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Gurugram News: सेवानिवृत फौजी सीखा रहा कुश्ती के गुर
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गांव में अखाड़ा बनाकर युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देते हैं रामफूल
संवाद न्यूज एजेंसी
पटौदी। बास पदमका गांव निवासी और भारतीय सेना से सेवानिवृत नायक रामफूल यादव युवाओं के भविष्य को संवारने में जुटे हैं। सेना में 15 वर्षों तक सेवा देने के बाद 2001 में रिटायर हुए रामफूल ने वर्ष 2018 में गांव में फौजी अखाड़ा की स्थापना की थी।
रामफूल के अनुसार उनका उद्देश्य है कि क्षेत्र के युवक-युवतियां गलत राह पर न जाएं और खेलों में नाम कमाएं। वे सुबह और शाम को युवाओं को निशुल्क कुश्ती के दांव-पेंच सिखाते हैं। उन्होंने बताया कि दक्षिणी हरियाणा में खेलों को लेकर जागरूकता की कमी है, इसलिए उन्होंने यह बीड़ा उठाया। अखाड़े में यूपी के आजमगढ़ से आए कोच संतोष यादव की देखरेख में लगभग 50 युवक-युवतियां प्रशिक्षण ले रहे हैं। अब तक कई खिलाड़ी नेशनल स्तर तक पहुंच चुके हैं। रामफूल का सपना है कि दक्षिणी हरियाणा के युवा कुश्ती में चमकें और क्षेत्र का नाम रोशन करें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पटौदी। बास पदमका गांव निवासी और भारतीय सेना से सेवानिवृत नायक रामफूल यादव युवाओं के भविष्य को संवारने में जुटे हैं। सेना में 15 वर्षों तक सेवा देने के बाद 2001 में रिटायर हुए रामफूल ने वर्ष 2018 में गांव में फौजी अखाड़ा की स्थापना की थी।
रामफूल के अनुसार उनका उद्देश्य है कि क्षेत्र के युवक-युवतियां गलत राह पर न जाएं और खेलों में नाम कमाएं। वे सुबह और शाम को युवाओं को निशुल्क कुश्ती के दांव-पेंच सिखाते हैं। उन्होंने बताया कि दक्षिणी हरियाणा में खेलों को लेकर जागरूकता की कमी है, इसलिए उन्होंने यह बीड़ा उठाया। अखाड़े में यूपी के आजमगढ़ से आए कोच संतोष यादव की देखरेख में लगभग 50 युवक-युवतियां प्रशिक्षण ले रहे हैं। अब तक कई खिलाड़ी नेशनल स्तर तक पहुंच चुके हैं। रामफूल का सपना है कि दक्षिणी हरियाणा के युवा कुश्ती में चमकें और क्षेत्र का नाम रोशन करें।
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