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Gurugram News: प्रदूषण की निगरानी होगी और मजबूत, आठ वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र बनेंगे

Sat, 26 Sep 2026 12:59 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2026 12:59 AM IST
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Pollution monitoring to be strengthened; eight air quality monitoring stations to be set up.
एक्शन प्लान तैयार, जाम और पार्किंग की कमी जैसे मुद्दों पर भी विशेष ध्यान
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मयंक तिवारी
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम की ओर से प्रदूषण से निपटने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया गया है, जिस पर संबंधित विभागों के साथ बैठक कर असली जामा पहनाया जाएगा। इस प्लान में यातायात जाम, वायु प्रदूषण और पार्किंग की कमी जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया। शहर में 31 प्रमुख यातायात केंद्र चिह्नित किए गए हैं, जिनमें से 27 पर काम अभी लंबित है। सड़कों की सफाई के लिए आवश्यक 72 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों में से केवल 24 ही उपलब्ध हैं, जिससे 48 मशीनों की कमी है। आठ एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

यातायात जाम से निपटने के लिए चिह्नित 31 प्रमुख केंद्रों को 2026 के दिसंबर तक जाम मुक्त करने का लक्ष्य है। पहली तिमाही में चार स्थानों पर समाधान का दावा किया गया है। दूसरी, तीसरी और चौथी तिमाही के लिए कुल 27 स्थानों का काम अभी बाकी है। यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए एकीकृत यातायात प्रबंधन प्रणाली (आईटीएमएस) और स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली (एएनपीआर) को भी योजना का हिस्सा बनाया गया है। आईटीएमएस के पहले चरण में 218 स्थानों पर 1200 कैमरे चालू बताए गए हैं। दूसरे चरण में 258 स्थानों पर 2722 कैमरों का काम 31 दिसंबर 2026 तक पूरा होगा। वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए आठ वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन बनाने का लक्ष्य है। वर्तमान में केवल तीन स्टेशन उपलब्ध हैं, जिससे पांच स्टेशनों का अंतर है। दिसंबर 2026 तक यह लक्ष्य पूरा करने की समय सीमा तय की गई है।
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प्रदूषण नियंत्रण के लक्ष्य
शहर में वायु प्रदूषण की निगरानी को और मजबूत किया जाएगा। वर्ष 2026 के लिए वार्षिक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक को 170 तक लाने का लक्ष्य है। यह पिछले पांच वर्षों के औसत 189 से कम है। पार्टिकुलेट मैटर 2.5 और पार्टिकुलेट मैटर 10 के स्तर में भी 10 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। इन लक्ष्यों को दिसंबर 2026 तक हासिल करने की समय सीमा निर्धारित की गई है।
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सड़कों की सफाई और चालान
हर महीने 50 किलोमीटर सड़क को धूल मुक्त करने का लक्ष्य है। साल भर में 294 सड़कों को धूल मुक्त करने की योजना दस्तावेज में दर्ज है। सफाई के लिए 72 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों की जरूरत है, जबकि केवल 24 उपलब्ध हैं। निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण के लिए जनवरी से सितंबर 2026 तक 104 चालान जारी किए गए। इन पर कुल 25.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 19.70 लाख रुपये की राशि अभी लंबित है।

पार्किंग की समस्या
शहर में पार्किंग की कमी भी यातायात जाम का एक प्रमुख कारण बनी हुई है। नगर निगम ने 11 प्रमुख स्थानों पर नई या व्यवस्थित पार्किंग सुविधा विकसित करने की जरूरत बताई है। महावीर चौक, अग्रसेन चौक और बस स्टैंड जैसे क्षेत्रों में पार्किंग की अधिक मांग है। गुरुग्राम रेलवे स्टेशन पर पर्याप्त संगठित पार्किंग नहीं है। उद्योग विहार फेज-1 से 4 और मार्बल मार्केट-सुभाष चौक क्षेत्र में सड़क किनारे वाहनों की समस्या दर्ज की गई है।




- गुरुग्राम में प्रदूषण की निगरानी होगी और मजबूत, आठ एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन बनाने का लक्ष्य



प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक्शन प्लान तैयार किया गया है। इसमें जीएमडीए, एचएसआईआईडीसी, एचएसवीपी, यातायात पुलिस, प्रदूषण विभाग से संबंधित काम हैं। जल्द ही इसकी बैठक की जाएगी।
- रवीन्द्र यादव, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम गुरुग्राम
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