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Gurugram News: नये गुरुग्राम में बने सीवेज के तालाब बारिश में बढ़ाएंगे मुसीबत

Thu, 03 Jul 2025 11:01 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jul 2025 11:01 PM IST
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Sewage ponds built in new Gurugram will increase problems during rains
पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर भर जाता है, दुर्गंध से लोगों को होती है परेशानी
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- सीवेज लाइन न होने से सोसाइटियों का पानी खुली जगहों पर फेंका जा रहा



संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नए गुरुग्राम का एक बड़ा हिस्सा सीवेज की गंदगी के बीच जीने को अभिशप्त है। नए गुरुग्राम के लिए न तो सीवेज लाइन बिछाई गई है, न कोई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया है। सोसाइटियों को खुद के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में सीवेज की गंदगी साफ करनी पड़ रही है। यहां तक की सोसाइटियों के लिए ट्रीटेड वाटर को ड्रेन में बहाने की सुविधा भी नहीं है।
सोसाइटियों के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं इसकी नियमित जांच नहीं होती। अधिकांश सोसाइटियां अपने यहां सीवेज ट्रीटेड गंदगी को टैंकरों से फेंकवा रही हैं। इसके लिए उन्हें खुद अपने पैसे खर्च करने पड़ते हैं। टैंकर वाले अपनी सुविधानुसार आसपास के किसी भी खाली प्लाॅट में शोधित या अशोधित सीवेज की गंदगी फेंक देते हैं। मानेसर से लेकर द्वारका एक्सप्रेसवे में दिल्ली की सीमा तक कई ऐसे गंदे तालाब बन गए हैं, जो लोगों को बीमारियों का न्यौता दे रहे हैं। साथ ही शहर के भूमिगत जल को भी प्रदूषित कर रहे हैं। लोग सीवेज लाइन, ड्रेनेज लाइन और बड़े सरकारी सामूहिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की मांग कर रहे हैं। मानसून के मौसम में नए गुरुग्राम में सेक्टर 37 सी से लेकर मानेसर, सेक्टर 106, 107, 108 में बने ये सीवेज के तालाब बारिश के पानी के साथ मिलकर और ज्यादा बड़ा रूप ले लेते हैं।
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भूमिगत जल हो रहा है प्रदूषित
सीवेज मिश्रित पानी अगर कहीं जमीन पर जमा है तो वह भूजल को प्रदूषित कर रहा है। उसमें मौजूद विषैले तत्व रिस-रिस कर जमीन के भीतर जा रहे हैं। यहां काफी संख्या में लोग पीने के लिए भूमिगत जल का प्रयोग करते हैं। सीवेज ट्रीटेड पानी भी पूरी तरह से साफ नहीं होता। अगर उसे ड्रेन में, नदी में या कहीं जमीन पर डाला जा रहा है तो उसमें मौजूद बॉयोलॉजिक और केमिकल तत्वों की नियमित जांच होनी चाहिए। गंदे पानी का जमीन में जाना मनुष्यों, जीव जंतुओं और पेड़ पौधों के स्वास्थ्य से बड़ा खिलवाड़ है।
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- डॉ. आरपी बलवान, भूगर्भ शास्त्री



दिल्ली बार्डर से सटे सेक्टरों में सीवेज ट्रीटेड ड्रेन की लाइन में बहुत सारे अवैध कनेक्शन हैं। यह गंदा पानी द्वारका एक्सप्रेसवे के पास दिल्ली बार्डर से सटे 5000 एकड़ की जमीन को बंजर बना चुका है। यह आसपास के गांवों के किसानों की खेती की जमीन थी। यहां काफी गंदा पानी जमा है,जो भूजल को भी खराब कर रहा है।
- सनी दौलताबाद


सेक्टर 81 में हमारी सोसाइटी के ठीक पीछे नाहरपुर गांव और सेक्टर 90 की सड़क पर सीवेज की गंदगी से एक बड़ा तालाब बना है। बारिश में इसका पानी उफन कर सड़क पर आएगा। सोसाइटी के निवासियों को इससे काफी परेशानी है। मानेसर में यूएलबी के सम्मेलन में मुख्यमंत्री के आने की सूचना से हमें इसके समाधान की उम्मीद जगी थी मगर अभी स्थिति ज्यों की त्यों है। - अमित शेखर, विपुल लावण्या सेक्टर 81





हमारी सोसाइटी के सामने सीवेज की गंदगी से बड़ा तालाब बना हुआ है। आसपास के गांवों का बगैर शोधित गंदा पानी सोसाइटी के सामने खाली जमीन पर जमा हो रहा है। वुडशायर सोसाइटी में घर खरीदने वाले एक हजार परिवारों ने वाया बिल्डर सरकार को 40 करोड़ रुपये बाह्य विकास शुल्क के रूप दिया है, मगर हम सीवेज की बदबू के बीच रहने को विवश हैं।
- स्वराज वर्मा, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, वुडशायर सोसाइटी, सेक्टर 108
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