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Gurugram News: न्यू गुरुग्राम के 16 सेक्टरों में दूर होगी सीवर की समस्या
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जीएमडीए सेक्टर 99 से 115 तक मास्टर सीवर लाइन डलवाने पर खर्च करेगा 41.62 करोड़ रुपये
मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। न्यू गुरुग्राम के 16 सेक्टरों में लोगों को सीवर की समस्या से राहत मिलने वाली है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण सेक्टर 99 से 115 तक 23 किलोमीटर लंबी मास्टर सीवर लाइन डलवाने जा रहा है। करीब 41.62 करोड़ की परियोजना को दो साल में पूरा करने का लक्ष्य है।
साइबर सिटी में द्वारका एक्सप्रेसवे के शुरू होने से नए सेक्टरों का तेजी से विकास हो रहा है। इसमें सेक्टर 68 से 95 और सेक्टर 99-115 तक सोसाइटियां बस रही हैं। वहीं, बिल्डर भी अपने प्रोजेक्ट को पूरा करने पर जोर दे रहे हैं। ऐसे में इन सेक्टरों में आबादी तेजी से बढ़ रही है। इन सेंटरों को पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने विकसित किया था। पहले इन सेक्टरों में आबादी कम होने से एचएसवीपी ने पूरे क्षेत्र में सीवर लाइनों के नेटवर्क को पूरा विकसित नहीं किया है। बीच-बीच में कई जगहों पर सीवर लाइनें अधूरी हैं और मास्टर लाइन का नेटवर्क भी अधूरा है। ऐसे में अब लोगों को परेशानी होने लगी है। कई जगहों पर सीवर का पानी खुली जगहों में डाला जा रहा है। वहीं, सेक्टर 104 से 115 तक अभी सीवर लाइन का नेटवर्क ही नहीं है।
अब न्यू गुरुग्राम के सेक्टरों में मास्टर सीवर और पानी की लाइन समेत अन्य जिम्मेदारी जीएमडीए के पास है। ऐसे में जीएमडीए इन सुविधाओं को बेहतर करने में जुट गया है। इसी के तहत सेक्टर 99 से 115 तक मास्टर सीवर लाइन डालने की योजना है। जीएमडीए करीब 23 किलोमीटर लंबी मास्टर सीवर लाइन डलवाने जा रहा है। योजना के अनुसार सेक्टरों की सीवर लाइनों को मेन सीवन लाइन से जोड़ा जाएगा। इससे इन सेक्टरों में सीवर ओवर फ्लो और सीवर जाम होने की समस्या से राहत मिलेगी। 41.62 करोड़ की परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए जीएमडीए ने टेंडर जारी कर दिया है। इसके तहत अलग-अलग प्रकार के पाइपों को डाला जाएगा और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पूरे सीवर नेटवर्क को विकसित किया जाएगा।
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सेक्टर 107 में बनेगा एसटीपी
जीएमडीए सेक्टर 99 से 115 तक बिछाई जाने वाली मास्टर सीवर लाइन को सेक्टर 107 में बनने वाले सीवर शोधन संयंत्र से जोड़ेगा। इसके लिए सेक्टर 107 में दो चरणों में 100 एमएलडी के दो एसटीपी का निर्माण किया जाना है। जीएमडीए की बोर्ड बैठक में इस परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। इस पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सेक्टर-107 के एसटीपी से सेक्टर 81 से 115 के सीवेज शोधन के लिए एसटीपी का निर्माण किया जाना है। जीएमडीए के अनुसार सेक्टर-81 से 115 तक जलापूर्ति से अनुमानित डिस्चार्ज 384 एमएलडी होगा। यदि 80 फीसदी पेजयल सप्लाई होगी तो सीवेज उत्पादन 307 एमएलडी होगा। आईआईटी रुड़की द्वारा तैयार की गई योजना के अनुसार, पहले चरण में 100 एमएलडी का एसटीपी बनाया जाना है। जीएमडीए टेंडर जारी करने संबंधित प्रक्रिया पूरा कर रहा है।
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नए सेक्टरों में सीवर की मास्टर लाइन डाली जानी है। इससे 16 सेक्टरों में सीवर नेटवर्क बेहतर होगा और लोगों को सीवर ओवरफ्लो की समस्या से राहत मिलेगी। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। इस पर करीब 41.62 करोड़ रुपये खर्च होंगे। -प्रवीन कुमार, कार्यकारी अभियंता (सीवर) जीएमडीए
