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Gurugram News: 12 मेट्रो स्टेशनों पर ऑटो, टैक्सी, कार और बसों के लिए बनेंगे अलग-अलग जोन
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मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन डिजाइन तैयार, यात्रियों को मिलेगी सुविधा
मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना में 12 स्टेशनों का मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन (एमएमआई) डिजाइन तैयार कर लिया गया है। इन स्टेशनों के आसपास ऐसा डिजाइन तैयार किया गया है, जिससे यात्रियों को बस, ऑटो, टैक्सी, साइकिल और पैदल यात्रियों को सुविधा मिले। अलग-अलग जोन बनने से यात्रियों को मेट्रो की सेवा लेने में परेशानी नहीं आएगी।
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की ओर से मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक 28.05 किलोमीटर मेट्रो पर काम चल रहा है। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर नौ तक 14 मेट्रो स्टेशनों के सिविल वर्क का काम चल रहा है। सेक्टर 44 के पास पिलर निर्माण के लिए सड़क का सेंट्रल वर्ज तोड़ दिया गया है। दूसरी ओर बीच-बीच में कई जगहों पर पाइल टेस्टिंग का काम चल रहा है।
पहले चरण की परियोजना में मिलेनियम सिटी से लेकर सेक्टर नौ के बीच 12 स्टेशनों का प्रस्तावित एमएमआई डिजाइन तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा 13 स्टेशनों के अग्नि सुरक्षा संबंधी भी का खाका तैयार है। इसी अनुसार स्टेशनों पर आग बुझाने के इंतजाम किए जाएगे। जीएमआरएल के अनुसार मेट्रो निर्माण में एमएमआई का काफी महत्व है। इसका उद्देश्य मेट्रो स्टेशनों पर आसपास के सभी परिवहन साधनों को एक-दूसरे से जोड़ना है, जिससे यात्रियों को मेट्रो तक पहुंचने और आगे जाने में सुविधा मिले और मेट्रो स्टेशनों के आसपास ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था कम हो। एमएमआई में लास्ट माइल कनेक्टिविटी (अंतिम यात्रा चरण की सुविधा) बेहतर होने पर जोर दिया गया है। मेट्रो स्टेशनों के दोनों ओर कैब, ऑटो व बस जोन का प्रावधान मेन रोड के साथ अलग-अलग किया गया है।
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जीएमआएल को तीनों सेवाओं को अलग-अलग करने से स्टेशनों पर एक जगह भीड़ नहीं होगी और लोग अपनी सुविधा अनुसार वाहनों का प्रयोग कर सकेंगे। स्टेशनों पर फुटपाथ और हरियाली का ध्यान रखा गया है। पहले चरण में मिलेनियम सिटी मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-45, साइबर पार्क, सेक्टर 47, सुभाष चौक, सेक्टर-48, सेक्टर-72 ए, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार फेज-6, सेक्टर-10, सेक्टर-37, बसई गांव, सेक्टर-9 मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। अर्बन प्लानर सारिका ने बताया कि मेट्रो के लिए एमएमआई काफी महत्वपूर्ण होता है। इसी अनुसार मेट्रो स्टेशनों पर अन्य परिवहन साधन उपलब्ध कराने पर जोर होता है।
मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन डिजाइन
पैदल मार्ग (वॉकवे) में चौड़े फुटपाथ, रैंप, जेब्रा क्रॉसिंग, शेड आदि का इंतजाम किया जाएगा ताकि यात्री पैदल सुरक्षित पहुंच सके। स्टेशन के निकट बस रुकने व चढ़ने-उतरने के लिए बस बे / बस स्टॉप, निजी वाहनों और टैक्सी के लिए पिक-अप / ड्रॉप जोन, ऑटो / ई-रिक्शा स्टैंड ऑटो व यात्री प्रतीक्षा स्थल शामिल है। स्टेशनों पर साइकिल स्टैंड / रेंटल स्टेशन साइकिल या ई-बाइक शेयरिंग सुविधा देने का प्रस्ताव है। मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग जोन पर जोर है ताकि लोग वाहन को पार्क कर सकें। लैंडस्केपिंग और शेड हरियाली का इंतजाम, दिव्यांगों के लिए रैंप और टैक्टाइल पाथ आदि शामिल है।
