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Gurugram News: डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज परेशान, बिना उपचार लौटे
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कई किलोमीटर दूर से इलाज के लिए पहुंचे थे लोग, मरीजों को रिपोर्ट नहीं मिली, महिलाएं व बुजुर्ग अस्पताल में भटके
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गढ़ी हरसरू, कादीपुर और बसई जैसे इलाकों से नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीज बुधवार को डॉक्टरों की हड़ताल के कारण परेशान रहे। इस दौरान मरीज डॉक्टर परामर्श के अलावा अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और पहले कराई गई जांच रिपोर्ट के लिए भी भटकते रहे। सारा सिस्टम डॉक्टर के ऑनलाइन कंप्यूटर से जुड़े होने के कारण मरीजों को रिपोर्ट नहीं सौंपी गई और न ही अन्य जांच की जा सकी। इस दौरान बुजुर्ग महिला, दिव्यांग और छोटे बच्चे ज्यादा परेशान रहे।
बुधवार को घने कोहरे के बावजूद कई किलोमीटर से लोग इलाज के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे। यहां पहले बाह्य मरीज विभाग (ओपीडी) कार्ड नहीं बनाए गए। इस कारण ज्यादातर मरीज अपने पुराने कार्ड के साथ ही बगैर तारीख डलवाए डॉक्टर कक्ष तक पहुंच गए। कई मरीजों ने नेत्र रोग विभाग, स्त्री रोग और बाल रोग विभाग के सामने पड़ी कुर्सियों पर सीट पक्की कर ली। काफी समय इंतजार के बाद भी डॉक्टर कक्ष की कुर्सियां खाली ही नजर आईं। बाद में उन्हें पता चला कि डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी है। इस बीच कई मरीज केवल अपने नौनिहाल की जांच के लिए अधीनस्थ कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं से विनती करते दिखे। कादीपुर से आई 55 वर्षीय सुमित्र देवी ने बताया कि वह आंखों में जलन और धुंधला दिखाई देने के कारण परेशान है। बीते एक माह से यह समस्या झेल रही सुमित्रा की पुत्र वधू ललिता को काम से छुट्टी नहीं मिली। इस कारण वह अस्पताल में डॉक्टर को नहीं दिखा सकी। बुधवार को किसी तरह ललिता को छुट्टी मिली। इस बीच दोनों अस्पताल पहुंचीं। किसी तरह सार्वजनिक वाहन से सरकारी अस्पताल में पहुंचने पर पता चला कि डॉक्टरों की हड़ताल है। ललिता ने कहा कि उसके एक दिन के वेतन का भी नुकसान हुआ और सास को इलाज भी नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थल पर इस तरह की जानकारी नोटिस बोर्ड और मुख्य दरवाजों पर चस्पा होनी चाहिए।
एक वर्षीय बच्चे के साथ करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित गढ़ी हरसरू से आए पिंटू ने बताया कि पत्नी ने गर्भ निरोधक लेजर ऑपरेशन कराया है। डॉक्टरों ने इसमें कुछ गड़बड़ कर दिया। इस बारे में शिकायत के बाद डॉक्टरों ने बुधवार को बुलाया था। वह काम से छुट्टी लेकर 25 वर्षीय आरती और एक वर्ष के बेटे हर्ष को लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचा था। यहां पहुंचने पर पता चला कि डॉक्टर सेवाएं नहीं दे रहे। काम से छुट्टी के कारण एक दिन का मेहनताना कट गया। पिंटू का कहना है कि इस तरह की हड़ताल की पूरी जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाना चाहिए थी।
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डॉक्टर आज देंगे सेवाएं
जिला अस्पताल में करीब 50 और राज्य स्तर पर तीन हजार डॉक्टर हड़ताल पर रहे। केवल आपात कक्ष, ट्रॉमा सेंटर और पोस्टमार्टम हाउस चले। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएसए) ने चेताया है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो 28 दिसंबर को वह सामान्य रूप से काम करेंगे, इसके बाद 29 को पूर्ण हड़ताल करेंगे। इस दौरान आपात सेवाएं भी बहाल नहीं की जाएंगी। ऐसे में मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है।एचसीएमएसए की मांग है कि सीधी भर्ती न करके पदोन्नति के माध्यम से सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ) बनाए जाएं। विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए अलग कैडर बनाया जाए। सर्विस में रहते पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) करने के लिए एक-एक करोड़ रुपये के दो बांड भरने की राशि घटाकर 50 लाख की जाए।
दस वर्ष पुरानी मांगें मनवाने के लिए प्रदेश स्तर पर यह हड़ताल की गई। बुधवार को ओपीडी बंद रहने के कारण जरूरतमंदों को परेशानी हुई। सभी मांगें मानी जाएं, इसके बाद ही डॉक्टर हड़ताल खत्म करेंगे। बृहस्पतिवार को सभी सेवाएं चलेंगी। मांगें न मानने पर शुक्रवार से पूरी तरह से सेवाएं बंद करने को मजबूर रहेंगे। -डॉ. नवीन घांघस, जिला प्रधान, एचसीएमएसए
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गढ़ी हरसरू, कादीपुर और बसई जैसे इलाकों से नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीज बुधवार को डॉक्टरों की हड़ताल के कारण परेशान रहे। इस दौरान मरीज डॉक्टर परामर्श के अलावा अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और पहले कराई गई जांच रिपोर्ट के लिए भी भटकते रहे। सारा सिस्टम डॉक्टर के ऑनलाइन कंप्यूटर से जुड़े होने के कारण मरीजों को रिपोर्ट नहीं सौंपी गई और न ही अन्य जांच की जा सकी। इस दौरान बुजुर्ग महिला, दिव्यांग और छोटे बच्चे ज्यादा परेशान रहे।
बुधवार को घने कोहरे के बावजूद कई किलोमीटर से लोग इलाज के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे। यहां पहले बाह्य मरीज विभाग (ओपीडी) कार्ड नहीं बनाए गए। इस कारण ज्यादातर मरीज अपने पुराने कार्ड के साथ ही बगैर तारीख डलवाए डॉक्टर कक्ष तक पहुंच गए। कई मरीजों ने नेत्र रोग विभाग, स्त्री रोग और बाल रोग विभाग के सामने पड़ी कुर्सियों पर सीट पक्की कर ली। काफी समय इंतजार के बाद भी डॉक्टर कक्ष की कुर्सियां खाली ही नजर आईं। बाद में उन्हें पता चला कि डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी है। इस बीच कई मरीज केवल अपने नौनिहाल की जांच के लिए अधीनस्थ कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं से विनती करते दिखे। कादीपुर से आई 55 वर्षीय सुमित्र देवी ने बताया कि वह आंखों में जलन और धुंधला दिखाई देने के कारण परेशान है। बीते एक माह से यह समस्या झेल रही सुमित्रा की पुत्र वधू ललिता को काम से छुट्टी नहीं मिली। इस कारण वह अस्पताल में डॉक्टर को नहीं दिखा सकी। बुधवार को किसी तरह ललिता को छुट्टी मिली। इस बीच दोनों अस्पताल पहुंचीं। किसी तरह सार्वजनिक वाहन से सरकारी अस्पताल में पहुंचने पर पता चला कि डॉक्टरों की हड़ताल है। ललिता ने कहा कि उसके एक दिन के वेतन का भी नुकसान हुआ और सास को इलाज भी नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थल पर इस तरह की जानकारी नोटिस बोर्ड और मुख्य दरवाजों पर चस्पा होनी चाहिए।
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एक वर्षीय बच्चे के साथ करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित गढ़ी हरसरू से आए पिंटू ने बताया कि पत्नी ने गर्भ निरोधक लेजर ऑपरेशन कराया है। डॉक्टरों ने इसमें कुछ गड़बड़ कर दिया। इस बारे में शिकायत के बाद डॉक्टरों ने बुधवार को बुलाया था। वह काम से छुट्टी लेकर 25 वर्षीय आरती और एक वर्ष के बेटे हर्ष को लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचा था। यहां पहुंचने पर पता चला कि डॉक्टर सेवाएं नहीं दे रहे। काम से छुट्टी के कारण एक दिन का मेहनताना कट गया। पिंटू का कहना है कि इस तरह की हड़ताल की पूरी जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाना चाहिए थी।
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डॉक्टर आज देंगे सेवाएं
जिला अस्पताल में करीब 50 और राज्य स्तर पर तीन हजार डॉक्टर हड़ताल पर रहे। केवल आपात कक्ष, ट्रॉमा सेंटर और पोस्टमार्टम हाउस चले। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएसए) ने चेताया है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो 28 दिसंबर को वह सामान्य रूप से काम करेंगे, इसके बाद 29 को पूर्ण हड़ताल करेंगे। इस दौरान आपात सेवाएं भी बहाल नहीं की जाएंगी। ऐसे में मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है।एचसीएमएसए की मांग है कि सीधी भर्ती न करके पदोन्नति के माध्यम से सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ) बनाए जाएं। विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए अलग कैडर बनाया जाए। सर्विस में रहते पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) करने के लिए एक-एक करोड़ रुपये के दो बांड भरने की राशि घटाकर 50 लाख की जाए।
दस वर्ष पुरानी मांगें मनवाने के लिए प्रदेश स्तर पर यह हड़ताल की गई। बुधवार को ओपीडी बंद रहने के कारण जरूरतमंदों को परेशानी हुई। सभी मांगें मानी जाएं, इसके बाद ही डॉक्टर हड़ताल खत्म करेंगे। बृहस्पतिवार को सभी सेवाएं चलेंगी। मांगें न मानने पर शुक्रवार से पूरी तरह से सेवाएं बंद करने को मजबूर रहेंगे। -डॉ. नवीन घांघस, जिला प्रधान, एचसीएमएसए