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Gurugram News: एसटीपी की जांच के लिए सख्ती, नियम तोड़ने वाली सोसायटियों पर होगी कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। नगर निगम पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए टीमें बनाकर सोसाइटी, होटल और मॉल में लगे एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की जांच कराएगा। ये टीमें देखेंगी कि एसटीपी ठीक से काम कर रहा है या नहीं और साफ किया हुआ पानी आखिर कहां छोड़ा जा रहा है। हाल ही में ओरिस सोसाइटी के एसटीपी की जांच करने पर कई कमियां पाई गईं थीं। सोसाइटी मैनेजमेंट ने एसटीपी का पानी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम में डाल दिया था, जिससे भूजल खराब हो रहा था। इसी वजह से निगम ने सभी सोसाइटियों के एसटीपी की जांच कराने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो कार्रवाई होगी।
बता दें कि मानेसर नगर निगम क्षेत्र में 76 सोसाइटियां बनीं हैं। सभी में परिसर में एसटीपी लगाना और उसमें साफ किए गए पानी का इस्तेमाल ग्रीन बेल्ट और फ्लश में इस्तेमाल करना जरूरी है लेकिन कई सोसाइटियां इन नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। वे ट्रीटेड पानी का उपयोग करने के बजाय उसे खुले में या टैंकरों के जरिए खाली जमीन और नालों में फेंक रही हैं, जिससे बदबू और प्रदूषण फैल रहा है। नगर निगम मानेसर के एक्सईएन निजेश ने बताया कि पानी की बिगड़ती गुणवत्ता को सुधारने के लिए नया कदम उठाया गया है। अब टीमें बनाकर सोसाइटी, होटल और मॉल में लगे एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की जांच की जाएगी।
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मानेसर। नगर निगम पानी की गुणवत्ता सुधारने के लिए टीमें बनाकर सोसाइटी, होटल और मॉल में लगे एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की जांच कराएगा। ये टीमें देखेंगी कि एसटीपी ठीक से काम कर रहा है या नहीं और साफ किया हुआ पानी आखिर कहां छोड़ा जा रहा है। हाल ही में ओरिस सोसाइटी के एसटीपी की जांच करने पर कई कमियां पाई गईं थीं। सोसाइटी मैनेजमेंट ने एसटीपी का पानी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम में डाल दिया था, जिससे भूजल खराब हो रहा था। इसी वजह से निगम ने सभी सोसाइटियों के एसटीपी की जांच कराने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो कार्रवाई होगी।
बता दें कि मानेसर नगर निगम क्षेत्र में 76 सोसाइटियां बनीं हैं। सभी में परिसर में एसटीपी लगाना और उसमें साफ किए गए पानी का इस्तेमाल ग्रीन बेल्ट और फ्लश में इस्तेमाल करना जरूरी है लेकिन कई सोसाइटियां इन नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। वे ट्रीटेड पानी का उपयोग करने के बजाय उसे खुले में या टैंकरों के जरिए खाली जमीन और नालों में फेंक रही हैं, जिससे बदबू और प्रदूषण फैल रहा है। नगर निगम मानेसर के एक्सईएन निजेश ने बताया कि पानी की बिगड़ती गुणवत्ता को सुधारने के लिए नया कदम उठाया गया है। अब टीमें बनाकर सोसाइटी, होटल और मॉल में लगे एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की जांच की जाएगी।
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