{"_id":"65f33aba45ef8cf61504bea8","slug":"sohna-badshahpur-pataudi-farrukhnagar-and-dwarka-expressways-will-be-under-the-surveillance-of-cameras-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-27278-2024-03-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: सोहना, बादशाहपुर, पटौदी, फर्रुखनगर और द्वारका एक्सप्रेसवे होगा कैमरों की जद में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: सोहना, बादशाहपुर, पटौदी, फर्रुखनगर और द्वारका एक्सप्रेसवे होगा कैमरों की जद में
विज्ञापन
जीएमडीए सीसीटीवी सर्विलांस परियोजना के द्वितीय चरण में 258 स्थानों पर 2722 कैमरे लगवाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) दूसरे चरण में न्यू गुरुग्राम, मानेसर, फर्रुखनगर, पटौदी व द्वारका एक्सप्रेसवे समेत 258 स्थानों पर 2722 सीसीटीवी कैमरे लगवाने जा रहा है। करीब 100 करोड़ की परियोजना में सीसीटीवी कैमरे, स्पीड कैमरे, ऑटोमेटिक नंबर-प्लेट रिकॉग्निशन कैमरे (एएनपीआर) और रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन कैमरे (आरएलवीडी) शामिल होंगे। इस कार्य के लिए निविदा जारी कर दी है।
जीएमडीए ने पहले फेज में शहर में 212 लोकेशन पर करीब 1200 सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। इसके लिए शहर में 50 किलोमीटर के दायरे में ऑप्टिकल फाइबर डाली गई है। इसकी मदद से इन कैमरों की मदद से कमांड सेंटर से निगरानी होती है। शहर के प्रमुख जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगने से पुलिस को अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिल रही है। पुलिस कई मामलों का सीसीटीवी कैमरों की मदद से खुलासा कर चुकी है। दूसरा इससे यातायात पुलिस को वाहनों को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इससे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों का चालान भी किया जा रहा है। अब दूसरे चरण में मानेसर, पटौदी समेत अन्य क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
कस्बे भी होंगे सीसीटीवी की जद में
इस परियोजना के दूसरे चरण के अंतर्गत 258 स्थानों पर 2722 हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जिनमें सोहना, बादशाहपुर, पटौदी, फर्रुखनगर, धनकोट, चंदू बुढ़ेरा, पंचगांव, बिलासपुर, हैली मंडी, द्वारका एक्सप्रेसवे (सेक्टर 89 से 108), केएमपी एक्सप्रेसवे (बादली, फर्रुखनगर, पटौदी और मानेसर), सेंट्रल पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और टोल को कवर करने वाले क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा इन स्थानों को जीएमडीए के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जोड़ने के लिए लगभग 300 किलोमीटर अतिरिक्त भूमिगत ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की भी योजना बनाई है, जिसमें लाइव सीसीटीवी फीड की 24x7 निगरानी की जाएगी।
विज्ञापन
ट्रैफिक उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
शहर में यातायात और उल्लंघन करने वालों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। सीसीटीवी कैमरे रेड लाइट/स्टॉप लाइन उल्लंघन, हेलमेट उल्लंघन, गलत साइड/ट्रिपल राइडिंग उल्लंघन, गति उल्लंघन और लेन बदलने के उल्लंघन सहित अन्य का पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी से भी लैस हैं। जीएमडीए द्वारा स्थापित इस हाई-टेक सीसीटीवी बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए रेड-लाइट्स, जेबरा क्रॉसिंग, गलत साइड ड्राइविंग, ट्रिपल राइडिंग, पार्किंग उल्लंघन, हेलमेट या सीट बेल्ट नहीं पहनने और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के बिना वाहनों से संबंधित यातायात उल्लंघन के लिए नियमित ई-चालान जारी किए जाते हैं। दूसरे चरण में स्थापित सीसीटीवी कैमरे भी इस तरह के अनुकूल यातायात प्रबंधन प्रणाली से लैस होंगे। इसके बाद गांवों में लापरवाही से लोग वाहन नहीं चला सकेंगे। उन्हें ऐसा करने पर घर सीधे चालान पहुंच जाएगा।
फेशियल रिकॉग्निशन कैमरे
जीएमडीए ने शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर 48 फेस रिकग्निशन कैमरे भी लगाए हैं, जिनमें जिला न्यायालय, मिनी सचिवालय, एमजी रोड मेट्रो स्टेशन, सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन, सिविल अस्पताल, ताऊ देवी लाल स्टेडियम, शीतला माता मंदिर परिसर, गुरुग्राम बस स्टैंड और सदर बाजार शामिल हैं। पुलिस विभाग की आवश्यकता के अनुरूप इन चेहरा पहचान कैमरों का उपयोग सामान्य निगरानी के लिए किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके चेहरे की पहचान के माध्यम से वे संदिग्ध पहचान वाले व्यक्तियों, अपराधियों और पुलिस विभाग को रिपोर्ट किए गए लापता व्यक्तियों का पता लगाने में सहायता करते हैं।
