फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   road construction

Gurugram News: दिल्ली-अलवर हाइवे होगा फोरलेन, खर्च होंगे 310 करोड़ रुपये

Sat, 26 Jul 2025 12:17 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 26 Jul 2025 12:17 AM IST
विज्ञापन
road construction
- 47 किलोमीटर की सड़क पर 10 साल में 4537 लोग हुए हैं घायल, 1900 लोग गवां चुके हैं जान
विज्ञापन

शेरसिंह डागर
नूंह। सड़क से विधानसभा तक लंबी मांग के बाद सरकार ने दिल्ली-अलवर नेशनल हाइवे नंबर 248 ए को फोरलेन करने का निर्णय लेते हुए टेंडर जारी कर दिया है। 47 किलोमीटर लंबे इस हाइवे पर करीब 310 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे मेवात में हादसों पर अंकुश के साथ आवागमन सुगम होगा। टेंडर होने के बाद जल्द इस पर काम शुरू होगा।
बता दें, कि जिले में सबसे अधिक दुर्घटना इसी हाइवे पर होती हैं। सरकार ने इसे नेशनल हाइवे बनाते हुए नंबर भी दे दिया, लेकिन अभी तक इसे फोरलेन नहीं बनाया है। हर मंच व राजनीतिक स्तर पर इसकी मांग जोरशोर से उठी है तो लोगों ने पैदल मार्च निकालकर भी सरकार को जगाने का काम किया है। हर बार सरकार और विभाग का एक ही आश्वासन होता है कि डीपीआर तैयार की जा रही है। जबकि इसके बाद के कई हाइवे बनकर तैयार हो गए, लेकिन यह हाइवे उलझा रहा। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल व पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला कई साल पहले इसे फोरलेन बनाने की घोषणा कर चुके हैं।
विज्ञापन

सरकार नूंह से फिरोजपुर झिरका स्थित राजस्थान सीमा तक करीब 47 किलोमीटर तक इस हाइवे को बनाएगी। इस पर 310 करोड़ 44 लाख रुपये खर्च होंगे। यह काम 24 महीने में पूरा करना है और पांच साल तक इसे बनाने वाली एजेंसी को रखरखाव करना होगा। इस हाइवे पर पड़ने वाले मालब व भादस गांव में फिलहाल जो रोड बना हुआ है वहीं रहेगा, क्योंकि यहां फोरलेन के लिए जगह नहीं है। लेकिन भविष्य में इन गांवों में बाइपास की योजना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आश्वासनों के नाम रहे दस साल
मेवात विकास मंच के महासचिव आसिफ अली बताते हैं कि ये बहुत पुराना रोड है। यह अलवर ही नहीं बल्कि भरतपुर, जयपुर, अजमेर भी इसी रोड से जुड़ता है। पिछले दस साल से इस सड़क को फोरलेन करने के लिए विधानसभा से लेकर सड़क तक मांग रखी है। फिरोजपुर झिरका से नूंह तक लोगों ने पैदल मार्च निकालकर इसे फोरलेन के लिए सरकार को ज्ञापन सौंपा है।
हाईवे के ब्लैक स्पाट पर एक नजर
नूंह जिले के मुंडाका बार्डर, दोहा चौक, माहोली मोड़, फिरोजपुर झिरका स्थित सुलेला मोड़, धमाला मोड़ पीर की दरगाह के पास, पोल गांव और बाडीकोठी के बीच, मांडीखेड़ा और मोहम्मद बास के बीच, भादस और गोहाना चौक पर सबसे अधिक दुर्घटनाएं होती हैं। सड़क पर 10 साल में 4537 लोग घायल हुए हैं वहीं 1900 लोग अपनी जान गवां चुके हैं।

इस हाइवे को कांग्रेस सरकार ने नेशनल हाइवे बनाया, लेकिन भाजपा दस वर्ष तक इसे फोरलेन नहीं कर पाई। लगतार संघर्ष करने के बाद अब इसका टेंडर आमंत्रित किया गया है। यह खूनी रोड बन चुका है। इसके बनने से आमजन को राहत मिलेगी। -आफताब अहमद विधायक नूंह।


हाइवे 248 ए को फोरलेन के लिए टेंडर आमंत्रित किया है। 310 करोड़ खर्च होंगे। दो साल में इसे बनाना होगा। यह इलाके की पुरानी मांग थी। इससे आमजन को बड़ी राहत मिलेगी। -अरशद खान, जेई पीडब्ल्यूडी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed