{"_id":"6a218773cdf46ff06f04e7a6","slug":"the-book-was-launched-under-the-shade-of-a-peepal-tree-by-planting-a-sapling-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-90308-2026-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: पौधे लगाकर किया पीपल की छांव में पुस्तक का लोकार्पण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: पौधे लगाकर किया पीपल की छांव में पुस्तक का लोकार्पण
विज्ञापन
पेंगुइन और गीव मी ट्रीज की टीम ने लगाए 100 पौधे, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। देशभर में ढाई करोड़ से अधिक पौधे लगा चुके पर्यावरणविद स्वामी प्रेम परिवर्तन की पुस्तक पीपल की छांव में का लोकार्पण बृहस्पतिवार को अरावली में पौधे लगाकर किया गया। पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पेंगुइन और गीव मी ट्रीज की टीम ने संयुक्त रूप से करीब 100 पौधे लगाए। पीपल की छांव में पुस्तक का प्रकाशन पेंगुइन स्वदेश ने किया है। पीपल बाबा के नाम से चर्चित स्वामी प्रेम परिवर्तन ने अपना जीवन ही पेड़-पौधों के लिए समर्पित कर दिया है।
स्वामी प्रेम परिवर्तन ने पौधे लगाने की अपने जीवन की करीब 50 वर्षों की यात्रा को किताब में लिखा है, जिसे पीपल की छांव में नाम से प्रकाशित किया गया है। पीपल बाबा ने पौधों के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब आप कोई पौधा जमीन में रोपते हैं तो आप केवल एक पौधा नहीं लगाते, बल्कि एक नई दुनिया का निर्माण करते हैं।
पीपल बाबा ने कहा है कि आधुनिकता की दौड़ में हम अपनी जड़ों से दूर होते जा रहे हैं। हमें बच्चों को मिट्टी से जोड़ते हुए पेड़-पौधों के महत्त्व के बारे में अवगत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीपल केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि जीवन, ऊर्जा और चेतना का स्रोत है। पीपल बाबा ने पेंगुइन फॉरेस्ट स्थापित करने की घोषणा करते हुए कहा कि वे प्रदेश सरकार से मिलकर एक जगह चिह्नित करेंगे, जहां पेंगुइन फॉरेस्ट स्थापित किया जाएगा। इस फॉरेस्ट में पेड़ों के बीच पुस्तकों का अनूठा संयोजन होगा। इस अवसर पर पेंगुइन प्रकाशन की प्रकाशक वैशाली माथुर व उनकी टीम, गीव मी ट्रीज की ओर से अखंड दीक्षित, इस्तियाक अहमद व विशाल अहलावत सहित अन्य वॉलिंटियर उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। देशभर में ढाई करोड़ से अधिक पौधे लगा चुके पर्यावरणविद स्वामी प्रेम परिवर्तन की पुस्तक पीपल की छांव में का लोकार्पण बृहस्पतिवार को अरावली में पौधे लगाकर किया गया। पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पेंगुइन और गीव मी ट्रीज की टीम ने संयुक्त रूप से करीब 100 पौधे लगाए। पीपल की छांव में पुस्तक का प्रकाशन पेंगुइन स्वदेश ने किया है। पीपल बाबा के नाम से चर्चित स्वामी प्रेम परिवर्तन ने अपना जीवन ही पेड़-पौधों के लिए समर्पित कर दिया है।
स्वामी प्रेम परिवर्तन ने पौधे लगाने की अपने जीवन की करीब 50 वर्षों की यात्रा को किताब में लिखा है, जिसे पीपल की छांव में नाम से प्रकाशित किया गया है। पीपल बाबा ने पौधों के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब आप कोई पौधा जमीन में रोपते हैं तो आप केवल एक पौधा नहीं लगाते, बल्कि एक नई दुनिया का निर्माण करते हैं।
विज्ञापन
पीपल बाबा ने कहा है कि आधुनिकता की दौड़ में हम अपनी जड़ों से दूर होते जा रहे हैं। हमें बच्चों को मिट्टी से जोड़ते हुए पेड़-पौधों के महत्त्व के बारे में अवगत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीपल केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि जीवन, ऊर्जा और चेतना का स्रोत है। पीपल बाबा ने पेंगुइन फॉरेस्ट स्थापित करने की घोषणा करते हुए कहा कि वे प्रदेश सरकार से मिलकर एक जगह चिह्नित करेंगे, जहां पेंगुइन फॉरेस्ट स्थापित किया जाएगा। इस फॉरेस्ट में पेड़ों के बीच पुस्तकों का अनूठा संयोजन होगा। इस अवसर पर पेंगुइन प्रकाशन की प्रकाशक वैशाली माथुर व उनकी टीम, गीव मी ट्रीज की ओर से अखंड दीक्षित, इस्तियाक अहमद व विशाल अहलावत सहित अन्य वॉलिंटियर उपस्थित रहे।
विज्ञापन