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द्वारका एक्सप्रेसवे पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर का हिस्सा गिरा, तीन घायल
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दौलताबाद स्थित द्वारका एक्सप्रेस वे पर चल रहे फ्लाई ओवर निर्माण कार्य के दौरान टूटा हुआ फ्लाईओव?
- फोटो : Gurgaon
गुरुग्राम। दौलताबाद चौक के नजदीक रविवार को द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा सुबह करीब 7.40 बजे हुआ। एक के बाद एक फ्लाईओवर के 250 मीटर के दो स्लैब (सिगमेंट) गिरते ही मौके पर अफरातफरी मच गई। इन सिगमेंट को शिफ्ट कराने में मदद कर रही हाइड्रोलिक मशीन भी ध्वस्त हो गई। इस हादसे में तीन मजदूर घायल हुए हैं, जिनको निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मलबे के नीचे किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने से इंकार नहीं किया जा सकता। पूरी तरह से मलबा साफ होने पर भी इस बारे में कहा जा सकता है। हालांकि, मलबा हटाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, आपदा प्रबंधन की टीम व सिविल डिफेंस के जवान मौके पर पहुंचे। इन सभी की मदद से घायलों को अस्पताल ले जाया गया। मौके पर मौजूद मजदूरों के मुताबिक, फ्लाईओवर का हिस्सा गिरने के बाद जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा था और मजदूर इधर-उधर भागने लगे। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त मौके पर गिनती के ही मजदूर थे और वह भी तितर-बितर थे, जिससे ज्यादा लोग इसकी चपेट में नहीं आए। मजदूरों के मुताबिक, फ्लाईओवर के निर्माण कार्य में जमकर लापरवाही की जा रही है, जिसके चलते यह हादसा हुआ। हादसे में घायल दो मजदूरों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
सुबह चार बजे ही हुआ था शिफ्ट में बदलाव
खेड़कीदौला टोल से दिल्ली के शिवमूर्ति तक बनाए जा रहे 29 किलोमीटर लंबे द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य दिनरात जारी है। इसमें तीन शिफ्ट में कई हजार मजदूर काम कर रहे हैं। मौके पर मौजूद मजदूरों के मुताबिक, सुबह 4 बजे ही मजदूरों की शिफ्ट में बदलाव किया गया था, जिसके कारण रात में काम करने वाले मजदूर चले गए थे जबकि दिन की शिफ्ट में काम करने के लिए एक-एक कर मजदूर आने शुरू हो गए थे। यदि रात के समय हादसा होता तो कई मजदूरों की जानें जाती तो घायलों की संख्या भी कहीं ज्यादा रहती। एक बड़ी वजह यह भी है कि हादसे में ज्यादा लोग हताहत नहीं हुए।
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उच्च स्तरीय जांच की जाएगी
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे एसपी राजीव यादव ने बताया कि घटना की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी। एनएचएआई के इंजीनियर हादसे के वजहों की बारीकी से पड़ताल करेंगे और फिर उनकी रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, आपदा प्रबंधन की टीम व सिविल डिफेंस के जवान मौके पर पहुंचे। इन सभी की मदद से घायलों को अस्पताल ले जाया गया। मौके पर मौजूद मजदूरों के मुताबिक, फ्लाईओवर का हिस्सा गिरने के बाद जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा था और मजदूर इधर-उधर भागने लगे। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त मौके पर गिनती के ही मजदूर थे और वह भी तितर-बितर थे, जिससे ज्यादा लोग इसकी चपेट में नहीं आए। मजदूरों के मुताबिक, फ्लाईओवर के निर्माण कार्य में जमकर लापरवाही की जा रही है, जिसके चलते यह हादसा हुआ। हादसे में घायल दो मजदूरों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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सुबह चार बजे ही हुआ था शिफ्ट में बदलाव
खेड़कीदौला टोल से दिल्ली के शिवमूर्ति तक बनाए जा रहे 29 किलोमीटर लंबे द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य दिनरात जारी है। इसमें तीन शिफ्ट में कई हजार मजदूर काम कर रहे हैं। मौके पर मौजूद मजदूरों के मुताबिक, सुबह 4 बजे ही मजदूरों की शिफ्ट में बदलाव किया गया था, जिसके कारण रात में काम करने वाले मजदूर चले गए थे जबकि दिन की शिफ्ट में काम करने के लिए एक-एक कर मजदूर आने शुरू हो गए थे। यदि रात के समय हादसा होता तो कई मजदूरों की जानें जाती तो घायलों की संख्या भी कहीं ज्यादा रहती। एक बड़ी वजह यह भी है कि हादसे में ज्यादा लोग हताहत नहीं हुए।
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उच्च स्तरीय जांच की जाएगी
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे एसपी राजीव यादव ने बताया कि घटना की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी। एनएचएआई के इंजीनियर हादसे के वजहों की बारीकी से पड़ताल करेंगे और फिर उनकी रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।