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बहाली के आश्वासन पर बुधवार तक के लिए टली हड़ताल

Fri, 10 Sep 2021 11:09 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 10 Sep 2021 11:09 PM IST
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Strike postponed till Wednesday on assurance of restoration
गुरुग्राम। निगमायुक्त मुकेश कुमार आहूजा के आश्वासन पर निगम कार्यालय परिसर में चल रहा कर्मचारियों का धरना बुधवार तक के लिए टल गया है। निगमायुक्त ने बुधवार शाम तक उनकी मांगों का समाधान करने का आश्वासन दिया है। इसमें मुख्य रूप से अधीक्षण अभियंता रमेश शर्मा की निलंबन की बहाली की मांग शामिल है। निगम के कर्मचारी शुक्रवार सुबह से ही घरनास्थल पर पहुंच गए थे।
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सेक्टर-34 निगम कार्यालय परिसर में शुक्रवार सुबह 9 बजे से ही एसई के निलंबन के विरोध में निगम के कर्मचारियों ने सरकार व निगम प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसके बाद निगमायुक्त व कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के बीच तीन दौर की बातचीत हुई तथा निगमायुक्त के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने धरना स्थगित करने का निर्णय लिया। धरना स्थल पर जाकर निगमायुक्त ने कर्मचारियों को बुधवार शाम तक मांगों का समाधान करने का आश्वासन दिया।
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अधिकारियों और यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बैठक
इससे पहले विभिन्न यूनियन के प्रतिनिधियों, निगम के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के दौरान निगमायुक्त ने कहा कि नगर निगम का दायित्व आमजन को सुविधाएं मुहैया करवाना है। हमारा यही प्रयास होना चाहिए कि नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का पक्ष जानने के बाद कहा कि बैठकों में हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 के प्रावधानों के अनुसार सदस्यों की सहभागिता होनी चाहिए। अधिकारियों व कर्मचारियों से कार्यालयों में मर्यादा बनाए रखने व जनप्रतिनिधियों को पूरा सम्मान देने के निर्देश हैं।
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निगमायुक्त सरकार को भेजेंगे रिपोर्ट
अब निगमायुक्त की रिपोर्ट के आधार पर ही एसई की निलंबन बहाली के बारे में सरकार उचित निर्णय लेगी। शुक्रवार को मुकेश कुमार आहूजा ने कहा कि यूनियन के प्रतिनिधि अपना पक्ष लिखित में दें। उन्होंने बैठक में मौजूद निगम पार्षदों से भी लिखित में अपना पक्ष देने का अनुरोध किया। निगमायुक्त ने बताया कि दोनों पक्षों को जानने के बाद अपनी टिप्पणी लगाकर वह पूरी रिपोर्ट सरकार को भेजेंगे।

पार्षद भी दो खेमों में बंटे
एसई के निलंबन के मामले में पार्षद भी दो खेमों में बंटे हुए दिखाई दे रहे हैं, लेकिन पार्षद खुलकर बोलने से भी बच रहे हैं। बुधवार को गृह मंत्री अनिल विज से मुलाकात के दौरान भी कई निगम पार्षद नजर नहीं आए थे। इस बारे में निगम पार्षद अश्विनी शर्मा ने कहा कि नगर निगम गुरुग्राम एक परिवार है तथा परिवार के सभी सदस्यों को साथ मिलकर शहर के विकास में अपनी भूमिका अदा करनी है। किसी भी सदस्य को एक-दूसरे के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। पार्षद अनूप सिंह ने भी कुछ इसी तरह की राय जाहिर की। मालूम हो कि इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों का आरोप है कि मेयर व उनके पति-बच्चे तथा पार्षद पति उनसे अभद्रता करते हैं और कई बार तो गाली-गलौच पर भी उतारू हो जाते हैं।
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