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निजी अस्पतालों को देनी होगी टीकाकरण की सही जानकारी
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गुरुग्राम। झाड़सा रोड स्थित एक निजी अस्पताल द्वारा गलत तरीके से टीकाकरण किए जाने का मामला सामने आने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग अब काफी सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने खुद के स्तर से अस्पतालों के रवैये पर नजर रखनी शुरू कर दी है। इसका जिम्मा मुख्य रूप से जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एमपी सिंह संभाल रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को टीकाकरण की सही जानकारी देने के लिए निर्देशित किया है।
मलूम हो कि झाड़सा रोड स्थित संजीवनी अस्पताल के द्वारा फर्जी टीकाकरण किए जाने का मामला सामने आया था। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से इतर अस्पताल अस्पताल प्रबंधन द्वारा लोगों को कोरोना का टीका लगवाया जा रहा था। इसके लिए लोगों को दिल्ली के एरोसिटी ले जाया जा रहा था। इसी मामले में एक दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सदर थाने में मामला दर्ज कराया गया है। इसके बाद से ही अस्पतालों की कार्यशैली पर अब विभाग सख्त नजर रख रहा है।
कई और छोटे अस्पताल व क्लीनिक रडार पर
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक फर्जी टीकाकरण का मामला सामने आने के बाद कई और छोटे अस्पताल व क्लीनिक स्वास्थ्य विभाग की रडार पर हैं। विभाग को आशंका है कि इसी तरह कई अन्य अस्पतालों के द्वारा भी टीकाकरण किया जा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने नए सिरे से निजी अस्पतालों में टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा कर रहा है। इसके लिए ग्रामीण इलाकों में विभागीय अधिकारियों को लगाया गया है। दरअसल ग्रामीण इलाकों में भी व्यापक स्तर पर छोटे-बड़े क्लीनिक व अस्पताल चल रहे हैं, जहां इसी तरह लोगों को कहीं अन्य जगह ले जाकर टीकाकरण कराए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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लोगों में सही व पारदर्शी तरीके से टीकाकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए निजी अस्पतालों को टीकाकरण का सही डाटा देने के लिए निर्देशित किया गया है।
- डॉ. वीरेंद्र यादव, सीएमओ, गुरुग्राम
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मलूम हो कि झाड़सा रोड स्थित संजीवनी अस्पताल के द्वारा फर्जी टीकाकरण किए जाने का मामला सामने आया था। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से इतर अस्पताल अस्पताल प्रबंधन द्वारा लोगों को कोरोना का टीका लगवाया जा रहा था। इसके लिए लोगों को दिल्ली के एरोसिटी ले जाया जा रहा था। इसी मामले में एक दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सदर थाने में मामला दर्ज कराया गया है। इसके बाद से ही अस्पतालों की कार्यशैली पर अब विभाग सख्त नजर रख रहा है।
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कई और छोटे अस्पताल व क्लीनिक रडार पर
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक फर्जी टीकाकरण का मामला सामने आने के बाद कई और छोटे अस्पताल व क्लीनिक स्वास्थ्य विभाग की रडार पर हैं। विभाग को आशंका है कि इसी तरह कई अन्य अस्पतालों के द्वारा भी टीकाकरण किया जा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने नए सिरे से निजी अस्पतालों में टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा कर रहा है। इसके लिए ग्रामीण इलाकों में विभागीय अधिकारियों को लगाया गया है। दरअसल ग्रामीण इलाकों में भी व्यापक स्तर पर छोटे-बड़े क्लीनिक व अस्पताल चल रहे हैं, जहां इसी तरह लोगों को कहीं अन्य जगह ले जाकर टीकाकरण कराए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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लोगों में सही व पारदर्शी तरीके से टीकाकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए निजी अस्पतालों को टीकाकरण का सही डाटा देने के लिए निर्देशित किया गया है।
- डॉ. वीरेंद्र यादव, सीएमओ, गुरुग्राम