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स्कूल और विभाग नहीं मानता बाल संरक्षण अधिकार आयोग का आदेश
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गुरुग्राम। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने पाथवेज इंटरनेशनल स्कूल से निष्कासित पांच छात्रों की पढ़ाई यथावत जारी रखने के आदेश किए थे। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने इस आदेश को न मानते हुए इन छात्रों के दो जून से एकाउंट बंद कर दिए हैं। जिसकी वजह से बच्चे होमवर्क नहीं कर पा रहे हैं। इस मामले में स्कूल प्रबंधन निष्कासन की कार्रवाई पर अडिग है, जबकि कमिश्नर राजीव रंजन ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया है। उन्होंने मौलिक शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी को आड़े हाथों लिया है।
कमिश्नर ने चेयरमैन एफएफआरसी की हैसियत से शिक्षा विभाग के इन दोनों अधिकारियों से कहा है कि 15 और 17 मई को पाथवेज स्कूल के अभिभावक संघ की ओर से शिकायत की गई थी। इस मामले में एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी थी लेकिन नहीं दी। इस प्रकरण को शीर्ष प्राथमिकता पर लेते हुए कार्रवाई करें और तीन दिन के अंदर रिपोर्ट पेश की जाए। साथ में यह भी कहा है कि खेद का विषय है कि इतने संवेदनशील मामले में आपके स्तर से नियमानुसार कार्रवाई क्यों नहीं की गई है।
एक सप्ताह पहले राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने पाथवेज स्कूल से पांच छात्रों के निष्कासन को अवैध बताते हुए उनकी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रखने के साथ किए थे। साथ में जिला उपायुक्त को निर्देश दिए थे कि वह यह जांच कराएं कि इस मामले में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जेजे एक्ट तथा अन्य आईपीसी की धाराओं के अंतर्गत केस बनता है या नहीं। डीसी डॉ. यश गर्ग का कहना है कि इस मामले की जांच एडीसी को सौंपी गई थी। आयोग को निर्देशानुसार दो सप्ताह में रिपोर्ट भेज दी जाएगी। वहीं दूसरी ओर इस मामले में एडीसी ने फिलहाल किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं की है।
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शिक्षा विभाग की चुप्पी पर सवाल
पांच छात्रों को निष्कासन का नोटिस और उसके बाद निष्कासित करने के मामले में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी तथा जिला शिक्षा अधिकारी चुप हैं। उनके स्तर से डेढ़ महीने के दौरान कोई कार्रवाई नहीं की गई। आखिर में कमिश्नर की ओर से दो जून को रिमाइंडर जारी किया गया है। यह देखना है कि अगले सप्ताह शिक्षा विभाग की दोनों अधिकारी कमिश्नर के सामने रिपोर्ट पेश करेंगे या नहीं।
स्कूल प्रबंधन निष्कासन के फैसले पर अडिग
बाल संरक्षण अधिकार आयोग ने बिना किसी रुकावट के बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के आदेश जारी किए हैं। लेकिन स्कूल प्रबंधन की ओर जीएम एडमिनिस्ट्रेशन कैप्टन कुनाल बहल का कहना है कि स्कूल ने अपने पूर्व निर्धारित आदेश के अंतर्गत ही पांचों छात्रों का निष्कासन माना है। उसी के आधार पर उनके ऑनलाइन पढ़ाई के एकाउंट को बंद कर दिया गया है। क्योंकि इंटरनेशनल बोर्ड का सत्र अगस्त से मई तक होता है।
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कमिश्नर ने चेयरमैन एफएफआरसी की हैसियत से शिक्षा विभाग के इन दोनों अधिकारियों से कहा है कि 15 और 17 मई को पाथवेज स्कूल के अभिभावक संघ की ओर से शिकायत की गई थी। इस मामले में एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी थी लेकिन नहीं दी। इस प्रकरण को शीर्ष प्राथमिकता पर लेते हुए कार्रवाई करें और तीन दिन के अंदर रिपोर्ट पेश की जाए। साथ में यह भी कहा है कि खेद का विषय है कि इतने संवेदनशील मामले में आपके स्तर से नियमानुसार कार्रवाई क्यों नहीं की गई है।
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एक सप्ताह पहले राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने पाथवेज स्कूल से पांच छात्रों के निष्कासन को अवैध बताते हुए उनकी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रखने के साथ किए थे। साथ में जिला उपायुक्त को निर्देश दिए थे कि वह यह जांच कराएं कि इस मामले में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जेजे एक्ट तथा अन्य आईपीसी की धाराओं के अंतर्गत केस बनता है या नहीं। डीसी डॉ. यश गर्ग का कहना है कि इस मामले की जांच एडीसी को सौंपी गई थी। आयोग को निर्देशानुसार दो सप्ताह में रिपोर्ट भेज दी जाएगी। वहीं दूसरी ओर इस मामले में एडीसी ने फिलहाल किसी भी तरह की टिप्पणी नहीं की है।
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शिक्षा विभाग की चुप्पी पर सवाल
पांच छात्रों को निष्कासन का नोटिस और उसके बाद निष्कासित करने के मामले में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी तथा जिला शिक्षा अधिकारी चुप हैं। उनके स्तर से डेढ़ महीने के दौरान कोई कार्रवाई नहीं की गई। आखिर में कमिश्नर की ओर से दो जून को रिमाइंडर जारी किया गया है। यह देखना है कि अगले सप्ताह शिक्षा विभाग की दोनों अधिकारी कमिश्नर के सामने रिपोर्ट पेश करेंगे या नहीं।
स्कूल प्रबंधन निष्कासन के फैसले पर अडिग
बाल संरक्षण अधिकार आयोग ने बिना किसी रुकावट के बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के आदेश जारी किए हैं। लेकिन स्कूल प्रबंधन की ओर जीएम एडमिनिस्ट्रेशन कैप्टन कुनाल बहल का कहना है कि स्कूल ने अपने पूर्व निर्धारित आदेश के अंतर्गत ही पांचों छात्रों का निष्कासन माना है। उसी के आधार पर उनके ऑनलाइन पढ़ाई के एकाउंट को बंद कर दिया गया है। क्योंकि इंटरनेशनल बोर्ड का सत्र अगस्त से मई तक होता है।