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स्ट्रीट वेंडिंग घोटाले की जांच पुलिस के हवाले

Thu, 19 Aug 2021 11:21 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 19 Aug 2021 11:21 PM IST
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Police handed over investigation of street vending scam
गुरुग्राम। नगर निगम में हुए स्ट्रीट वेंडिंग घोटाले की जांच अब गुरुग्राम पुलिस करेगी। मामले में बृहस्पतिवार को अधिकारिक तौर पर एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है। बृहस्पतिवार को नगर निगम के सिटी प्रोजेक्ट ऑफिसर की शिकायत पर यह साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप में अलग-अलग क्षेत्रों में स्ट्रीट वेंडिंग का टेंडर हासिल करने वाली 4 कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक निगम के सिटी प्रोजेक्ट ऑफिसर ने शिकायत में बताया कि साल 2016 व 2017 में 4 एजेंसियों को शहर में स्ट्रीट वेंडिंग का ठेका दिया गया था।
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द स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 के तहत यह ठेका दिया गया था। इसका मकसद स्ट्रीट वेंडर्स का रेगुलेशन व मैनेजमेंट था ताकि शहर में लगने वाली रेहड़ियों का नियमितीकरण किया जा सके।
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इन एजेंसियों को मिला था जिम्मा
मेसर्स स्पिक स्पैन प्राइवेट लिमिटेड को 20 सितंबर 2016 को वर्क ऑर्डर जारी कर सेक्टर-4, 7, 31, 32 का क्षेत्र दिया गया। मेसर्स ईजीएमएसी प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर-10ए और 56 का एरिया, मेसर्स लियो मीडियाकॉन को सेक्टर- 14, 46 व मेसर्स नसवी स्ट्रीट फूड प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर-15 पार्ट-2 और 57 का एरिया 3 साल तक के लिए दिया गया था। इन एजेंसियों को 1500 रुपये महीने के हिसाब से वेंडर्स से लेकर निगम को 500 रुपये हर महीने की 7 तारीख तक जमा कराने थे।
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निगम को नहीं दी गई धनराशि
एजेंसी को 1 हजार रुपये से वहां सुविधाएं मुहैया करानी थी, लेकिन मेसर्स स्ट्रीट फूड प्राइवेट लिमिटेड ने काम शुरू नहीं किया तो बाकी तीनों एजेंसियों को सेक्टर-17, 37, 43, 47, 22, 23, 23ए, 49, 50, 51, 52, 53, 18, 21, 28, 44 का क्षेत्र दे दिया गया। इन वर्षों के दौरान इन तीन एजेंसियों पर कुल 7 करोड़ 70 हजार 750 रुपये बकाया हो गए। निगम में कुछ लोगों ने शिकायत कर दावा किया कि इन एजेंसियों ने वेंडिंग कार्ट के लिए 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक लोगों से लिए। कई मामलों में ये रुपये लिए 1 साल से अधिक समय हो गया लेकिन किसी को रेहड़ी नहीं दी गई। साथ ही निगम को भी बकाया राशि जमा नहीं कराई गई। इसके चलते मामले में एफआईआर के लिए शिकायत पुलिस को दी गई। सिटी थाना एसएचओ इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कार्रवाई की जा रही है।
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