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Gurugram News: यूट्यूब-टेलीग्राम लेक्चर से हासिल की नीट में सफलता
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यूट्यूब-टेलीग्राम लेक्चर से हासिल की नीट में सफलता
ऑल इंडिया में 2782वीं रैंक के साथ मुकुल सिंगला ने पास की परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
सोहना। राजकीय मॉर्डन संस्कृति बाल विद्यालय के छात्र मुकुल सिंगला ने यूट्यूब और टेलीग्राम लेक्चर की मदद से पहले प्रयास में नीट की परीक्षा पास की। मुकुल ने ऑल इंडिया में 2872वीं रैंक हासिल की है। आर्थिक रूप से पिछड़े (ईडब्लुएस) वर्ग में मुकुल को 251वीं रैंक मिली है। वह दिल्ली एम्स में दाखिला लेकर डॉक्टर बनना चाहते हैं।
मुकुल ने बताया कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अपनी जरूरत के अनुसार करते थे। वह चैट प्लेटफार्म व्हाट्सऐप का इस्तेमाल भी अपने सवालों के समाधान जानने के लिए करते थे। टेलीग्राम पर विषय विशेषज्ञों के चैनल से जुड़े हुए थे। वहां लेक्चर देख कर वह कई समस्याओं को हल करने में सफल रहे। यूट्यूब पर भी कई फ्री लेक्चर देखकर वह अपनी समस्याओं का समाधान ढूंढ लेते थे। मुकुल के पिता बृज मोहन सिंगला मिठाई के डिब्बों का व्यापार करते हैं। मां सुमन गृहणी हैं। मुकुल के बड़े भाई पुणे से इंजीनियरिंग कर रहे हैं। स्कूल प्रधानाचार्य सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि यह स्कूल के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।
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रात को शेड्यूल बनाकर करते दिन की तैयारी
मुकुल अपनी दिनचर्या में थकावट को दूर करने के लिए बास्केटबॉल खेलते हैं। साथ ही पूरे दिन का प्रबंधन करने के लिए एक रात पहले शेड्यूल बना लेते थे । इसमें स्कूल टाइम के अलावा पूरे दिन लेक्चर, प्रैक्टिस शामिल है।
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ऑल इंडिया में 2782वीं रैंक के साथ मुकुल सिंगला ने पास की परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
सोहना। राजकीय मॉर्डन संस्कृति बाल विद्यालय के छात्र मुकुल सिंगला ने यूट्यूब और टेलीग्राम लेक्चर की मदद से पहले प्रयास में नीट की परीक्षा पास की। मुकुल ने ऑल इंडिया में 2872वीं रैंक हासिल की है। आर्थिक रूप से पिछड़े (ईडब्लुएस) वर्ग में मुकुल को 251वीं रैंक मिली है। वह दिल्ली एम्स में दाखिला लेकर डॉक्टर बनना चाहते हैं।
मुकुल ने बताया कि वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अपनी जरूरत के अनुसार करते थे। वह चैट प्लेटफार्म व्हाट्सऐप का इस्तेमाल भी अपने सवालों के समाधान जानने के लिए करते थे। टेलीग्राम पर विषय विशेषज्ञों के चैनल से जुड़े हुए थे। वहां लेक्चर देख कर वह कई समस्याओं को हल करने में सफल रहे। यूट्यूब पर भी कई फ्री लेक्चर देखकर वह अपनी समस्याओं का समाधान ढूंढ लेते थे। मुकुल के पिता बृज मोहन सिंगला मिठाई के डिब्बों का व्यापार करते हैं। मां सुमन गृहणी हैं। मुकुल के बड़े भाई पुणे से इंजीनियरिंग कर रहे हैं। स्कूल प्रधानाचार्य सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि यह स्कूल के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।
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रात को शेड्यूल बनाकर करते दिन की तैयारी
मुकुल अपनी दिनचर्या में थकावट को दूर करने के लिए बास्केटबॉल खेलते हैं। साथ ही पूरे दिन का प्रबंधन करने के लिए एक रात पहले शेड्यूल बना लेते थे । इसमें स्कूल टाइम के अलावा पूरे दिन लेक्चर, प्रैक्टिस शामिल है।
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