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Gurugram News: एवीएल सोसाइटी के निवासियों ने किया प्रदर्शन

Mon, 08 Apr 2024 01:08 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 08 Apr 2024 01:08 AM IST
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Residents of AVL Society demonstrated
बिल्डर पर लगाया मनमाने तरीके से रखरखाव शुल्क वसूलने का आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी



गुरुग्राम। सेक्टर-36 स्थित अफोर्डेबल हाउसिंग सोसाइटी एवीएल के निवासियों ने रखरखाव शुल्क की अदायगी को लेकर बिल्डर से विवाद के मामले में प्रदर्शन किया। निवासियों का कहना था कि बिल्डर प्रबंधन टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के आदेश का पालन नहीं कर रहा है । टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने पिछले दिनों पत्र जारी कर स्पष्ट किया था कि अफोर्डेबल हाउसिंग सोसाइटी में किन मदों में बिल्डर को रखरखाव पर खर्च करना है और किन मदों को फ्लैट मालिकों से लेना है। इस स्पष्टता के बाद लोगों को ध्यान आया कि बिल्डर उनसे रखरखाव की राशि का वह हिस्सा भी वसूल रहा है, जो लोगों को नहीं देना है। एवीएल सोसाइटी में 1500 फ्लैट हैं और करीब 1200 में लोग रह रहे हैं। इस दौरान निवासियों ने बिल्डर के खिलाफ नारे लगाए।
सोसाइटी के निवासी मनोज यादव ने बताया कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग निदेशालय ने एक जनवरी 2024 के आदेश में यह स्पष्ट कर दिया था कि बिल्डर को किन-किन मदों में रखरखाव का कार्य खुद करना है। इस पत्र के अनुसार कॉमन एरिया में बिजली, सफाई, लिफ्ट की वार्षिक मेंटेनेंस, पार्कों की देखभाल, सड़क आदि की देखभाल की जिम्मेदारी बिल्डर प्रबंधन की है, जबकि इन सबके रखरखाव की राशि निवासियों से ली जा रही है। एक अन्य निवासी लव कुश शुक्ला ने बताया कि अफोर्डेबल प्रोजेक्ट में रखरखाव को लेकर नियमों में जो अस्पष्टता थी, इसका लाभ अबतक बिल्डर ले रहे थे मगर जनवरी में नियमों के स्पष्ट हो जाने के बाद भी बिल्डर उन मदों पर लोगों से रखरखाव की राशि ले रहे हैं, जो उन्हें नहीं लेनी है।
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अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के नियमों के अनुसार सोसाइटी की शुरुआत के पांच साल तक रखरखाव की राशि निवासियों से नहीं ली जाती । इसके एवज में सरकार अफोर्डेबल प्रोजेक्ट को बाह्य विकास शुल्क से रियायत का लाभ देती है। इस मामले को लेकर अन्य जगहों पर भी बिल्डर और खरीदारों के बीच विवाद होते रहे हैं। नियमों की स्पष्टता नहीं होने का लाभ बिल्डर उठा रहे थे। अफोर्डेबल प्रोजेक्ट को लेकर इस साल टाउन एंड कंट्री प्लानिंग निदेशालय ने पत्र जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
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