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Gurugram News: राहुल चाहर, दीपांशी और अभिनव प्रथम
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महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में दो दिवसीय अंतर-मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम।
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, सेंटर फॉर प्रोफेशनल और एलाइड स्टडीज (एमडीयू-सीपीएएस) की मूट कोर्ट सोसाइटी की ओर से दो दिवसीय अंतर-मूट कोर्ट प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न कक्षाओं की कुल 16 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके साथ ही सभी ने अपने विधिक ज्ञान, वाद-विवाद कौशल और विश्लेषणात्मक सोच का प्रदर्शन किया।
निदेशक प्रो. प्रदीप के अहलावत ने कहा कि प्रभावी संवाद और सशक्त अभिव्यक्ति विधि व्यवसाय की मूलभूत आवश्यकताएं हैं। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में छात्रों को मूट कोर्ट जैसी प्रतियोगिताओं में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। टीम 15 के सदस्य राहुल चाहर, दीपांशी और अभिनव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि टीम 14 की अनन्या, अरशी और गुलशन उपविजेता रहीं। टीम नौ की गुंजन को सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता का पुरस्कार मिला और टीम 15 के राहुल चाहर को सर्वश्रेष्ठ वक्ता चुना गया। सेमीफाइनल और फाइनल राउंड का मूल्यांकन अधिवक्ता पुनीत शर्मा, अधिवक्ता सागर पंघाल और अधिवक्ता मोहित हसीजा ने किया।
विधि कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. वीरेन्द्र ने निर्णायकों और प्रतिभागियों का आभार जताया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं व प्राध्यापक उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम।
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, सेंटर फॉर प्रोफेशनल और एलाइड स्टडीज (एमडीयू-सीपीएएस) की मूट कोर्ट सोसाइटी की ओर से दो दिवसीय अंतर-मूट कोर्ट प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न कक्षाओं की कुल 16 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके साथ ही सभी ने अपने विधिक ज्ञान, वाद-विवाद कौशल और विश्लेषणात्मक सोच का प्रदर्शन किया।
निदेशक प्रो. प्रदीप के अहलावत ने कहा कि प्रभावी संवाद और सशक्त अभिव्यक्ति विधि व्यवसाय की मूलभूत आवश्यकताएं हैं। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में छात्रों को मूट कोर्ट जैसी प्रतियोगिताओं में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। टीम 15 के सदस्य राहुल चाहर, दीपांशी और अभिनव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि टीम 14 की अनन्या, अरशी और गुलशन उपविजेता रहीं। टीम नौ की गुंजन को सर्वश्रेष्ठ शोधकर्ता का पुरस्कार मिला और टीम 15 के राहुल चाहर को सर्वश्रेष्ठ वक्ता चुना गया। सेमीफाइनल और फाइनल राउंड का मूल्यांकन अधिवक्ता पुनीत शर्मा, अधिवक्ता सागर पंघाल और अधिवक्ता मोहित हसीजा ने किया।
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विधि कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. वीरेन्द्र ने निर्णायकों और प्रतिभागियों का आभार जताया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं व प्राध्यापक उपस्थित रहे।
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