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गुरुग्राम: श्रीकांत के परिजनों पर पुलिस की बर्बरता, पत्नी का नौ महीने का गर्भ गिरा

Sun, 19 Feb 2023 12:52 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 19 Feb 2023 12:52 AM IST
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Police brutality on Srikanth's family, wife's nine-month pregnancy aborted
श्रीकांत के परिजनों पर पुलिस की बर्बरता, पत्नी का नौ महीने का गर्भ गिरा
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पुलिस ने जुनैद-नसीर हत्याकांड में नामजद आरोपी श्रीकांत के दो भाइयों को हिरासत में लिया

गर्भ में पल रहा था नौ महीने का लड़का

संवाद न्यूज एजेंसी

नूंह। जुनैद-नसीर हत्याकांड मामले में नामजद आरोपी श्रीकांत के मरोड़ा गांव स्थित घर में उस समय असहज स्थिति उत्पन्न हो गई, जब पुलिस की छापेमारी के दौरान श्रीकांत की पत्नी के साथ अभद्रता की गई, जिसमें उन्हें चोट लगी और उपचार के दौरान नौ महीने का गर्भ गिर गया। गर्भ में लड़का पल रहा था। कमलेश नलहड़ मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन हैं। परिजनों ने पुलिस द्वारा की गई इस बर्बरता के खिलाफ नगीना थाने में शिकायत दी है। खबर लिखे जाने तक इस बारे में मामला दर्ज नहीं किया गया था। श्रीकांत के चचेरे भाई प्रवीण कुमार व मां दुलारी ने बताया कि शुक्रवार को करीब सुबह साढ़े तीन से चार बजे के बीच 30 से 35 पुलिसवाले श्रीकांत के घर पर पहुंचे। श्रीकांत घर पर नहीं था। इस दौरान पुलिसवालों ने घर में तोड़फोड़ की। श्रीकांत की पत्नी कमलेश को चोट आई और उसके गर्भ में पल रहा 9 महीने का बच्चा मौके पर पेट में ही मर गया। कमलेश की हालत खराब होने पर उसे आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान 9 महीने के लड़के के शव को परिजनों को सौंप दिया। पीड़ित महिला अभी भी मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस श्रीकांत के भाई विष्णु और राहुल को कहां लेकर गई है, इस बारे में उन्हें कोई खबर नहीं है। इतना ही नहीं, वह रात में यह भी नहीं पहचान पाए कि पुलिसवालों के नाम क्या हैं। परिजनों ने नगीना पुलिस से मांग की है कि श्रीकांत इस मामले में निर्दोष है, उसे जानबूझकर फंसाया गया है और इस मामले में आरोपी पुलिसवालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए, क्योंकि उन्होंने जन्म लेने से पहले ही पुलिस की बर्बरता के कारण एक मासूम को खो दिया है। उनके दो निर्दोष लड़कों को भी सुरक्षित घर पहुंचाया जाए।



फोटो- मृतक नवजात शिशु को श्मशान घाट में दफनाते परिजन ।

दूसरा फोटो- मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन पीड़ित कमलेश।
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