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Gurugram News: सेक्टर-43 की सड़कों पर जमी धूल से बढ़ा प्रदूषण
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तेज हवा और वाहनों की रफ्तार से उड़ती धूल
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। सेक्टर-43 की सड़कों के किनारे जमी धूल की मोटी परत अब स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। सड़क के दोनों ओर लंबे समय से जमी धूल न केवल क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डाल रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हल्की सी हवा चलने पर भी यह धूल तेजी से उड़ने लगती है, जिससे आसपास का पूरा वातावरण धुंधला हो जाता है। धूल के गुबार अलग से उड़ते नजर आते हैं। मौके पर मौजूद रामरती ने बताया कि जब भी हवा चलती है, तो धूल इतनी अधिक उड़ती है कि घरों के अंदर तक पहुंच जाती है और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक साबित हो रही है। वहीं रतिशंकर का कहना है कि जैसे ही कोई वाहन तेज गति से सड़क से गुजरता है धूल का गुबार उठता है, जिससे प्रदूषण का स्तर और बढ़ जाता है। उनका कहना है कि दिनभर यह समस्या बनी रहती है। इससे सड़क पर चलना भी मुश्किल हो जाता है। इस धूल के कारण लोगों को मुंह को कपड़े से ढक कर चलना पड़ता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। सेक्टर-43 की सड़कों के किनारे जमी धूल की मोटी परत अब स्थानीय निवासियों और राहगीरों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है। सड़क के दोनों ओर लंबे समय से जमी धूल न केवल क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डाल रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हल्की सी हवा चलने पर भी यह धूल तेजी से उड़ने लगती है, जिससे आसपास का पूरा वातावरण धुंधला हो जाता है। धूल के गुबार अलग से उड़ते नजर आते हैं। मौके पर मौजूद रामरती ने बताया कि जब भी हवा चलती है, तो धूल इतनी अधिक उड़ती है कि घरों के अंदर तक पहुंच जाती है और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक साबित हो रही है। वहीं रतिशंकर का कहना है कि जैसे ही कोई वाहन तेज गति से सड़क से गुजरता है धूल का गुबार उठता है, जिससे प्रदूषण का स्तर और बढ़ जाता है। उनका कहना है कि दिनभर यह समस्या बनी रहती है। इससे सड़क पर चलना भी मुश्किल हो जाता है। इस धूल के कारण लोगों को मुंह को कपड़े से ढक कर चलना पड़ता है।
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