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Gurugram News: गुरुग्राम-मानेसर हाईवे पर कंक्रीट की दीवार से बढ़ी सुरक्षा
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अवैध कट बंद होने से सफर आसान और सुरक्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। गुरुग्राम से मानेसर और आगे धारुहेड़ा तक अब वाहन चालकों को अवैध कट की वजह से होने वाली परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए अहम कदम उठाया है।
हाईवे के किनारे कंक्रीट की दीवार (बैरिकेड) बनाने का काम लगभग पूरा हो गया है। इससे अब लोग कहीं से भी गलत तरीके से हाईवे पर वाहन नहीं चढ़ा पाएंगे, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी और अब सफर पहले से ज्यादा सुरक्षित और आसान होगा। इस काम का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों को कम करना और यातायात को सुगम बनाना है। पहले हाईवे के किनारे कई जगहों पर अवैध कट बने हुए थे। इन कटों से लोग अपनी मर्जी से वाहन चढ़ाते-उतारते थे, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता था। अब इन सभी अवैध कटों को बंद कर दिया गया है।
अब वाहन चालकों के लिए तय दूरी पर ही एंट्री और एग्जिट के रास्ते बनाए गए हैं, ताकि यातायात व्यवस्थित रहे। खासकर खेड़कीदौला से लेकर बावल तक इस हाईवे को एक सुरक्षित कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। पहले खेड़की दौला के आगे लोगों को काफी दिक्कत होती थी, क्योंकि कई जगहों से अचानक वाहन हाईवे पर आ जाते थे। इससे जाम और हादसे दोनों का खतरा बना रहता था। लेकिन अब दीवार बनने के बाद ऐसा नहीं होगा। इसके अलावा, हाईवे के दोनों किनारों पर ड्रेनेज सिस्टम भी बनाया जा रहा है। ड्रेनेज के ऊपर रेलिंग और बैरिकेड लगाए जाएंगे, ताकि कोई भी वाहन चालक गलत तरीके से हाईवे पर प्रवेश न कर सके। कुल मिलाकर एनएचएआई का यह कदम सड़क सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे न सिर्फ हादसे कम होंगे, बल्कि यात्रा भी तेज और आसान हो जाएगी।
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वर्जन
हाईवे के किनारे कंक्रीट की दीवार (बैरिकेड) बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। पहले हाईवे के किनारे कई जगहों पर अवैध कट बने हुए थे। इन कटों से लोग अपनी मर्जी से वाहन चढ़ाते-उतारते थे, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता था। अब इन सभी अवैध कटों को बंद कर दिया गया है। -योगेश तिलक, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। गुरुग्राम से मानेसर और आगे धारुहेड़ा तक अब वाहन चालकों को अवैध कट की वजह से होने वाली परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए अहम कदम उठाया है।
हाईवे के किनारे कंक्रीट की दीवार (बैरिकेड) बनाने का काम लगभग पूरा हो गया है। इससे अब लोग कहीं से भी गलत तरीके से हाईवे पर वाहन नहीं चढ़ा पाएंगे, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी और अब सफर पहले से ज्यादा सुरक्षित और आसान होगा। इस काम का मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों को कम करना और यातायात को सुगम बनाना है। पहले हाईवे के किनारे कई जगहों पर अवैध कट बने हुए थे। इन कटों से लोग अपनी मर्जी से वाहन चढ़ाते-उतारते थे, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता था। अब इन सभी अवैध कटों को बंद कर दिया गया है।
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अब वाहन चालकों के लिए तय दूरी पर ही एंट्री और एग्जिट के रास्ते बनाए गए हैं, ताकि यातायात व्यवस्थित रहे। खासकर खेड़कीदौला से लेकर बावल तक इस हाईवे को एक सुरक्षित कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। पहले खेड़की दौला के आगे लोगों को काफी दिक्कत होती थी, क्योंकि कई जगहों से अचानक वाहन हाईवे पर आ जाते थे। इससे जाम और हादसे दोनों का खतरा बना रहता था। लेकिन अब दीवार बनने के बाद ऐसा नहीं होगा। इसके अलावा, हाईवे के दोनों किनारों पर ड्रेनेज सिस्टम भी बनाया जा रहा है। ड्रेनेज के ऊपर रेलिंग और बैरिकेड लगाए जाएंगे, ताकि कोई भी वाहन चालक गलत तरीके से हाईवे पर प्रवेश न कर सके। कुल मिलाकर एनएचएआई का यह कदम सड़क सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे न सिर्फ हादसे कम होंगे, बल्कि यात्रा भी तेज और आसान हो जाएगी।
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हाईवे के किनारे कंक्रीट की दीवार (बैरिकेड) बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। पहले हाईवे के किनारे कई जगहों पर अवैध कट बने हुए थे। इन कटों से लोग अपनी मर्जी से वाहन चढ़ाते-उतारते थे, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता था। अब इन सभी अवैध कटों को बंद कर दिया गया है। -योगेश तिलक, परियोजना निदेशक, एनएचएआई