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Gurugram News: चेक बाउंस मामले में दोषी डॉक्टर को छह माह की सजा
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कोर्ट ने 15 लाख रुपये का भुगतान वादी को करने का आदेश भी दिया
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। चेक बाउंस मामले में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास विवेक सिंह की अदालत ने आरोपी डॉक्टर को दोषी करार देते हुए 6 माह कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने 15 लाख रुपये का भुगतान वादी को करने का आदेश भी दिया है।
वादी की अधिवक्ता डाॅ. अंजू रावत नेगी के अनुसार राजपाल सिंह से फरवरी 2016 में डॉक्टर राजबीर सिंह ने अपने बच्चों की मेडिकल की पढ़ाई के लिए 10 लाख रुपये उधार लिए थे। इसकी एवज में राजबीर ने राजपाल को 10 लाख रुपये का चेक दिया था। अधिवक्ता का कहना है कि जब राजपाल ने अपने बैंक खाते में चेक लगाया तो वह बाउंस हो गया। इसके बारे में राजबीर सिंह को बताया भी गया, लेकिन उन्होंने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। डॉक्टर द्वारा पैसे नहीं देने पर पीड़ित ने कोर्ट में केस किया। पीड़ित द्वारा अदालत में जो सबूत व गवाह पेश किए गए उनसे अदालत ने आरोपी पर लगे चेक बाउंस के आरोप साबित होना पाया गया। इस पर 19 मार्च को आरोपी को अदालत ने दोषी करार देते हुए सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने बृहस्पतिवार को दोषी डॉक्टर को छह माह कारावास की सजा के साथ ही 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। चेक बाउंस मामले में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास विवेक सिंह की अदालत ने आरोपी डॉक्टर को दोषी करार देते हुए 6 माह कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने 15 लाख रुपये का भुगतान वादी को करने का आदेश भी दिया है।
वादी की अधिवक्ता डाॅ. अंजू रावत नेगी के अनुसार राजपाल सिंह से फरवरी 2016 में डॉक्टर राजबीर सिंह ने अपने बच्चों की मेडिकल की पढ़ाई के लिए 10 लाख रुपये उधार लिए थे। इसकी एवज में राजबीर ने राजपाल को 10 लाख रुपये का चेक दिया था। अधिवक्ता का कहना है कि जब राजपाल ने अपने बैंक खाते में चेक लगाया तो वह बाउंस हो गया। इसके बारे में राजबीर सिंह को बताया भी गया, लेकिन उन्होंने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। डॉक्टर द्वारा पैसे नहीं देने पर पीड़ित ने कोर्ट में केस किया। पीड़ित द्वारा अदालत में जो सबूत व गवाह पेश किए गए उनसे अदालत ने आरोपी पर लगे चेक बाउंस के आरोप साबित होना पाया गया। इस पर 19 मार्च को आरोपी को अदालत ने दोषी करार देते हुए सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने बृहस्पतिवार को दोषी डॉक्टर को छह माह कारावास की सजा के साथ ही 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
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