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Gurugram News: माहिरा सेक्टर-68 प्रोजेक्ट के लिए बिल्डर को कारण बताओ नोटिस
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डीटीसीपी ने प्रोजेक्ट के लिए फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने पर कर दिया था लाइसेंस रद्द
15 दिन के अंदर जवाब मांगा कि उसके खिलाफ आगे कार्रवाई क्यों न की जाए
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। माहिरा बिल्डर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। निदेशक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने सेक्टर- 68 स्थित अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट में फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी दस्तावेज विभाग के समक्ष प्रस्तुत करने के मामले में लाइसेंस रद किया था। अब इसी मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दो प्रोजेक्ट के लिए पहले ही मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए जा चुके हैं।
सेक्टर-68 के राजस्व गांव बादशाहपुर में 9.69 एकड़ के एक प्रोजेक्ट के लिए सन 2017 में माहिरा इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड को लाइसेंस संख्या -106 दिया गया था। दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर 9 मई 2022 को यह लाइसेंस रद्द कर दिया गया। जांच में पाया गया था कि दस्तावेज पर 16 मई 2016 को जो हस्ताक्षर किए गए थे वह फर्जी थे। 22 फीट पंचायती रास्ते के लिए जो सिजरा प्लान भेजा था और जो रास्ता सोहना रोड से जुड़ रहा था, वह भी फर्जी पाया गया। बैंक गारंटी में भी फर्जीवाड़ा पाया गया था। अब डीटीसीपी ने बिल्डर को कारण बताओ नोटिस भेजा है जिसमें 15 दिन के अंदर जवाब मांगा है कि उसके खिलाफ आगे कार्रवाई क्यों न की जाए। शहर में माहिरा के पांच प्रोजेक्ट चल रहे हैं और पांचों बंद हैं। इन प्रोजेक्ट में पांच हजार से ज्यादा लोगों का पैसा फंसा हुआ है। बिल्डर ने सेक्टर-88 स्थित प्रोजेक्ट के लिए ड्रा निकाला था जिसे निदेशक स्तर से रोक दिया गया था।
क्या कहते हैं खरीदार
मैं पिछले पांच सालों से ईएमआई अदा कर रहा हूं। किराया और ईएमआई भरना मुश्किल होता जा रहा है। मानसिक और आर्थिक दोनों तरह से परेशानी हो रही है।- गौरव गुप्ता, घर खरीदार
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यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत है। हमारा टीसीपी विभाग से आग्रह है कि वह व्यवस्था करे कि बिल्डर प्रोजेक्ट को पूरा करे। हरेरा अपनी निगरानी में माहिरा का खाता खुलवाए। -धुव्र कुमार, घर खरीदार
:
मैंने 2018 में माहिरा होम्स में घर बुक करवाया था। जब मैंने पूरा पैसा दे दिया तो बिल्डर का लाइसेंस रद्द कर दिया गया। तब से पूरा परिवार बेहद तनाव में है। - संजय बहल, घर खरीदार
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15 दिन के अंदर जवाब मांगा कि उसके खिलाफ आगे कार्रवाई क्यों न की जाए
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। माहिरा बिल्डर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। निदेशक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने सेक्टर- 68 स्थित अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट में फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी दस्तावेज विभाग के समक्ष प्रस्तुत करने के मामले में लाइसेंस रद किया था। अब इसी मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दो प्रोजेक्ट के लिए पहले ही मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए जा चुके हैं।
सेक्टर-68 के राजस्व गांव बादशाहपुर में 9.69 एकड़ के एक प्रोजेक्ट के लिए सन 2017 में माहिरा इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड को लाइसेंस संख्या -106 दिया गया था। दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर 9 मई 2022 को यह लाइसेंस रद्द कर दिया गया। जांच में पाया गया था कि दस्तावेज पर 16 मई 2016 को जो हस्ताक्षर किए गए थे वह फर्जी थे। 22 फीट पंचायती रास्ते के लिए जो सिजरा प्लान भेजा था और जो रास्ता सोहना रोड से जुड़ रहा था, वह भी फर्जी पाया गया। बैंक गारंटी में भी फर्जीवाड़ा पाया गया था। अब डीटीसीपी ने बिल्डर को कारण बताओ नोटिस भेजा है जिसमें 15 दिन के अंदर जवाब मांगा है कि उसके खिलाफ आगे कार्रवाई क्यों न की जाए। शहर में माहिरा के पांच प्रोजेक्ट चल रहे हैं और पांचों बंद हैं। इन प्रोजेक्ट में पांच हजार से ज्यादा लोगों का पैसा फंसा हुआ है। बिल्डर ने सेक्टर-88 स्थित प्रोजेक्ट के लिए ड्रा निकाला था जिसे निदेशक स्तर से रोक दिया गया था।
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क्या कहते हैं खरीदार
मैं पिछले पांच सालों से ईएमआई अदा कर रहा हूं। किराया और ईएमआई भरना मुश्किल होता जा रहा है। मानसिक और आर्थिक दोनों तरह से परेशानी हो रही है।- गौरव गुप्ता, घर खरीदार
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यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत है। हमारा टीसीपी विभाग से आग्रह है कि वह व्यवस्था करे कि बिल्डर प्रोजेक्ट को पूरा करे। हरेरा अपनी निगरानी में माहिरा का खाता खुलवाए। -धुव्र कुमार, घर खरीदार
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मैंने 2018 में माहिरा होम्स में घर बुक करवाया था। जब मैंने पूरा पैसा दे दिया तो बिल्डर का लाइसेंस रद्द कर दिया गया। तब से पूरा परिवार बेहद तनाव में है। - संजय बहल, घर खरीदार