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सरकारी अस्पताल में दवा के लिए भटक रहे मरीज
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जिला नागरिक अस्पताल में दवाइयां लेने के लिए लगी लोगों की लंबी कतार।
- फोटो : Gurgaon
गुुरुग्राम। सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को पर्याप्त दवा नहीं मिल पा रही है। कई दिनों से सेक्टर 10 स्थित अस्पताल में यही हाल है। करीब सप्ताह भर से मरीजों की परेशानी को स्वास्थ्य विभाग कतई गंभीरता से नहीं ले रहा है। आधी अधूरी दवाइयां देकर ही मरीजों से मेडिकल स्टोर के चक्कर लगवाए जा रहे हैं।
हकीकत यह है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को यह तक मालूम नहीं कि अस्पताल के स्टोर में कौन सी दवा कब से खत्म है। एक अधिकारी ने भी स्वीकार किया कि सॉल्ट कंबीनेशन के कारण दिक्कत आ रही है। जरूरी सारी दवाइयां अस्पताल में है, जो मरीजों को दी जा रही है। कुछ जो पीछे से नहीं आ रही तो इसमें स्थानीय अधिकारी क्या कर सकते हैं। मंगलवार को भी दो काउंटरों से मरीजों को दवा दी जाती रही। जबकि भीड़ के कारण यहां पहले ही चार काउंटर बनाए गए हैं, लेकिन एक सप्ताह से दो कांउटर पूरी तरह बंद हैं।
बेटे की दवा लेने आई धनवती का कहना था कि खांसी का सिरप तो मिल गया लेकिन बुखार और जुकाम के लिए कई बार मेडिकल स्टोर जा चुकी हैं। दवा मिल नहीं पा रही है। वहीं सर्दी-जुकाम से परेशान राहुल ने कहा कि बुखार के साथ अन्य दवाएं जो लिखी हैं वह यहां नहीं है। अब आधी दवा यहां से खरीदो और आधी बाहर से। इस बारे में जब अस्पताल के उप प्रभारी डॉ. मनीष राठी से बात की तो उन्होंने कहा कि मैनपावर की कहीं कोई दिक्कत नहीं है। कुछ तकनीकी कारणों से काउंटर को बंद किया गया है। एक दो दिन में व्यवस्था को दुरुस्त कर लिया जाएगा।
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ओपीडी पहुंची 2000 के पार :
इस बीच अस्पताल में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है। अस्पताल में ओपीडी 2000 के पार पहुंच गई है। इनमें से 500 से अधिक बुखार और जुकाम-खांसी के ही मरीज हैं। अस्पताल प्रबंधन मरीजों की संख्या बढ़ने से हैरान तो है, लेकिन बढ़ी संख्या के बीच भी कोई अतिरिक्त व्यवस्था मरीजों के लिए नहीं की गई है। आपातकाल वार्ड तक में मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहे हैं। गंभीर हालत में पहुंचने वाले मरीजों को घंटों इंतजार कराया जा रहा है।
बेहतर सेवा देने का प्रयास : राठी
अस्पताल के उपप्रभारी डॉ. मनीष राठी कहते हैं कि मरीजों को बेहतर सेवा देने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। लगभग सभी दवाएं उपलब्ध है। थोड़ी-बहुत सॉल्ट कंबीनेेशन नहीं मिलने के कारण थोड़ी दिक्कत आ रही है। एक दो दिन में मरीजों के लिए चारों काउंटर खुलवा दिए जाएंगे।
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हकीकत यह है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को यह तक मालूम नहीं कि अस्पताल के स्टोर में कौन सी दवा कब से खत्म है। एक अधिकारी ने भी स्वीकार किया कि सॉल्ट कंबीनेशन के कारण दिक्कत आ रही है। जरूरी सारी दवाइयां अस्पताल में है, जो मरीजों को दी जा रही है। कुछ जो पीछे से नहीं आ रही तो इसमें स्थानीय अधिकारी क्या कर सकते हैं। मंगलवार को भी दो काउंटरों से मरीजों को दवा दी जाती रही। जबकि भीड़ के कारण यहां पहले ही चार काउंटर बनाए गए हैं, लेकिन एक सप्ताह से दो कांउटर पूरी तरह बंद हैं।
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बेटे की दवा लेने आई धनवती का कहना था कि खांसी का सिरप तो मिल गया लेकिन बुखार और जुकाम के लिए कई बार मेडिकल स्टोर जा चुकी हैं। दवा मिल नहीं पा रही है। वहीं सर्दी-जुकाम से परेशान राहुल ने कहा कि बुखार के साथ अन्य दवाएं जो लिखी हैं वह यहां नहीं है। अब आधी दवा यहां से खरीदो और आधी बाहर से। इस बारे में जब अस्पताल के उप प्रभारी डॉ. मनीष राठी से बात की तो उन्होंने कहा कि मैनपावर की कहीं कोई दिक्कत नहीं है। कुछ तकनीकी कारणों से काउंटर को बंद किया गया है। एक दो दिन में व्यवस्था को दुरुस्त कर लिया जाएगा।
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ओपीडी पहुंची 2000 के पार :
इस बीच अस्पताल में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है। अस्पताल में ओपीडी 2000 के पार पहुंच गई है। इनमें से 500 से अधिक बुखार और जुकाम-खांसी के ही मरीज हैं। अस्पताल प्रबंधन मरीजों की संख्या बढ़ने से हैरान तो है, लेकिन बढ़ी संख्या के बीच भी कोई अतिरिक्त व्यवस्था मरीजों के लिए नहीं की गई है। आपातकाल वार्ड तक में मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहे हैं। गंभीर हालत में पहुंचने वाले मरीजों को घंटों इंतजार कराया जा रहा है।
बेहतर सेवा देने का प्रयास : राठी
अस्पताल के उपप्रभारी डॉ. मनीष राठी कहते हैं कि मरीजों को बेहतर सेवा देने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। लगभग सभी दवाएं उपलब्ध है। थोड़ी-बहुत सॉल्ट कंबीनेेशन नहीं मिलने के कारण थोड़ी दिक्कत आ रही है। एक दो दिन में मरीजों के लिए चारों काउंटर खुलवा दिए जाएंगे।