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Gurugram News: सरपंचों के विरोध के सामने झुके विधायक मामन खान
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-सरपंचों के विरोध के सामने झुके विधायक मामन खान
-विधानसभा में लगाए गए प्रश्न को वापस लेने के लिए विधायक ने स्पीकर को दिया निवेदन पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान द्वारा विधानसभा में सरपंचों द्वारा खर्च किए गए फंड से संबंधित लगाए गए प्रश्न ने उसकी मुश्किलें बढ़ा दी है। विधायक द्वारा प्रश्न लगाए जाने के विरोध में बुधवार को सरपंच एसोसिएशन के नेतृत्व में सरपंचों ने विधायक के इस प्रश्न का विरोध किया और विधायक व कांग्रेस पार्टी का बहिष्कार करने का एलान किया।
इस पर विधायक ने यू-टर्न लेते हुए बुधवार को विधानसभा स्पीकर को निवेदन पत्र लिखकर अपना प्रश्न वापस लेने की मांग की। लेकिन इसके बाद भी सरपंचों को गुस्सा कम नहीं हुआ और बृहस्पतिवार को फिर से सरपंच एसोसिएशन के नेतृत्व में बैठक आयोजित की गई। जिसमें विधायक का बहिष्कार जारी रखा गया तथा शुक्रवार को पुन: बैठक कर निर्णय लेने की बात की।
बता दें कि पिछले दिनों बूचड़खानों के विरोध में हुई पंचायत में कही गई अपनी बात के कारण सोशल मीडिया पर विधायक को काफी ट्रोल किया गया था। जिसके खिलाफ विधायक के भाई ने पुलिस को शिकायत दी और पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया। अभी वह विवाद ठंड़ा भी नहीं हुआ था कि विधायक द्वारा विधानसभा में लगाया गया प्रश्न एक बार फिर से नया विवाद लेकर खड़ा हो गया। विधायक के इस प्रश्न पर कार्रवाई करते हुए जिला परिषद नूंह के कार्यकारी अधिकारी ने नगीना, फिरोजपुर झिरका और पिनगवां खंड के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को पत्र भेजकर सरपंचों को रिकार्ड मांग लिया। इस पर सरपंच भड़क उठे और बुधवार को बैठक की, जिसमें विधायक मामन खान व कांग्रेस पार्टी के बहिष्कार का एलान कर दिया।
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दूसरे दिन भी हुई पंचायत:
भले की विधायक मामन खान ने अपना प्रश्न वापस ले लिया हो, लेकिन सरपंचों का गुस्सा ठंड़ा नहीं हुआ और उन्होंने बृहस्पतिवार को सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान रफीक हथौडी, नगीना खंड़ के प्रधान नसीम सरपंच नगीना, मुमताज व आरिफ पिनगवां, फिरोजपुर झिरका खंड़ के प्रधान साबिर की अध्यक्षता में फिर से बैठक की। जिसमें बुधवार को लिए गए बहिष्कार के निर्णय को यथावत रखते हुए निर्णय लिया कि अगर किसी भी सरपंच के खिलाफ विधायक या उसके करीबी के कहने पर कोई कार्रवाई होती है तो पूरी एसोसिएशन इस कार्रवाई के विरोध में रहेगी और सरपंच का साथ देगी। साथ ही जरुरत पड़ी तो सभी सरपंच सामूहिक रूप से इस्तीफा भी देंगे।
वहीं इस संदर्भ में विधायक मामन खान ने कहा कि विधानसभा में क्या प्रश्न लगाया गया है क्या नहीं यह एक विधायक का अधिकारी है, इस मामले से आपका कोई सरोकार नहीं है। वहीं इस मामले में पूर्व डिप्टी स्पीकर एवं भाजपा नेता आजाद मोहम्मद ने अपने निवास स्थान पर प्रेसवार्ता करते हुए इस मांग को निंदनीय बताया और कहा कि विधायक का यह कदम सरपंचों पर सीधे भ्रष्टाचार का आरोप लगाने जैसा है। उन्होंने कहा कि मामन खान को विधानसभा में सवाल पूछना था तो बूचड़खानों के विरोध में और उन्हें बंद कराने के लिए सवाल उठाना चाहिए था, न कि सरपंचों की आवाज दबाने का प्रयास करना चाहिए था। पूर्व डिप्टी स्पीकर ने आरोप लगाया कि विधायक स्वयं भ्रष्टाचार के दाग से मुक्त नहीं हैं और अब विकास कार्यों में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं।
