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Gurugram News: तावडू के किसानों को सुप्रीम राहत, 92.62 लाख रुपये प्रति एकड़ ही मिलेगा मुआवजा
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हुडा द्वारा अधिकृत 360 एकड़ भूमि के केस में सुप्रीम कोर्ट ने किसानों को दी राहत
वर्ष 2011 में सेक्टर निर्माण हेतु हुआ था भूमि का अधिग्रहण, फैसला आने के बाद किसानों ने जताई खुशी
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। नगर में सेक्टर निर्माण हेतु हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) की ओर से वर्ष 2011 में अधिग्रहित की गई 360 एकड़ भूमि के केस में सुप्रीम कोर्ट ने किसानों को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम अदालत ने जिला अदालत के आदेश को ही बरकरार रखते हुए किसानों के पक्ष में आदेश दिया। आदेश के अनुसार अब प्रभावित किसानों को 92.62 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से ही मुआवजा मिलेगा। साथ ही 30 प्रतिशत हर्जाना और 12 प्रतिशत अतिरिक्त अन्य बिंदुओं पर भी भुगतान किया जाएगा।
क्षेत्र के किसान शीशपाल किसान सीटू शर्मा, कुलभूषण, राजेश और रज्जू ने संयुक्त रूप से बताया कि वर्ष 2011 में तावडू नगर में हुडा द्वारा सेक्टर निर्माण हेतु 45 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से 600 किसानों की करीब 360 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया था। मुआवजा राशि से असंतुष्ट किसानों ने नूंह के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के पास याचिका दायर की। जिस पर लंबी सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला न्यायाधीश विमल सपरा ने वर्ष 2017 को 92.62 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देने के आदेश दिए थे। इस आदेश के विरुद्ध हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण हाईकोर्ट पहुंच गया। जहां पर फैसला हुडा के पक्ष में आया।
हाईकोर्ट के फैसले के विरुद्ध किसान सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। करीब आठ साल की लंबी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, नूंह के फैसले पर ही मोहर लगाते हुए किसानों को 92.62 लाख रुपये प्रति एकड़ की मुआवजा राशि देने का आदेश दे दिया। आदेश के तबाद लंबी लड़ाई लड़ने वाले किसानों के चेहरे इस जीत की खुशी से खिल उठे हैं। किसानों का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें जमीन का सही मुआवजा मिलेगा। न्याय व्यवस्था पर हम लोगों को पूरा भरोसा है।
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वर्ष 2011 में सेक्टर निर्माण हेतु हुआ था भूमि का अधिग्रहण, फैसला आने के बाद किसानों ने जताई खुशी
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। नगर में सेक्टर निर्माण हेतु हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) की ओर से वर्ष 2011 में अधिग्रहित की गई 360 एकड़ भूमि के केस में सुप्रीम कोर्ट ने किसानों को बड़ी राहत दी है। सुप्रीम अदालत ने जिला अदालत के आदेश को ही बरकरार रखते हुए किसानों के पक्ष में आदेश दिया। आदेश के अनुसार अब प्रभावित किसानों को 92.62 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से ही मुआवजा मिलेगा। साथ ही 30 प्रतिशत हर्जाना और 12 प्रतिशत अतिरिक्त अन्य बिंदुओं पर भी भुगतान किया जाएगा।
क्षेत्र के किसान शीशपाल किसान सीटू शर्मा, कुलभूषण, राजेश और रज्जू ने संयुक्त रूप से बताया कि वर्ष 2011 में तावडू नगर में हुडा द्वारा सेक्टर निर्माण हेतु 45 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से 600 किसानों की करीब 360 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया था। मुआवजा राशि से असंतुष्ट किसानों ने नूंह के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के पास याचिका दायर की। जिस पर लंबी सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला न्यायाधीश विमल सपरा ने वर्ष 2017 को 92.62 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देने के आदेश दिए थे। इस आदेश के विरुद्ध हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण हाईकोर्ट पहुंच गया। जहां पर फैसला हुडा के पक्ष में आया।
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हाईकोर्ट के फैसले के विरुद्ध किसान सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। करीब आठ साल की लंबी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, नूंह के फैसले पर ही मोहर लगाते हुए किसानों को 92.62 लाख रुपये प्रति एकड़ की मुआवजा राशि देने का आदेश दे दिया। आदेश के तबाद लंबी लड़ाई लड़ने वाले किसानों के चेहरे इस जीत की खुशी से खिल उठे हैं। किसानों का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें जमीन का सही मुआवजा मिलेगा। न्याय व्यवस्था पर हम लोगों को पूरा भरोसा है।
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