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Gurugram News: थाइलैंड में नौकरी दिलाने के नाम पर म्यांमार में बेचा, दो गिरफ्तार
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पिता ने बताया कि म्यांमार में बेटे को बंधक बनाकर जबरन करवाया जा रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। हसनपुर के गांव सहदेव निवासी युवक को थाइलैंड में नौकरी दिलाने के नाम पर म्यांमार में बेचने का मामला सामने आया है। स्थानीय एजेंटों ने युवक को पहले आईटी कंपनी में नौकरी लगाने का झांसा देकर 3.50 लाख रुपये में थाईलैंड भेज दिया गया। वहां पर स्थानीय एजेंटों के विदेशी साथियों ने युवक को चार लाख रुपये में म्यांमार के एजेंटों को बेच दिया। पीड़ित के पिता ने 19 फरवरी को मामले की शिकायत देते हुए बताया कि म्यांमार में युवक को बंधक बना रखा है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया है।
पीड़ित के पिता की शिकायत पर मामले में पुलिस ने दो नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी से विदेश भेजने के नाम पर पैसे ठगने का केस दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान मेघश्याम निवासी गांव सतुआ गढ़ी व जितेंद्र निवासी मानपुर के रूप में हुई है। हसनपुर थाना प्रभारी मलखान सिंह के अनुसार गांव सहदेव का नांगला निवासी चरणपाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका 20 वर्षीय बेटा पिंटू बीबीए पास करने के बाद नौकरी की तलाश कर रहा था। 2024 में पिंटू मेघश्याम निवासी सतुआगढ़ी के संपर्क में आया था। बाद में मेघश्याम ने उसे जितेंद्र निवासी गांव मानपुर से मिलवाया। इन दोनों ने उसके बेटे पिंटू को विदेश भेजने और थाईलैंड की आईटी कंपनी में अच्छा वेतन दिलाने का वादा किया था।
आरोपियों द्वारा दिखाए गए सब्जबाग में पिंटू फंस गया। आरोपियों ने विदेश भेजने की एवज में 3.50 लाख रुपये की मांग की। पिंटू ने 1 अक्तूबर, 2024 को उनके द्वारा बताए गए खातों में पैसे जमा कर दिए। पिता ने शिकायत में बताया कि 2 अक्तूबर, 2024 को पिंटू को थाईलैंड भेज दिया गया, लेकिन एक महीने बाद उसने अपने परिवार के सदस्यों को फोन करके बताया कि उसके साथ धोखा हुआ हैं। उससे कुछ कागजों पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए और फिर कच्चे रास्ते से म्यांमार भेज दिया गया, जहां उसे बंधक बनाकर जबरन काम कराया जा रहा हैं। जब पीड़ित युवक के पिता चरणपाल ने मेघश्याम और जितेंद्र से संपर्क किया तो उन्होंने उसके बेटे को वापस लाने के लिए चार लाख रुपये की मांग कर दी। प्रभारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपी मेघश्याम और जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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पीड़ित ने वीडियो कॉल पर दी जानकारी
पीड़ित के पिता चरणपाल ने बताया कि उसके बेटे ने वीडियो कॉल पर जानकारी देते हुए बताया कि इन लोगों ने उसके साथ धोखाधड़ी कर थाईलैंड से म्यांमार में बेच दिया है। रोते हुए उसने बताया कि कुछ लोगों ने उसे बंधक बनाया हुआ और जबरन 15 -15 घंटे काम करवाया जा रहा है। उसकी हालत बहुत ही गंभीर बनी हुई हैं। पीड़ित के पिता ने जब दोनों आरोपियों से बात की तो इन्होंने चार लाख रुपये की मांग की नहीं देने पर जान से मरवाने की धमकी भी दी।
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पिता ने विदेश मंत्रालय व भारतीय दूतावास से अपने बेटे को सुरक्षित वापस लाने की मांग की