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-विधानसभा में लगाए गए प्रश्न को वापस लेने के लिए विधायक ने स्पीकर को दिया निवेदन पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान द्वारा विधानसभा में सरपंचों द्वारा खर्च किए गए फंड से संबंधित लगाए गए प्रश्न ने उसकी मुश्किलें बढ़ा दी है। विधायक द्वारा प्रश्न लगाए जाने के विरोध में बुधवार को सरपंच एसोसिएशन के नेतृत्व में सरपंचों ने विधायक के इस प्रश्न का विरोध किया और विधायक व कांग्रेस पार्टी का बहिष्कार करने का एलान किया।
इस पर विधायक ने यू-टर्न लेते हुए बुधवार को विधानसभा स्पीकर को निवेदन पत्र लिखकर अपना प्रश्न वापस लेने की मांग की। लेकिन इसके बाद भी सरपंचों को गुस्सा कम नहीं हुआ और बृहस्पतिवार को फिर से सरपंच एसोसिएशन के नेतृत्व में बैठक आयोजित की गई। जिसमें विधायक का बहिष्कार जारी रखा गया तथा शुक्रवार को पुन: बैठक कर निर्णय लेने की बात की।
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बता दें कि पिछले दिनों बूचड़खानों के विरोध में हुई पंचायत में कही गई अपनी बात के कारण सोशल मीडिया पर विधायक को काफी ट्रोल किया गया था। जिसके खिलाफ विधायक के भाई ने पुलिस को शिकायत दी और पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया। अभी वह विवाद ठंड़ा भी नहीं हुआ था कि विधायक द्वारा विधानसभा में लगाया गया प्रश्न एक बार फिर से नया विवाद लेकर खड़ा हो गया। विधायक के इस प्रश्न पर कार्रवाई करते हुए जिला परिषद नूंह के कार्यकारी अधिकारी ने नगीना, फिरोजपुर झिरका और पिनगवां खंड के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को पत्र भेजकर सरपंचों को रिकार्ड मांग लिया। इस पर सरपंच भड़क उठे और बुधवार को बैठक की, जिसमें विधायक मामन खान व कांग्रेस पार्टी के बहिष्कार का एलान कर दिया।
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दूसरे दिन भी हुई पंचायत:
भले की विधायक मामन खान ने अपना प्रश्न वापस ले लिया हो, लेकिन सरपंचों का गुस्सा ठंड़ा नहीं हुआ और उन्होंने बृहस्पतिवार को सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान रफीक हथौडी, नगीना खंड़ के प्रधान नसीम सरपंच नगीना, मुमताज व आरिफ पिनगवां, फिरोजपुर झिरका खंड़ के प्रधान साबिर की अध्यक्षता में फिर से बैठक की। जिसमें बुधवार को लिए गए बहिष्कार के निर्णय को यथावत रखते हुए निर्णय लिया कि अगर किसी भी सरपंच के खिलाफ विधायक या उसके करीबी के कहने पर कोई कार्रवाई होती है तो पूरी एसोसिएशन इस कार्रवाई के विरोध में रहेगी और सरपंच का साथ देगी। साथ ही जरुरत पड़ी तो सभी सरपंच सामूहिक रूप से इस्तीफा भी देंगे।
वहीं इस संदर्भ में विधायक मामन खान ने कहा कि विधानसभा में क्या प्रश्न लगाया गया है क्या नहीं यह एक विधायक का अधिकारी है, इस मामले से आपका कोई सरोकार नहीं है। वहीं इस मामले में पूर्व डिप्टी स्पीकर एवं भाजपा नेता आजाद मोहम्मद ने अपने निवास स्थान पर प्रेसवार्ता करते हुए इस मांग को निंदनीय बताया और कहा कि विधायक का यह कदम सरपंचों पर सीधे भ्रष्टाचार का आरोप लगाने जैसा है। उन्होंने कहा कि मामन खान को विधानसभा में सवाल पूछना था तो बूचड़खानों के विरोध में और उन्हें बंद कराने के लिए सवाल उठाना चाहिए था, न कि सरपंचों की आवाज दबाने का प्रयास करना चाहिए था। पूर्व डिप्टी स्पीकर ने आरोप लगाया कि विधायक स्वयं भ्रष्टाचार के दाग से मुक्त नहीं हैं और अब विकास कार्यों में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं।