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Gurugram News: हड़ताली कर्मचारियों को मिल रहा समर्थन
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नगर निगम सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 36वें दिन भी जारी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम के कर्मचारियों की 36 दिन से जारी हड़ताल को बृहस्पतिवार को सामाजिक न्याय पंचायत का समर्थन मिला। पुराने नगर निगम कार्यालय में इकाई प्रधान बसंत कुमार की अध्यक्षता में यह पंचायत आयोजित हुई। इसमें विभिन्न सामाजिक, जन संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया।
पंचायत का संचालन भगवान वाल्मीकि समाज कल्याण सभा नई बस्ती के प्रधान जुगेश कुमार सारवान ने किया। कांग्रेस, आजाद समाज पार्टी, भारत मुक्ति मोर्चा, आम आदमी पार्टी और सीटू सहित कई संगठनों के नेता मौजूद रहे। सभी ने 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र उपायुक्त कार्यालय पर होने वाली जन महापंचायत में शामिल होने का विश्वास दिलाया। राज्य उप प्रधान बसंत कुमार ने बताया कि गुरुग्राम जिले से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कुरुक्षेत्र जाएंगे। उन्होंने हरियाणा सरकार से टर्मिनेशन के कारण शहीद हुए दो कर्मचारियों के परिवारों को उचित मुआवजा और पक्की नौकरी देने की मांग की।
कर्मचारी नेता ने सफाई कर्मचारियों की गिरफ्तारी, निलंबन और टर्मिनेशन रद्द करने की भी मांग की। उन्होंने कर्मचारियों पर दर्ज झूठे पुलिस मुकदमों को भी रद्द करने की बात कही। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने फायर, सफाई और सीवरमैन कर्मचारियों को जारी कारण बताओ नोटिस और निलंबन आदेशों का विरोध किया। संघ ने सरकार से आंदोलन को दबाने के बजाय बातचीत से समाधान निकालने की अपील की।
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सरकार पर गुमराह करने और दमन का आरोप
बसंत कुमार ने आरोप लगाया कि स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी कर्मचारियों व जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री समाचार चैनलों पर 12 से 14 मांगें मानने का दावा कर रहे हैं, जबकि कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य सचिव जोगिंदर करोथा ने सरकार पर पुलिस बल से कर्मचारियों को डराने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि शहरों में कूड़ा उठाने और सफाई करवाने के सरकारी प्रयास विफल रहे हैं। संघ ने हड़ताल के दौरान कूड़ा उठान और सफाई व्यवस्था पर हुए खर्चों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम के कर्मचारियों की 36 दिन से जारी हड़ताल को बृहस्पतिवार को सामाजिक न्याय पंचायत का समर्थन मिला। पुराने नगर निगम कार्यालय में इकाई प्रधान बसंत कुमार की अध्यक्षता में यह पंचायत आयोजित हुई। इसमें विभिन्न सामाजिक, जन संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया।
पंचायत का संचालन भगवान वाल्मीकि समाज कल्याण सभा नई बस्ती के प्रधान जुगेश कुमार सारवान ने किया। कांग्रेस, आजाद समाज पार्टी, भारत मुक्ति मोर्चा, आम आदमी पार्टी और सीटू सहित कई संगठनों के नेता मौजूद रहे। सभी ने 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र उपायुक्त कार्यालय पर होने वाली जन महापंचायत में शामिल होने का विश्वास दिलाया। राज्य उप प्रधान बसंत कुमार ने बताया कि गुरुग्राम जिले से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कुरुक्षेत्र जाएंगे। उन्होंने हरियाणा सरकार से टर्मिनेशन के कारण शहीद हुए दो कर्मचारियों के परिवारों को उचित मुआवजा और पक्की नौकरी देने की मांग की।
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कर्मचारी नेता ने सफाई कर्मचारियों की गिरफ्तारी, निलंबन और टर्मिनेशन रद्द करने की भी मांग की। उन्होंने कर्मचारियों पर दर्ज झूठे पुलिस मुकदमों को भी रद्द करने की बात कही। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने फायर, सफाई और सीवरमैन कर्मचारियों को जारी कारण बताओ नोटिस और निलंबन आदेशों का विरोध किया। संघ ने सरकार से आंदोलन को दबाने के बजाय बातचीत से समाधान निकालने की अपील की।
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सरकार पर गुमराह करने और दमन का आरोप
बसंत कुमार ने आरोप लगाया कि स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी कर्मचारियों व जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री समाचार चैनलों पर 12 से 14 मांगें मानने का दावा कर रहे हैं, जबकि कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य सचिव जोगिंदर करोथा ने सरकार पर पुलिस बल से कर्मचारियों को डराने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि शहरों में कूड़ा उठाने और सफाई करवाने के सरकारी प्रयास विफल रहे हैं। संघ ने हड़ताल के दौरान कूड़ा उठान और सफाई व्यवस्था पर हुए खर्चों की निष्पक्ष जांच की मांग की।