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अवैध निर्माण वालों से वसूला जाएगा तोड़फोड़ का खर्चा
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गुरुग्राम। शहर में अवैध निर्माण करने वालों से तोड़फोड़ का खर्च वसूला जाएगा। साथ ही उस प्रॉपर्टी को राजस्व रिकॉर्ड में लाल स्याही से दर्ज किया जाएगा। इससे उस प्रॉपर्टी की खरीद फरोख्त नहीं हो सकेगी। पिछले डेढ़ साल से अवैध निर्माण करने वालों पर 35 लाख रुपये बकाया है। यह बात जिला उपायुक्त ने अवैध कॉलोनी विकसित होने से रोकने और विभिन्न कॉलोनियों में अवैध निर्माण हटाने पर हुए खर्च की रिकवरी को लेकर मंगलवार को जिला टास्क फोर्स की बैठक में कही।
वहीं डीटीपी आरएस बाठ ने लोगों को नोटिस जारी करने का अनुरोध भी बैठक में किया। अवैध निर्माण तोड़ने के लिए जो भी खर्च होता है, वह निर्माण कर्ता से वसूला जाता है, लेकिनडेढ़ साल ये रिकवरी नहीं हो पाई है। संयुक्त आयुक्त की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में यह साफ लिखा है कि यह उच्चाधिकारियों की आदेशों की अवमानना है। जबकि यह पूरा मसला लापरवाही का भी है। यह केवल आयुध डिपो के प्रतिबंधित क्षेत्र में ही नहीं, पूरे शहर में हो रहा है। इसी को लेकर मंगलवार को टास्क फोर्स की बैठक भी आयोजित हुई, लेकिन इसमें भी तोड़फोड़ की रिकवरी पर ही अधिक फोकस रहा।
शहर में नहीं रुक रहा अवैध निर्माण
शहर में लाख कोशिशों के बाद भी अवैध निर्माण नहीं रुक पा रहा है। डीटीपी लगातार ऐसे निर्माण के खिलाफ कार्रवाई भी कर रहा है, फिर ऐसे लोगों में कतई खौफ नजर नहीं आता। इसके लिए कई विभागों की जिम्मेदारियां भी तय है। सबसे पहली जिम्मेदारी नगर निगम की है। बताया जाता है कि निगम अधिकारियों की मिलीभगत से ही शहर में अवैध निर्माण का खेल चल रहा है। पिछले दो दिन पहले ही इसकी एक बड़ी रोचक बानगी भी दिखी। उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने टास्क फोर्स की बैठक में हैरानी जताई और अधिकारियों को शुरुआती दौर में ही अवैध निर्माण रोकने के लिए गंभीरता से कार्य करने की नसीहत दी।
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...जब एक्सईएन ने कर दिया मना :
शहर के साथ ही आयुश डिपो के प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण किसी भी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता। निगम की ओर से इसके लिए बाकायदा अधिकारी तैनात किए गए हैं। पूरे एरिया को तीन पॉकेट में बांट पर अलग-अलग अधिकारियों को निर्माण रोकने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पॉकेट बी के लिए तैनात एक्सईएन तुषार यादव की लापरवाही से धड़ाधड़ अवैध निर्माण किया जा रहा है। इसकी जानकारी पर संयुक्त आयुक्त ने जब उनसे स्पष्टीकरण मांगा तो उन्होंने यह कार्य करने में सक्षम नहीं होने की बात कह कर साफ कर दिया कि वह काम नहीं कर सकता। अब निगम ने एक्सईएन को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा है। इस मामले को निगम केवल अधिकारियों की अवमानना का मामला मान रहा है।
यहां बड़े स्तर पर हो रहा अवैध निर्माण
सरस्वती कुंज और डीएलएफ फेज-3 में बड़े स्तर पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। यहां अवैध रूप से मकान और अतिरिक्त फ्लोर बनाए जा रहे हैं। टास्क फोर्स की बैठक में इन दोनों जगह पर हो रहे निर्माण का मसला प्रमुखता से उठा जिस पर उपायुक्त ने इनके खिलाफ सख्ती से निपटने और एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही डीटीपी अधिकारियों को निर्माण कर्ताओं को तत्काल नोटिस देने को कहा।
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वहीं डीटीपी आरएस बाठ ने लोगों को नोटिस जारी करने का अनुरोध भी बैठक में किया। अवैध निर्माण तोड़ने के लिए जो भी खर्च होता है, वह निर्माण कर्ता से वसूला जाता है, लेकिनडेढ़ साल ये रिकवरी नहीं हो पाई है। संयुक्त आयुक्त की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में यह साफ लिखा है कि यह उच्चाधिकारियों की आदेशों की अवमानना है। जबकि यह पूरा मसला लापरवाही का भी है। यह केवल आयुध डिपो के प्रतिबंधित क्षेत्र में ही नहीं, पूरे शहर में हो रहा है। इसी को लेकर मंगलवार को टास्क फोर्स की बैठक भी आयोजित हुई, लेकिन इसमें भी तोड़फोड़ की रिकवरी पर ही अधिक फोकस रहा।
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शहर में नहीं रुक रहा अवैध निर्माण
शहर में लाख कोशिशों के बाद भी अवैध निर्माण नहीं रुक पा रहा है। डीटीपी लगातार ऐसे निर्माण के खिलाफ कार्रवाई भी कर रहा है, फिर ऐसे लोगों में कतई खौफ नजर नहीं आता। इसके लिए कई विभागों की जिम्मेदारियां भी तय है। सबसे पहली जिम्मेदारी नगर निगम की है। बताया जाता है कि निगम अधिकारियों की मिलीभगत से ही शहर में अवैध निर्माण का खेल चल रहा है। पिछले दो दिन पहले ही इसकी एक बड़ी रोचक बानगी भी दिखी। उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने टास्क फोर्स की बैठक में हैरानी जताई और अधिकारियों को शुरुआती दौर में ही अवैध निर्माण रोकने के लिए गंभीरता से कार्य करने की नसीहत दी।
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...जब एक्सईएन ने कर दिया मना :
शहर के साथ ही आयुश डिपो के प्रतिबंधित क्षेत्र में निर्माण किसी भी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता। निगम की ओर से इसके लिए बाकायदा अधिकारी तैनात किए गए हैं। पूरे एरिया को तीन पॉकेट में बांट पर अलग-अलग अधिकारियों को निर्माण रोकने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पॉकेट बी के लिए तैनात एक्सईएन तुषार यादव की लापरवाही से धड़ाधड़ अवैध निर्माण किया जा रहा है। इसकी जानकारी पर संयुक्त आयुक्त ने जब उनसे स्पष्टीकरण मांगा तो उन्होंने यह कार्य करने में सक्षम नहीं होने की बात कह कर साफ कर दिया कि वह काम नहीं कर सकता। अब निगम ने एक्सईएन को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा है। इस मामले को निगम केवल अधिकारियों की अवमानना का मामला मान रहा है।
यहां बड़े स्तर पर हो रहा अवैध निर्माण
सरस्वती कुंज और डीएलएफ फेज-3 में बड़े स्तर पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। यहां अवैध रूप से मकान और अतिरिक्त फ्लोर बनाए जा रहे हैं। टास्क फोर्स की बैठक में इन दोनों जगह पर हो रहे निर्माण का मसला प्रमुखता से उठा जिस पर उपायुक्त ने इनके खिलाफ सख्ती से निपटने और एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही डीटीपी अधिकारियों को निर्माण कर्ताओं को तत्काल नोटिस देने को कहा।