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Gurugram News: नरसिंहपुर के पास जलभराव दूर करने के लिए डलेगी पाइपलाइन
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दिल्ली-जयपुर हाईवे पर ट्रेंचलेस तकनीक से किया जाएगा काम
सर्विस रोड के ड्रेनेज सिस्टम को स्टॉर्म वाटर ड्रेन से जोड़ा जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) पर हीरो होंडा चौक से नरसिंहपुर तक सर्विस लेन पर होने वाले जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत एनएच-48 स्थित सनबीम कंपनी के सामने नरसिंहपुर क्षेत्र में पाइप पुलिया डाली जाएगी। जीएमडीए ने यह कार्य एक एजेंसी को सौंप दिया है। एजेंसी ने मौके का निरीक्षण किया और अगले दो-तीन दिनों में काम शुरू होने की संभावना है।
योजना के अनुसार हाईवे पर लगातार रहने वाले भारी यातायात को देखते हुए पाइप लाइन डालने के लिए ट्रेंचलेस तकनीक (बिना खुदाई वाली तकनीक) का उपयोग किया जाएगा। इस तकनीक से सड़क को नुकसान पहुंचाए बिना भूमिगत पाइप लाइन बिछाई जा सकेगी, जिससे ट्रैफिक प्रभावित नहीं होगा। निर्माण संबंधी कार्य भी तेजी से पूरा किया जा सकेगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2.83 करोड़ रुपये है।
हीरो होंडा चौक से नरसिंहपुर तक हाईवे की सर्विस रोड पर हर बारिश में गंभीर जलभराव की समस्या बनी रहती है। कई बार पानी हाईवे के मुख्य मार्ग तक पहुंच जाता है, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। इसे देखते हुए जीएमडीए ने बारिश और घरेलू पानी की निकासी के लिए सनबीम कंपनी और राधा कृष्णा गार्डन के सामने नई पुलिया के निर्माण का प्रस्ताव भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को भेजा था। हालांकि सड़क की खुदाई कर पुलिया के निर्माण की योजना आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद जीएमडीए ने ट्रेंचलेस तकनीक से पाइप पुलिया के निर्माण का संशोधित प्रस्ताव तैयार कर एनएचएआई को भेजा, जिसे मंजूरी मिल गई।
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जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता विक्रम सिंह ने बताया कि एजेंसी को कार्य सौंप दिया गया है और स्थल का निरीक्षण भी कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि अगले दो-तीन दिनों में काम शुरू कर दिया जाएगा और इसे एक माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके माध्यम से बादशाहपुर ड्रेन में पानी भेजा जाएगा।
2016 के महा जाम के बाद सुर्खियों में आया था नरसिंहपुर
हाईवे पर नरसिंहपुर क्षेत्र पिछले करीब 9-10 वर्षों से बरसाती पानी जमा होने की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। वर्ष 2016 में भारी जलभराव के कारण यहां हाईवे पर लंबा महा जाम लग गया था, जिससे प्रशासन की काफी किरकिरी हुई थी। इसके बाद से जलभराव रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जाते रहे हैं, लेकिन हर मानसून में हालात फिर बिगड़ जाते हैं। नरसिंहपुर हाईवे का सबसे निचला हिस्सा माना जाता है, जहां खराब ड्रेनेज सिस्टम के कारण हर बारिश में 2 से 4 फीट तक पानी भर जाता था। इसके चलते हीरो होंडा चौक से खेड़कीदौला टोल तक कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता था। पिछले वर्ष जीएमडीए ने यहां 750 मीटर लंबा कच्चा नाला बनाकर कुछ राहत देने का प्रयास किया था। अब नई पाइप लाइन और ड्रेनेज कनेक्टिविटी से स्थायी समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।
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सर्विस रोड के ड्रेनेज सिस्टम को स्टॉर्म वाटर ड्रेन से जोड़ा जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) पर हीरो होंडा चौक से नरसिंहपुर तक सर्विस लेन पर होने वाले जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत एनएच-48 स्थित सनबीम कंपनी के सामने नरसिंहपुर क्षेत्र में पाइप पुलिया डाली जाएगी। जीएमडीए ने यह कार्य एक एजेंसी को सौंप दिया है। एजेंसी ने मौके का निरीक्षण किया और अगले दो-तीन दिनों में काम शुरू होने की संभावना है।
योजना के अनुसार हाईवे पर लगातार रहने वाले भारी यातायात को देखते हुए पाइप लाइन डालने के लिए ट्रेंचलेस तकनीक (बिना खुदाई वाली तकनीक) का उपयोग किया जाएगा। इस तकनीक से सड़क को नुकसान पहुंचाए बिना भूमिगत पाइप लाइन बिछाई जा सकेगी, जिससे ट्रैफिक प्रभावित नहीं होगा। निर्माण संबंधी कार्य भी तेजी से पूरा किया जा सकेगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 2.83 करोड़ रुपये है।
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हीरो होंडा चौक से नरसिंहपुर तक हाईवे की सर्विस रोड पर हर बारिश में गंभीर जलभराव की समस्या बनी रहती है। कई बार पानी हाईवे के मुख्य मार्ग तक पहुंच जाता है, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। इसे देखते हुए जीएमडीए ने बारिश और घरेलू पानी की निकासी के लिए सनबीम कंपनी और राधा कृष्णा गार्डन के सामने नई पुलिया के निर्माण का प्रस्ताव भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को भेजा था। हालांकि सड़क की खुदाई कर पुलिया के निर्माण की योजना आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद जीएमडीए ने ट्रेंचलेस तकनीक से पाइप पुलिया के निर्माण का संशोधित प्रस्ताव तैयार कर एनएचएआई को भेजा, जिसे मंजूरी मिल गई।
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जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता विक्रम सिंह ने बताया कि एजेंसी को कार्य सौंप दिया गया है और स्थल का निरीक्षण भी कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि अगले दो-तीन दिनों में काम शुरू कर दिया जाएगा और इसे एक माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके माध्यम से बादशाहपुर ड्रेन में पानी भेजा जाएगा।
2016 के महा जाम के बाद सुर्खियों में आया था नरसिंहपुर
हाईवे पर नरसिंहपुर क्षेत्र पिछले करीब 9-10 वर्षों से बरसाती पानी जमा होने की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। वर्ष 2016 में भारी जलभराव के कारण यहां हाईवे पर लंबा महा जाम लग गया था, जिससे प्रशासन की काफी किरकिरी हुई थी। इसके बाद से जलभराव रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जाते रहे हैं, लेकिन हर मानसून में हालात फिर बिगड़ जाते हैं। नरसिंहपुर हाईवे का सबसे निचला हिस्सा माना जाता है, जहां खराब ड्रेनेज सिस्टम के कारण हर बारिश में 2 से 4 फीट तक पानी भर जाता था। इसके चलते हीरो होंडा चौक से खेड़कीदौला टोल तक कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता था। पिछले वर्ष जीएमडीए ने यहां 750 मीटर लंबा कच्चा नाला बनाकर कुछ राहत देने का प्रयास किया था। अब नई पाइप लाइन और ड्रेनेज कनेक्टिविटी से स्थायी समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।