Bharat Jodo Yatra: राहुल गांधी की जासूसी का आरोप लगा सोहना थाने में दी तहरीर, उत्तराखंड के नेता ने दी शिकायत
पकड़े गए दोनों लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया। पुलिस ने दोनों से आई कार्ड मांगा तो वह दिखा नहीं सके। सीआरपीएफ कमांडर मनोज यादव भी मौके पर ही थे। मामला चूंकि राहुल गांधी की सुरक्षा और जासूसी से जुड़ा था। ऐसे में पुलिस दोनों व्यक्तियों को अपने साथ थाने ले गई।
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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में बिना अनुमति कैंप में घुसने का मामला सामने आया है। उत्तराखंड के एक कांग्रेसी ने दो संदिग्ध युवकों को दबोचकर स्थानीय पुलिस के हवाले करते हुए उन पर राहुल गांधी की जासूसी करने का आरोप लगाया। पुलिस ने पूछताछ के बाद पकडे़ गए युवकों के तीसरे साथी को भी थाने बुला लिया। बाद में पता चला कि उपरोक्त तीनों ही व्यक्ति पुलिस विभाग से ही हैं। फिलहाल पुलिस ने तीनों को छोड़ दिया है। आलाधिकारी मामले की जांच किए जाने की बात कर रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने राहुल गांधी की जासूसी की बात को सिरे से नकार दिया है।
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल उत्तराखंड के देहरादून निवासी वैभव वालिया ने बताया कि 23 दिसंबर को सोहना क्षेत्र में भारत जोड़ो टीम की एक सदस्या किसी कारणवश सुबह की यात्रा में शामिल नहीं हो सकी थी। वह अपने कंटेनर में मौजूद थी। इसी दौरान उसने कंटेनर के बाहर कुछ लोगों की आवाज सुनी। जिसके बाद किसी ने उसके कंटेनर के दरवाजे को किसी ने खींचकर खोलने की कोशिश की। लेकिन, अंदर से दरवाजा बंद होने के चलते वह दरवाजा नहीं खोल सका।
आरोप है कि इस बीच उन्हें पास के ही अन्य कंटेनर से आवाजें आई तो वह बाहर निकली। एक व्यक्ति उस कंटेनर के बाहर खड़ा था और एक व्यक्ति सीढि़यों से उतर रहा था। टीम की सदस्या ने जब उस व्यक्ति से पूछताछ की तो उसने कुछ भी नहीं बताया। इसी दौरान एक और व्यक्ति उस कंटेनर से बाहर निकला, उसने कुछ छुपा भी रखा था। जिस पर टीम की सदस्या महिला ने उसको पकड़ लिया। आरोपी हाथ छुड़ाकर भागने लगा तो महिला ने शोर मचा दिया। इसके बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने दो लोगों को पकड़ लिया, जबकि उनका तीसरा साथी भाग निकला।
पकड़े गए दोनों लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया। पुलिस ने दोनों से आई कार्ड मांगा तो वह दिखा नहीं सके। सीआरपीएफ कमांडर मनोज यादव भी मौके पर ही थे। मामला चूंकि राहुल गांधी की सुरक्षा और जासूसी से जुड़ा था। ऐसे में पुलिस दोनों व्यक्तियों को अपने साथ थाने ले गई। बाद में उनके तीसरे साथी को भी पकड़ लिया गया। पूछताछ में पता चला कि हिरासत में लिए गए तीनों आरोपी पुलिसकर्मी ही हैं। वह सीआरपीएफ जवान की अनुमति के बाद ही कैंप में दाखिल हुए थे। फिलहाल पुलिस ने तीनों को छोड़ दिया है। हालांकि अधिकारी मामले की जांच की बात कह रहे हैं।
- कला रामचंद्रन, पुलिस आयुक्त गुरुग्राम