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Gurugram News: अवैध भवन पर लगी सील तोड़ने का आरोप नहीं हुआ साबित, तीन महिलाएं बरी
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गुरुग्राम। अवैध भवन पर लगी नगर निगम की सील तोड़कर निर्माण करने के मामले में जिला अदालत ने तीन आरोपी महिलाओं को बरी कर दिया है। यह आदेश ज्यूडीशिलय मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास दीपक यादव की अदालत ने दिया है। नगर निगम की शिकायत पर सेक्टर-14 थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
नगर निगम गुरुग्राम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि नगर निगम के जोन-दो ने अवैध भवन पर सील लगाई थी। सील को तोड़कर वहां पर निर्माण किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि अभियोजन पक्ष की तरफ से दी गई फोटो में यह साबित नहीं हो रहा कि किस भवन को सील किया गया था और किसने वह सील तोड़ी थी। 2015 से 2019 के बीच में 106 लोगों के खिलाफ शिकायत दी गई थी। नगर निगम की शिकायत के 14 महीने बाद मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंजू ढींगरा, दीपा पाहुजा और शशि को बरी कर दिया है। ब्यूरो
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नगर निगम गुरुग्राम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि नगर निगम के जोन-दो ने अवैध भवन पर सील लगाई थी। सील को तोड़कर वहां पर निर्माण किया गया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि अभियोजन पक्ष की तरफ से दी गई फोटो में यह साबित नहीं हो रहा कि किस भवन को सील किया गया था और किसने वह सील तोड़ी थी। 2015 से 2019 के बीच में 106 लोगों के खिलाफ शिकायत दी गई थी। नगर निगम की शिकायत के 14 महीने बाद मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंजू ढींगरा, दीपा पाहुजा और शशि को बरी कर दिया है। ब्यूरो
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