पीड़ित चरणपाल ने विदेश मंत्रालय व भारतीय दूतावास से गुहार लगाई है कि उसके बेटे को जल्द से जल्द सुरक्षित भारत लाया जाए। शिकायत में पिता ने कहा कि उसके बेटे को म्यांमार स्कैम इंडस्ट्री में बेच दिया गया है। वहां उसकी जान खतरे में है। उसके बेटे को वापस भेजने के नाम पर लाखों रुपये की मांग की जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। हसनपुर के गांव सहदेव निवासी युवक को थाइलैंड में नौकरी दिलाने के नाम पर म्यांमार में बेचने का मामला सामने आया है। स्थानीय एजेंटों ने युवक को पहले आईटी कंपनी में नौकरी लगाने का झांसा देकर 3.50 लाख रुपये में थाईलैंड भेज दिया गया। वहां पर स्थानीय एजेंटों के विदेशी साथियों ने युवक को चार लाख रुपये में म्यांमार के एजेंटों को बेच दिया। पीड़ित के पिता ने 19 फरवरी को मामले की शिकायत देते हुए बताया कि म्यांमार में युवक को बंधक बना रखा है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया है।
पीड़ित के पिता की शिकायत पर मामले में पुलिस ने दो नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी से विदेश भेजने के नाम पर पैसे ठगने का केस दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान मेघश्याम निवासी गांव सतुआ गढ़ी व जितेंद्र निवासी मानपुर के रूप में हुई है। हसनपुर थाना प्रभारी मलखान सिंह के अनुसार गांव सहदेव का नांगला निवासी चरणपाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका 20 वर्षीय बेटा पिंटू बीबीए पास करने के बाद नौकरी की तलाश कर रहा था। 2024 में पिंटू मेघश्याम निवासी सतुआगढ़ी के संपर्क में आया था। बाद में मेघश्याम ने उसे जितेंद्र निवासी गांव मानपुर से मिलवाया। इन दोनों ने उसके बेटे पिंटू को विदेश भेजने और थाईलैंड की आईटी कंपनी में अच्छा वेतन दिलाने का वादा किया था।
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आरोपियों द्वारा दिखाए गए सब्जबाग में पिंटू फंस गया। आरोपियों ने विदेश भेजने की एवज में 3.50 लाख रुपये की मांग की। पिंटू ने 1 अक्तूबर, 2024 को उनके द्वारा बताए गए खातों में पैसे जमा कर दिए। पिता ने शिकायत में बताया कि 2 अक्तूबर, 2024 को पिंटू को थाईलैंड भेज दिया गया, लेकिन एक महीने बाद उसने अपने परिवार के सदस्यों को फोन करके बताया कि उसके साथ धोखा हुआ हैं। उससे कुछ कागजों पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए और फिर कच्चे रास्ते से म्यांमार भेज दिया गया, जहां उसे बंधक बनाकर जबरन काम कराया जा रहा हैं। जब पीड़ित युवक के पिता चरणपाल ने मेघश्याम और जितेंद्र से संपर्क किया तो उन्होंने उसके बेटे को वापस लाने के लिए चार लाख रुपये की मांग कर दी। प्रभारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपी मेघश्याम और जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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पीड़ित ने वीडियो कॉल पर दी जानकारी
पीड़ित के पिता चरणपाल ने बताया कि उसके बेटे ने वीडियो कॉल पर जानकारी देते हुए बताया कि इन लोगों ने उसके साथ धोखाधड़ी कर थाईलैंड से म्यांमार में बेच दिया है। रोते हुए उसने बताया कि कुछ लोगों ने उसे बंधक बनाया हुआ और जबरन 15 -15 घंटे काम करवाया जा रहा है। उसकी हालत बहुत ही गंभीर बनी हुई हैं। पीड़ित के पिता ने जब दोनों आरोपियों से बात की तो इन्होंने चार लाख रुपये की मांग की नहीं देने पर जान से मरवाने की धमकी भी दी।
पिता ने विदेश मंत्रालय व भारतीय दूतावास से अपने बेटे को सुरक्षित वापस लाने की मांग की
पीड़ित चरणपाल ने विदेश मंत्रालय व भारतीय दूतावास से गुहार लगाई है कि उसके बेटे को जल्द से जल्द सुरक्षित भारत लाया जाए। शिकायत में पिता ने कहा कि उसके बेटे को म्यांमार स्कैम इंडस्ट्री में बेच दिया गया है। वहां उसकी जान खतरे में है। उसके बेटे को वापस भेजने के नाम पर लाखों रुपये की मांग की जा रही है।