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Gurugram News: मनरेगा योजना में गबन मामले में दो करोड़ की रिकवरी के आदेश
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-खंड के गांव अकलीमपुर में हुए गबन मामले में पूर्व सरपंच पर है आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। खंड के गांव अकलीमपुर में मनरेगा योजना के तहत हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में पंचायत विभाग द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। एसडीएम की जांच के बाद खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ने पूर्व सरपंच द्वारा मनरेगा योजना के नाम पर गबन की गई राशि को 21% ब्याज के साथ पंचायत खाते में जमा कराने के आदेश दिए हैं।
इन आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर निर्धारित समय पर राशि जमा नहीं कराई गई, तो उसकी संपत्ति कुर्क कर राशि वसूली जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से जहां पूर्व सरपंच के पसीने छूट रहे है, वहीं इस गबन में शामिल अधिकारियों में भी खलबली मची हुई है। समसुद्दीन और दीन मोहम्मद निवासी अकलीमपुर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पूर्व सरपंच जायदा पत्नी समीम ने अपने कार्यकाल के दौरान साल 2019 से 2022 तक मनरेगा योजना के द्वारा कराए गए पंचायत कार्यों में भारी गबन किया था। शिकायत में उन्होंने कुल 24 ऐसे कार्य दिखाए थे, जिनमें किसी तरह का कोई कार्य नहीं हुआ।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक पूर्व सरपंच ने अपने ससुर असुद्दीन, मनरेगा एबीपीओ साजिद, पंचायत सचिव सहित अन्य अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया था। उक्त सभी आरोपियों ने फर्जी बिलों के आधार पर केवल कागजों में कार्य दिखाकर करोड़ों रुपए की सरकारी राशि का दुरुपयोग किया था। दिसंबर 2023 में इस पूरे मामले की जांच फिरोजपुर झिरका के तत्कालीन एसडीएम द्वारा की गई। जांच के बाद एसडीएम द्वारा पूर्व सरपंच को पिछला रिकॉर्ड कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए, लेकिन सरपंच द्वारा पिछले रिकॉर्ड पेश नहीं किया गया। जांच में गांव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई।
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नगीना। खंड के गांव अकलीमपुर में मनरेगा योजना के तहत हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में पंचायत विभाग द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। एसडीएम की जांच के बाद खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ने पूर्व सरपंच द्वारा मनरेगा योजना के नाम पर गबन की गई राशि को 21% ब्याज के साथ पंचायत खाते में जमा कराने के आदेश दिए हैं।
इन आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर निर्धारित समय पर राशि जमा नहीं कराई गई, तो उसकी संपत्ति कुर्क कर राशि वसूली जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से जहां पूर्व सरपंच के पसीने छूट रहे है, वहीं इस गबन में शामिल अधिकारियों में भी खलबली मची हुई है। समसुद्दीन और दीन मोहम्मद निवासी अकलीमपुर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पूर्व सरपंच जायदा पत्नी समीम ने अपने कार्यकाल के दौरान साल 2019 से 2022 तक मनरेगा योजना के द्वारा कराए गए पंचायत कार्यों में भारी गबन किया था। शिकायत में उन्होंने कुल 24 ऐसे कार्य दिखाए थे, जिनमें किसी तरह का कोई कार्य नहीं हुआ।
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शिकायतकर्ताओं के मुताबिक पूर्व सरपंच ने अपने ससुर असुद्दीन, मनरेगा एबीपीओ साजिद, पंचायत सचिव सहित अन्य अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया था। उक्त सभी आरोपियों ने फर्जी बिलों के आधार पर केवल कागजों में कार्य दिखाकर करोड़ों रुपए की सरकारी राशि का दुरुपयोग किया था। दिसंबर 2023 में इस पूरे मामले की जांच फिरोजपुर झिरका के तत्कालीन एसडीएम द्वारा की गई। जांच के बाद एसडीएम द्वारा पूर्व सरपंच को पिछला रिकॉर्ड कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए, लेकिन सरपंच द्वारा पिछले रिकॉर्ड पेश नहीं किया गया। जांच में गांव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई।
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