जीएमडीए उन्नत और प्रभावी निगरानी प्रणाली को सक्षम करने की दिशा में काम कर रहा है। जीएमडीए अपने अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले गुरुग्राम और मानेसर समेत अन्य क्षेत्रों में प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित कराने जा रहा है।
- ए. श्रीनिवास, सीईओ जीएमडीए
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) दूसरे चरण में न्यू गुरुग्राम, मानेसर, फर्रुखनगर, पटौदी व द्वारका एक्सप्रेसवे समेत 258 स्थानों पर 2722 सीसीटीवी कैमरे लगवाने जा रहा है। करीब 100 करोड़ की परियोजना में सीसीटीवी कैमरे, स्पीड कैमरे, ऑटोमेटिक नंबर-प्लेट रिकॉग्निशन कैमरे (एएनपीआर) और रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन कैमरे (आरएलवीडी) शामिल होंगे। इस कार्य के लिए निविदा जारी कर दी है।
जीएमडीए ने पहले फेज में शहर में 212 लोकेशन पर करीब 1200 सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। इसके लिए शहर में 50 किलोमीटर के दायरे में ऑप्टिकल फाइबर डाली गई है। इसकी मदद से इन कैमरों की मदद से कमांड सेंटर से निगरानी होती है। शहर के प्रमुख जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगने से पुलिस को अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिल रही है। पुलिस कई मामलों का सीसीटीवी कैमरों की मदद से खुलासा कर चुकी है। दूसरा इससे यातायात पुलिस को वाहनों को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इससे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों का चालान भी किया जा रहा है। अब दूसरे चरण में मानेसर, पटौदी समेत अन्य क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
विज्ञापन
कस्बे भी होंगे सीसीटीवी की जद में
इस परियोजना के दूसरे चरण के अंतर्गत 258 स्थानों पर 2722 हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे जिनमें सोहना, बादशाहपुर, पटौदी, फर्रुखनगर, धनकोट, चंदू बुढ़ेरा, पंचगांव, बिलासपुर, हैली मंडी, द्वारका एक्सप्रेसवे (सेक्टर 89 से 108), केएमपी एक्सप्रेसवे (बादली, फर्रुखनगर, पटौदी और मानेसर), सेंट्रल पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और टोल को कवर करने वाले क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा इन स्थानों को जीएमडीए के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से जोड़ने के लिए लगभग 300 किलोमीटर अतिरिक्त भूमिगत ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की भी योजना बनाई है, जिसमें लाइव सीसीटीवी फीड की 24x7 निगरानी की जाएगी।
विज्ञापन
ट्रैफिक उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
शहर में यातायात और उल्लंघन करने वालों पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है। सीसीटीवी कैमरे रेड लाइट/स्टॉप लाइन उल्लंघन, हेलमेट उल्लंघन, गलत साइड/ट्रिपल राइडिंग उल्लंघन, गति उल्लंघन और लेन बदलने के उल्लंघन सहित अन्य का पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी से भी लैस हैं। जीएमडीए द्वारा स्थापित इस हाई-टेक सीसीटीवी बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए रेड-लाइट्स, जेबरा क्रॉसिंग, गलत साइड ड्राइविंग, ट्रिपल राइडिंग, पार्किंग उल्लंघन, हेलमेट या सीट बेल्ट नहीं पहनने और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के बिना वाहनों से संबंधित यातायात उल्लंघन के लिए नियमित ई-चालान जारी किए जाते हैं। दूसरे चरण में स्थापित सीसीटीवी कैमरे भी इस तरह के अनुकूल यातायात प्रबंधन प्रणाली से लैस होंगे। इसके बाद गांवों में लापरवाही से लोग वाहन नहीं चला सकेंगे। उन्हें ऐसा करने पर घर सीधे चालान पहुंच जाएगा।
फेशियल रिकॉग्निशन कैमरे
जीएमडीए ने शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर 48 फेस रिकग्निशन कैमरे भी लगाए हैं, जिनमें जिला न्यायालय, मिनी सचिवालय, एमजी रोड मेट्रो स्टेशन, सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन, सिविल अस्पताल, ताऊ देवी लाल स्टेडियम, शीतला माता मंदिर परिसर, गुरुग्राम बस स्टैंड और सदर बाजार शामिल हैं। पुलिस विभाग की आवश्यकता के अनुरूप इन चेहरा पहचान कैमरों का उपयोग सामान्य निगरानी के लिए किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके चेहरे की पहचान के माध्यम से वे संदिग्ध पहचान वाले व्यक्तियों, अपराधियों और पुलिस विभाग को रिपोर्ट किए गए लापता व्यक्तियों का पता लगाने में सहायता करते हैं।
जीएमडीए उन्नत और प्रभावी निगरानी प्रणाली को सक्षम करने की दिशा में काम कर रहा है। जीएमडीए अपने अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले गुरुग्राम और मानेसर समेत अन्य क्षेत्रों में प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित कराने जा रहा है।
- ए. श्रीनिवास, सीईओ जीएमडीए