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Gurugram News: मेट्रो कॉरिडोर में आ रहे भवनों पर कार्रवाई की तैयारी
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शहर में चल रहा है मेट्रो का कार्य। फाइल फोटो
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आरओडब्ल्यू की बाधाएं दूर होने के बाद इस हिस्से में निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण में सात भवन बाधा बन रहे हैं। इनमें सरस्वती एन्क्लेव में पांच और सेक्टर-10 में दो भवन शामिल हैं। दोनों स्थानों पर मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं और चिन्हित भवन मेट्रो परियोजना के राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) में आ रहे हैं। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) ने इन भवनों को हटाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से कार्रवाई करने को कहा है। आरओडब्ल्यू की बाधाएं दूर होने के बाद इस हिस्से में निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है।
जीएमआरएल ने एनएचएआई से इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। भवनों को हटाने की प्रक्रिया में कानूनी पहलुओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। एनएचएआई की ओर से बताया गया है कि इस मामले में अदालत में सुनवाई चल रही है। इसके अलावा पेस सिटी स्थित एक भवन का मेट्रो निर्माण में बाधा डालने वाला हिस्सा भी हटाया जाना है। संबंधित एजेंसियों की ओर से मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण में आ रही अन्य बाधाओं को दूर करने की प्रक्रिया भी की जा रही है, ताकि परियोजना का निर्माण कार्य निर्धारित गति से आगे बढ़ सके। मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण में भवनों के अलावा यूटिलिटी शिफ्टिंग भी बड़ी बाधा बनी हुई है।
इसे लेकर जीएमआरएल की जीएमडीए, एनएचएआई, बिजली निगम समेत अन्य विभागों के साथ कई बार बैठक हो चुकी है। संबंधित एजेंसियों की ओर से बिजली लाइन, पानी की पाइपलाइन और अन्य यूटिलिटी को स्थानांतरित करने का काम किया जा रहा है। आरओडब्ल्यू की बाधाएं दूर होने के बाद इस हिस्से में निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है। गुरुग्राम मेट्राे परियोजना में पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर नौ तक मेट्रो का निर्माण चल रहा है। नेताजी सुभाष एरिया में गर्डर रखने का काम शुरू हो गया है। जीएमआरएल का कहना है कि जैसे कही पियर कैप बनकर तैयार होगा, वहां गर्डर रखा जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण में सात भवन बाधा बन रहे हैं। इनमें सरस्वती एन्क्लेव में पांच और सेक्टर-10 में दो भवन शामिल हैं। दोनों स्थानों पर मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं और चिन्हित भवन मेट्रो परियोजना के राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) में आ रहे हैं। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) ने इन भवनों को हटाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से कार्रवाई करने को कहा है। आरओडब्ल्यू की बाधाएं दूर होने के बाद इस हिस्से में निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है।
जीएमआरएल ने एनएचएआई से इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। भवनों को हटाने की प्रक्रिया में कानूनी पहलुओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। एनएचएआई की ओर से बताया गया है कि इस मामले में अदालत में सुनवाई चल रही है। इसके अलावा पेस सिटी स्थित एक भवन का मेट्रो निर्माण में बाधा डालने वाला हिस्सा भी हटाया जाना है। संबंधित एजेंसियों की ओर से मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण में आ रही अन्य बाधाओं को दूर करने की प्रक्रिया भी की जा रही है, ताकि परियोजना का निर्माण कार्य निर्धारित गति से आगे बढ़ सके। मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण में भवनों के अलावा यूटिलिटी शिफ्टिंग भी बड़ी बाधा बनी हुई है।
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इसे लेकर जीएमआरएल की जीएमडीए, एनएचएआई, बिजली निगम समेत अन्य विभागों के साथ कई बार बैठक हो चुकी है। संबंधित एजेंसियों की ओर से बिजली लाइन, पानी की पाइपलाइन और अन्य यूटिलिटी को स्थानांतरित करने का काम किया जा रहा है। आरओडब्ल्यू की बाधाएं दूर होने के बाद इस हिस्से में निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है। गुरुग्राम मेट्राे परियोजना में पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर नौ तक मेट्रो का निर्माण चल रहा है। नेताजी सुभाष एरिया में गर्डर रखने का काम शुरू हो गया है। जीएमआरएल का कहना है कि जैसे कही पियर कैप बनकर तैयार होगा, वहां गर्डर रखा जाएगा।
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