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Gurugram News: निर्माण कार्य शुरू करने की मांग पर किसानों व प्रशासन में तनातनी

Tue, 11 Mar 2025 12:49 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 11 Mar 2025 12:49 AM IST
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Tension between farmers and administration over the demand to start construction work
- निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए पहुंची प्रशासन की टीम विरोध के बाद लौटी
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- बोले किसान- मांगें पूरी होने तक नहीं होने देंगे काम
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। आईएमटी रोजका मेव में सोमवार को प्रशासन और धरना कर रहे किसानों के बीच दिनभर तनातनी रही। आईएमटी में किसानों द्वारा रोके गए निर्माण कार्य को फिर से शुरू करवाने पहुंचे प्रशासन के अधिकारियों और पुलिस को विरोध के बाद वापस लौटना पड़ा। निर्माण कार्य शुरू करने के लिए प्रशासन द्वारा भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। किसानोंं का कहना था कि मांगें पूरी न होने तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
बता दें कि 2010 में हुड्डा सरकार ने जिले में आईएमटी स्थापित करने के लिए 9 गांव खेड़ली कंकर, मेहरोला, बडेलाकी, कंवरसीका, रोजकामेव, धीरदोका, रूपाहेड़ी, खोड (बहादरी) और रेवासन के किसानों की 1600 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की थी। जिसके बाद आईएमटी रोजका मेव के नाम से स्थापित कर दी। सरकार ने जमीन के एवज में किसानों को 25 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा राशि दी। इस पर किसानों ने वर्ष 2011 में मुआवजा राशि बढ़वाने के लिए धरना शुरू कर दिया, कई दौर की बातचीत के बाद वर्ष 2012 में दिल्ली-अलवर रोड को जाम करने पर समझौता हुआ और 46 लाख रुपये की मुआवजा राशि देने का आश्वासन दिया गया। किसानों को 21 लाख रुपये के चेक देते समय उनको 25 लाख रुपये की दूसरी किस्त देने का वादा किया गया। किसानों ने जब 25 लाख रुपये की अपनी दूसरी किस्त मांगी तो वह नहीं मिली। दीन मोहम्मद नंबरदार, मोहमद एसपी पूर्व सरपंच, हाफिज सिराजूदीन, जाहिद पूर्व सरपंच, इरफान, उस्मान आदि ने कहा कि जब उनके मुआवजे की बकाया राशि 25 लाख को ब्याज सहित तथा लिए गए हलफनामे काे निरस्त नहीं किया जाएगा, तब तक वे निर्माण कार्य नहीं करने देंगे। इस संबंध में प्रशासन के अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका। वहीं, एचएसआईडीसी की शिकायत पर रोजकामेव थाना पुलिस ने किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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भाजपा सरकार ने करवाया धरना खत्म :
2014 में प्रदेश में सरकार बदली और तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आश्वासन के बाद किसानों ने 2015 में अपना धरना समाप्त कर दिया। किसानों को आश्वासन मिला कि उनकी बकाया राशि दे दी जाएगी। इस दौरान सरकार ने आईएमटी रोजका मेव की करीब 600 एकड़ जमीन जापान की एक बैटरी निर्माता कंपनी को देकर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया था। निर्माण कार्य शुरू होते ही किसानों ने अपने आंदोलन को तेज करते हुए कई बार काम रुकवा दिया, जिसे लेकर सरकार व प्रशासन के साथ कई दौर की वार्ता भी हुई लेकिन सहमति नहीं बनी। 13 अगस्त 2024 से किसानों ने कंपनी के निर्माण कार्य को पूरी तरह से बंद करवा दिया। इस दौरान कई बार निर्माण कार्य शुरु करने का प्रयास प्रशासन के सहयोग से किया गया, लेकिन हर बार किसानों ने कार्य शुरू नहीं होने दिया।
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तय किए थे ड्यूटी मजिस्ट्रेट:
सोमवार से काम शुरू करवाने के लिए उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने इंडरी के नायब तहसीलदार और बीडीपीओ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर निर्माण कार्य शुरू करवाने के आदेश जारी किए थे। इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था। सोमवार को जब कंपनी ने निर्माण कार्य शुरू करने का प्रयास किया तो किसानों ने बड़ी संख्या में महिला, बच्चों, बुजुर्गों व युवाओं के साथ पहुंचकर निर्माण कार्य को शुरू नहीं होने दिया। आंदोलन के दौरान एक महिला बेहोश हो गई। जिसे परिजनों ने अस्पताल पहुंचाया।
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