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Gurugram News: मांगों को लेकर हड़ताल पर गए सफाई कर्मचारी, 35 पंचायतों में असर
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कर्मचारी बोले-लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। सोहना खंड में नियुक्त ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। यह हड़ताल तीन दिनों तक चलेगी। खंड में कुल 35 ग्राम पंचायतें हैं, ऐसे में हड़ताल के कारण गांवों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है।
सोमवार को ग्रामीण सफाई कर्मचारी खंड विकास एवं पंचायत विभाग कार्यालय में धरने पर बैठ गए। यह हड़ताल प्रदेश स्तरीय कमेटी के आदेश पर की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है।
यूनियन की ब्लॉक प्रधान बिमलेश कुमारी ने कहा कि सरकार पिछले 19 वर्षों से ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा, जिससे उनके परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
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उन्होंने यह भी कहा कि सफाई का काम कठिन होने के बावजूद समाज में उन्हें सम्मान नहीं मिलता और कई बार उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ता है। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में उन्हें पक्का करना, अदालत के आदेशों को लागू करना, 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की भर्ती करना, सरकार द्वारा घोषित 26 हजार और 27 हजार रुपये वेतन लागू करना तथा कर्मचारी की मृत्यु पर 50 लाख रुपये मुआवजा देना शामिल है। हड़ताल के चलते गांवों में सफाई व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। सोहना खंड में नियुक्त ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। यह हड़ताल तीन दिनों तक चलेगी। खंड में कुल 35 ग्राम पंचायतें हैं, ऐसे में हड़ताल के कारण गांवों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है।
सोमवार को ग्रामीण सफाई कर्मचारी खंड विकास एवं पंचायत विभाग कार्यालय में धरने पर बैठ गए। यह हड़ताल प्रदेश स्तरीय कमेटी के आदेश पर की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है।
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यूनियन की ब्लॉक प्रधान बिमलेश कुमारी ने कहा कि सरकार पिछले 19 वर्षों से ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा, जिससे उनके परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है।
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उन्होंने यह भी कहा कि सफाई का काम कठिन होने के बावजूद समाज में उन्हें सम्मान नहीं मिलता और कई बार उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ता है। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में उन्हें पक्का करना, अदालत के आदेशों को लागू करना, 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की भर्ती करना, सरकार द्वारा घोषित 26 हजार और 27 हजार रुपये वेतन लागू करना तथा कर्मचारी की मृत्यु पर 50 लाख रुपये मुआवजा देना शामिल है। हड़ताल के चलते गांवों में सफाई व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।