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Gurugram News: पांच गांवों की उम्मीद बना पशु अस्पताल खुद बीमार

Sat, 18 Apr 2026 01:19 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 18 Apr 2026 01:19 AM IST
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The Animal Hospital Itself Is Sick
खंडहर पशु अस्पताल व खंडहर अस्पताल में ग्रामीणों द्वारा लगाए गए उपले - फोटो : नगर निगम में धरने पर बैठे पार्षद एव लक्ष्मीनगर के लोग। संवाद
-नीमखेड़ा गांव में वर्षों से खंडहर पड़ा है अस्पताल का भवन
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-निजी मकानों में पशुओं का इलाज कर रहे चिकित्सक
-ग्रामीणों ने की भवन के दोबारा से निर्माण की मांग

सद्दाम हुसैन
पिनगवां । सरकार भले ही ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा देकर किसानों और पशुपालकों की आय दोगुनी करने के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। जिले के नीमखेड़ा गांव में पांच गांवों के पशुओं के इलाज के लिए बनाया गया पशु अस्पताल वर्षों से जर्जर पड़ा है। पशु चिकित्सक वर्षों से खंडहर बने इस अस्पताल के लिए नए भवन की उम्मीद में हैं ।
मजबूरी में पशु चिकित्सक एक निजी घर में बैठकर पशुओं का उपचार कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला ने करीब 4 हजार की आबादी वाले नीमखेड़ा गांव में स्थित पशु अस्पताल का निरीक्षण किया तो अस्पताल की तस्वीर बेहद चिंताजनक मिली। अस्पताल के कमरे जर्जर होकर टूट चुके हैं, छतों में दरारें हैं और परिसर में गंदगी पसरी हुई है। हालत इतनी खराब है कि अस्पताल परिसर को ग्रामीणों ने उपले और अन्य सामान रखने की जगह बना लिया है। भवन की हालत देखकर साफ नजर आता है कि वर्षों से इसकी कोई सुध नहीं ली गई।
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पांच गांवों के पशुपालकों का है सहारा :
ग्रामीणों ने बताया कि यह पशु अस्पताल केवल नीमखेड़ा ही नहीं बल्कि डोंडल, रानोता, मानोता और गोकलपुर समेत पांच गांवों के पशुपालकों की सुविधा के लिए बनाया गया था। इन गांवों की बड़ी आबादी पशुपालन पर निर्भर है और पशु ही उनके परिवार की आय का मुख्य साधन हैं। लेकिन अस्पताल भवन न होने से बीमार पशुओं के इलाज के लिए परेशानी होती है।
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बोले ग्रामीण :
ग्रामीण हक्कर, जावेद, आरिफ, हसन मोहम्मद, अब्दुल, सलीम, जफरू और फजरू ने बताया कि पशु चिकित्सक निजी मकान में बैठकर सेवाएं दे रहे हैं। डॉक्टर अपनी ओर से पशुओं को राहत देने की पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन अस्पताल भवन और आवश्यक सुविधाओं के अभाव में बेहतर इलाज संभव नहीं हो पाता। कई बार गंभीर हालत में पशुओं को समय पर उपचार नहीं मिल पाता, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
……..
पंचायत नए पशु अस्पताल के निर्माण के लिए जमीन देने को पूरी तरह तैयार है। इस संबंध में कई बार प्रशासन को पत्र भी लिखे गए, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। फिलहाल पंचायत की ओर से पशु चिकित्सकों के बैठने और पशुओं के इलाज के लिए निजी स्थान उपलब्ध कराया गया है।

-साकिर खान सरपंच प्रतिनिधि, नीमखेड़ा
…….
नए पशु अस्पताल भवन के लिए विभाग की ओर से कई बार सरपंच को जमीन उपलब्ध कराने हेतु पत्र लिखा गया है। सरपंच की तरफ से भेजा गया प्रस्ताव पूर्व में अस्वीकृत हो चुका है। फिलहाल टीम एक निजी घर में बैठकर सेवाएं दे रही है। विभाग की ओर से सभी गांवों में पशुओं को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. राजकुमार वेटनरी सर्जन पशुपालन विभाग
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