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बहुत बढ़ गया है आलू का भाव: प्याज-टमाटर नहीं इस बार पोटैटो ने बिगाड़ा रसोई का बजट, 1000-1100 रुपये हुआ कट्टा

Tue, 16 Apr 2024 10:59 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 16 Apr 2024 10:59 PM IST
सार

आलू की खेती करने वाले हिर्नोटी गांव निवासी विजेंद्र प्रधान का कहना है कि इस बार आलू की कम बुवाई हुई है। गत वर्ष मार्च अप्रैल में 50 किलो आलू का कट्टा 450 का था जोकि इस बार 850 रुपये से 1100 तक मार्केट में बिक रहा है। 

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Potato price increased to Rs 20-25 per kg
आलू के दाम ने बिगाड़ा रसोई का बजट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सब्जियों का राजा आलू रसोई का बजट बिगाड़ रहा है। करीब 15 दिन पहले फुटकर में आलू आठ से 10 रुपये किलो मिल रहा था। मौजूदा समय में आलू का मूल्य 20-25 रुपये किग्रा हो गया है। बीते 15 दिन में 10-15 रुपये प्रति किग्रा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले वर्ष प्याज व टमाटर के मूल्यों ने रसोई का बजट बिगाड़ा था। लेकिन इस बार आलू ने गृहणियों की चिंता बढ़ा दी है। इसका मुख्य कारण मार्केट में नया आलू बताया जा रहा है। जोकि पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी कीमत पर बेचा जा रहा है। आलू के मूल्य में वृद्धि का असर समोसे व चिप्स पर रहने वाला है।

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आलू की खेती करने वाले हिर्नोटी गांव निवासी विजेंद्र प्रधान का कहना है कि इस बार आलू की कम बुवाई हुई है। गत वर्ष मार्च अप्रैल में 50 किलो आलू का कट्टा 450 का था जोकि इस बार 850 रुपये से 1100 तक मार्केट में बिक रहा है। आलू में ज्यादा लागत आने के कारण भी किसान इसकी कम खेती करते हैं। 

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बिलासपुर के आसपास क्षेत्र के गांवों के किसान अमित भाटी, प्रहलाद, शाहिद, सुरेश, पुष्पेंद्र शर्मा, महेश भाटी का कहना कि आलू की इस क्षेत्र में चार-पांच वैरायटी बोई जाती है। सबसे महंगा आलू चिपसोना है। इसकी बोरी 1000-1100 में बेची जा रही है। 3797 नंबर किस्म की बोरी 850 रुपये में बेची जा रही है। इसके अलावा सूरया बोया जाता है। जबकि फुटकर में यह 20-25 किग्रा बेचा जा रहा है। 

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उन्होंने बताया कि इस बार कोल्ड स्टोरेज मालिक खेतों से आलू ले जा रहे हैं जबकि पहले किसान को खुद कोल्ड स्टोर भेजना पड़ता था। गृहणी मनीषा व ममता ने बताया कि आलू की जब नई फसल बाजार में आती है तो घर में चिप्स व पापड़ पूरे वर्ष के लिए बनाकर रख लेती थीं। परंतु इस बार आलू महंगा होने के कारण चिप्स और पापड़ नहीं बना पा रही हैं।

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