुरुग्राम, झज्जर और रेवाड़ी के विभिन्न थानों में 7 अन्य गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया।
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