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मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना में 12 स्टेशनों का मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन (एमएमआई) डिजाइन तैयार कर लिया गया है। इन स्टेशनों के आसपास ऐसा डिजाइन तैयार किया गया है, जिससे यात्रियों को बस, ऑटो, टैक्सी, साइकिल और पैदल यात्रियों को सुविधा मिले। अलग-अलग जोन बनने से यात्रियों को मेट्रो की सेवा लेने में परेशानी नहीं आएगी।
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की ओर से मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक 28.05 किलोमीटर मेट्रो पर काम चल रहा है। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर नौ तक 14 मेट्रो स्टेशनों के सिविल वर्क का काम चल रहा है। सेक्टर 44 के पास पिलर निर्माण के लिए सड़क का सेंट्रल वर्ज तोड़ दिया गया है। दूसरी ओर बीच-बीच में कई जगहों पर पाइल टेस्टिंग का काम चल रहा है।
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पहले चरण की परियोजना में मिलेनियम सिटी से लेकर सेक्टर नौ के बीच 12 स्टेशनों का प्रस्तावित एमएमआई डिजाइन तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा 13 स्टेशनों के अग्नि सुरक्षा संबंधी भी का खाका तैयार है। इसी अनुसार स्टेशनों पर आग बुझाने के इंतजाम किए जाएगे। जीएमआरएल के अनुसार मेट्रो निर्माण में एमएमआई का काफी महत्व है। इसका उद्देश्य मेट्रो स्टेशनों पर आसपास के सभी परिवहन साधनों को एक-दूसरे से जोड़ना है, जिससे यात्रियों को मेट्रो तक पहुंचने और आगे जाने में सुविधा मिले और मेट्रो स्टेशनों के आसपास ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था कम हो। एमएमआई में लास्ट माइल कनेक्टिविटी (अंतिम यात्रा चरण की सुविधा) बेहतर होने पर जोर दिया गया है। मेट्रो स्टेशनों के दोनों ओर कैब, ऑटो व बस जोन का प्रावधान मेन रोड के साथ अलग-अलग किया गया है।
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जीएमआएल को तीनों सेवाओं को अलग-अलग करने से स्टेशनों पर एक जगह भीड़ नहीं होगी और लोग अपनी सुविधा अनुसार वाहनों का प्रयोग कर सकेंगे। स्टेशनों पर फुटपाथ और हरियाली का ध्यान रखा गया है। पहले चरण में मिलेनियम सिटी मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-45, साइबर पार्क, सेक्टर 47, सुभाष चौक, सेक्टर-48, सेक्टर-72 ए, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार फेज-6, सेक्टर-10, सेक्टर-37, बसई गांव, सेक्टर-9 मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। अर्बन प्लानर सारिका ने बताया कि मेट्रो के लिए एमएमआई काफी महत्वपूर्ण होता है। इसी अनुसार मेट्रो स्टेशनों पर अन्य परिवहन साधन उपलब्ध कराने पर जोर होता है।
मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन डिजाइन
पैदल मार्ग (वॉकवे) में चौड़े फुटपाथ, रैंप, जेब्रा क्रॉसिंग, शेड आदि का इंतजाम किया जाएगा ताकि यात्री पैदल सुरक्षित पहुंच सके। स्टेशन के निकट बस रुकने व चढ़ने-उतरने के लिए बस बे / बस स्टॉप, निजी वाहनों और टैक्सी के लिए पिक-अप / ड्रॉप जोन, ऑटो / ई-रिक्शा स्टैंड ऑटो व यात्री प्रतीक्षा स्थल शामिल है। स्टेशनों पर साइकिल स्टैंड / रेंटल स्टेशन साइकिल या ई-बाइक शेयरिंग सुविधा देने का प्रस्ताव है। मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग जोन पर जोर है ताकि लोग वाहन को पार्क कर सकें। लैंडस्केपिंग और शेड हरियाली का इंतजाम, दिव्यांगों के लिए रैंप और टैक्टाइल पाथ आदि शामिल है।