{"_id":"625ea715ee7d571b3d69cf04","slug":"raheja-builder-seeling-in-gurugram-gurgaon-news-noi6436895187","type":"story","status":"publish","title_hn":"आदेश की कॉपी न मिलने से रहेजा बिल्डर का कार्यालय सील न हो सका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आदेश की कॉपी न मिलने से रहेजा बिल्डर का कार्यालय सील न हो सका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आदेश की कॉपी न मिलने से रहेजा बिल्डर का कार्यालय सील न हो सका, 21 अप्रैल को होनी है अगली सुनवाई
गुरुग्राम: सेक्टर-108 स्थित रहेजा वेदांता सोसाइटी के बिल्डर का सेक्टर-47 स्थित कार्यालय मंगलवार को सील नहीं हो सका। अदालत के आदेश की कॉपी सदर थाना प्रभारी को हासिल नहीं हो सकी। इससे सीलिंग की कार्रवाई नहीं हो सकी। अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होनी है। अदालत ने बिल्डर से अपने बैंक अकाउंट के विवरण को भी उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
रहेजा वेदांता सोसाइटी की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यू) के अध्यक्ष अजीत पांडे ने बताया कि सन् 2015 से ही उनकी सोसायटी में कॉमर्शियल दरों से बिजली की आपूर्ति हो रही है। बिल्डर की लापरवाही से अभी भी घरेलू दरों पर बिजली नहीं मिल पाई है।
उन्होंने बताया कि यहां पर बिजली विभाग की ओर से आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिल्डर की ओर से सोसायटी में रहने वाले लोगों से 7.35 करोड़ रुपये इकट्ठा किए गए, लेकिन यह पैसा बिल्डर ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में जमा नहीं कराया। इस कारण सब स्टेशन स्थापित होने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो सकी। इसी के चलते सोसाइटी के लोगों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
विज्ञापन
पुलिस को अदालत के आदेश की कॉपी मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। गत 12 अप्रैल को भी अदालत की ओर से नाजिर ने बिल्डर के ऑफिस पहुंचकर कार्यालय सील करने का प्रयास किया था, लेकिन वहां मौजूद स्टाफ बाहर ही नहीं निकला था, जिसके चलते तब भी कार्यालय सील नहीं किया जा सका था।
विज्ञापन
गुरुग्राम: सेक्टर-108 स्थित रहेजा वेदांता सोसाइटी के बिल्डर का सेक्टर-47 स्थित कार्यालय मंगलवार को सील नहीं हो सका। अदालत के आदेश की कॉपी सदर थाना प्रभारी को हासिल नहीं हो सकी। इससे सीलिंग की कार्रवाई नहीं हो सकी। अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होनी है। अदालत ने बिल्डर से अपने बैंक अकाउंट के विवरण को भी उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
रहेजा वेदांता सोसाइटी की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यू) के अध्यक्ष अजीत पांडे ने बताया कि सन् 2015 से ही उनकी सोसायटी में कॉमर्शियल दरों से बिजली की आपूर्ति हो रही है। बिल्डर की लापरवाही से अभी भी घरेलू दरों पर बिजली नहीं मिल पाई है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि यहां पर बिजली विभाग की ओर से आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिल्डर की ओर से सोसायटी में रहने वाले लोगों से 7.35 करोड़ रुपये इकट्ठा किए गए, लेकिन यह पैसा बिल्डर ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में जमा नहीं कराया। इस कारण सब स्टेशन स्थापित होने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो सकी। इसी के चलते सोसाइटी के लोगों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
विज्ञापन
पुलिस को अदालत के आदेश की कॉपी मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। गत 12 अप्रैल को भी अदालत की ओर से नाजिर ने बिल्डर के ऑफिस पहुंचकर कार्यालय सील करने का प्रयास किया था, लेकिन वहां मौजूद स्टाफ बाहर ही नहीं निकला था, जिसके चलते तब भी कार्यालय सील नहीं किया जा सका था।