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मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। न्यू गुरुग्राम के 16 सेक्टरों में लोगों को सीवर की समस्या से राहत मिलने वाली है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण सेक्टर 99 से 115 तक 23 किलोमीटर लंबी मास्टर सीवर लाइन डलवाने जा रहा है। करीब 41.62 करोड़ की परियोजना को दो साल में पूरा करने का लक्ष्य है।
साइबर सिटी में द्वारका एक्सप्रेसवे के शुरू होने से नए सेक्टरों का तेजी से विकास हो रहा है। इसमें सेक्टर 68 से 95 और सेक्टर 99-115 तक सोसाइटियां बस रही हैं। वहीं, बिल्डर भी अपने प्रोजेक्ट को पूरा करने पर जोर दे रहे हैं। ऐसे में इन सेक्टरों में आबादी तेजी से बढ़ रही है। इन सेंटरों को पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने विकसित किया था। पहले इन सेक्टरों में आबादी कम होने से एचएसवीपी ने पूरे क्षेत्र में सीवर लाइनों के नेटवर्क को पूरा विकसित नहीं किया है। बीच-बीच में कई जगहों पर सीवर लाइनें अधूरी हैं और मास्टर लाइन का नेटवर्क भी अधूरा है। ऐसे में अब लोगों को परेशानी होने लगी है। कई जगहों पर सीवर का पानी खुली जगहों में डाला जा रहा है। वहीं, सेक्टर 104 से 115 तक अभी सीवर लाइन का नेटवर्क ही नहीं है।
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अब न्यू गुरुग्राम के सेक्टरों में मास्टर सीवर और पानी की लाइन समेत अन्य जिम्मेदारी जीएमडीए के पास है। ऐसे में जीएमडीए इन सुविधाओं को बेहतर करने में जुट गया है। इसी के तहत सेक्टर 99 से 115 तक मास्टर सीवर लाइन डालने की योजना है। जीएमडीए करीब 23 किलोमीटर लंबी मास्टर सीवर लाइन डलवाने जा रहा है। योजना के अनुसार सेक्टरों की सीवर लाइनों को मेन सीवन लाइन से जोड़ा जाएगा। इससे इन सेक्टरों में सीवर ओवर फ्लो और सीवर जाम होने की समस्या से राहत मिलेगी। 41.62 करोड़ की परियोजना को सिरे चढ़ाने के लिए जीएमडीए ने टेंडर जारी कर दिया है। इसके तहत अलग-अलग प्रकार के पाइपों को डाला जाएगा और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पूरे सीवर नेटवर्क को विकसित किया जाएगा।
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सेक्टर 107 में बनेगा एसटीपी
जीएमडीए सेक्टर 99 से 115 तक बिछाई जाने वाली मास्टर सीवर लाइन को सेक्टर 107 में बनने वाले सीवर शोधन संयंत्र से जोड़ेगा। इसके लिए सेक्टर 107 में दो चरणों में 100 एमएलडी के दो एसटीपी का निर्माण किया जाना है। जीएमडीए की बोर्ड बैठक में इस परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। इस पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सेक्टर-107 के एसटीपी से सेक्टर 81 से 115 के सीवेज शोधन के लिए एसटीपी का निर्माण किया जाना है। जीएमडीए के अनुसार सेक्टर-81 से 115 तक जलापूर्ति से अनुमानित डिस्चार्ज 384 एमएलडी होगा। यदि 80 फीसदी पेजयल सप्लाई होगी तो सीवेज उत्पादन 307 एमएलडी होगा। आईआईटी रुड़की द्वारा तैयार की गई योजना के अनुसार, पहले चरण में 100 एमएलडी का एसटीपी बनाया जाना है। जीएमडीए टेंडर जारी करने संबंधित प्रक्रिया पूरा कर रहा है।
नए सेक्टरों में सीवर की मास्टर लाइन डाली जानी है। इससे 16 सेक्टरों में सीवर नेटवर्क बेहतर होगा और लोगों को सीवर ओवरफ्लो की समस्या से राहत मिलेगी। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। इस पर करीब 41.62 करोड़ रुपये खर्च होंगे। -प्रवीन कुमार, कार्यकारी अभियंता (सीवर) जीएमडीए