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Gurugram News: आदेश तार-तार, पटवार घरों काम करते दिखे निजी सहायक
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पहले दिन ही आदेशों की उड़ी धज्जियां, भ्रष्टाचार की कड़ी का काम करते हैं निजी सहायक
शेरसिंह डागर
नूंह। विभाग ने भले ही राजस्व विभाग के अधिकारियों को भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए निजी सहायक रखने पर रोक लगा दी है। लेकिन मेवात में इन आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ती नजर आईं। विभाग के इन आदेशों की कितनी पालना हो रही है इसको लेकर अमर उजाला ने नूंह स्थित पुरानी तहसील परिसर में बने पटवार घरों में जाकर देखा तो वहां नजारा पहले की तरह ही था। कई पटवारी अपनी सीट पर नहीं थे तो उनकी अनुपस्थिति में पटवारियों के निजी सहायक सरकारी रिकॉर्ड को पूरा कर रहे थे तो कोई किसी की जमाबंदी व अन्य दस्तावेज तैयार करने में जुटा था। एक दो जगह जहां पटवारी बैठे हुए थे, लेकिन वह भी अपने निधि सहायकों के सहारे काम करते नजर आए। अब ऐसे में चंडीगढ़ बैठे अधिकारियों के लिए ही नहीं बल्कि डीसी के लिए भी बड़ा सवाल है आखिर इन आदेशों की पालन क्यों नहीं हो रहा है।
आपको बता दें कि वित्तायुक्त राजस्व एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव हरियाणा सरकार की ओर से 27 दिसंबर 2024 को जारी पत्र में साफ कहा गया है कि तहसीलदार, नायब तहसीलदार, गिरदावर, कानूनगो, रजिस्ट्री क्लर्क व पटवारी कोई भी अपने कार्यालय में निजी सहायक नहीं रखेगा। सहायक रखे जाने के बारे में लगातार विभाग को शिकायतें मिल रही थीं और विभाग में भ्रष्टाचार भी पनप रहा है। ऐसे निजी सहायक चंद पैसों के लालच में न केवल सरकारी रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ कर देते हैं बल्कि रिकॉर्ड को भी गायब कर देते हैं । कई जगहों पर ऐसे मामले भी सामने आए हैं। इस पर गंभीरता दिखाते हुए विभाग ने यह निर्णय लिया है।
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शेरसिंह डागर
नूंह। विभाग ने भले ही राजस्व विभाग के अधिकारियों को भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए निजी सहायक रखने पर रोक लगा दी है। लेकिन मेवात में इन आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ती नजर आईं। विभाग के इन आदेशों की कितनी पालना हो रही है इसको लेकर अमर उजाला ने नूंह स्थित पुरानी तहसील परिसर में बने पटवार घरों में जाकर देखा तो वहां नजारा पहले की तरह ही था। कई पटवारी अपनी सीट पर नहीं थे तो उनकी अनुपस्थिति में पटवारियों के निजी सहायक सरकारी रिकॉर्ड को पूरा कर रहे थे तो कोई किसी की जमाबंदी व अन्य दस्तावेज तैयार करने में जुटा था। एक दो जगह जहां पटवारी बैठे हुए थे, लेकिन वह भी अपने निधि सहायकों के सहारे काम करते नजर आए। अब ऐसे में चंडीगढ़ बैठे अधिकारियों के लिए ही नहीं बल्कि डीसी के लिए भी बड़ा सवाल है आखिर इन आदेशों की पालन क्यों नहीं हो रहा है।
आपको बता दें कि वित्तायुक्त राजस्व एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव हरियाणा सरकार की ओर से 27 दिसंबर 2024 को जारी पत्र में साफ कहा गया है कि तहसीलदार, नायब तहसीलदार, गिरदावर, कानूनगो, रजिस्ट्री क्लर्क व पटवारी कोई भी अपने कार्यालय में निजी सहायक नहीं रखेगा। सहायक रखे जाने के बारे में लगातार विभाग को शिकायतें मिल रही थीं और विभाग में भ्रष्टाचार भी पनप रहा है। ऐसे निजी सहायक चंद पैसों के लालच में न केवल सरकारी रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ कर देते हैं बल्कि रिकॉर्ड को भी गायब कर देते हैं । कई जगहों पर ऐसे मामले भी सामने आए हैं। इस पर गंभीरता दिखाते हुए विभाग ने यह निर्णय लिया है।
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