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Gurugram News: निजी अस्पतालों में बंद हुए आयुष्मान-चिरायु योजना के तहत ऑपरेशन
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जिला नागरिक अस्पताल में बढ़ेंगी वेटिंग लिस्ट, निजी अस्पताल में पांच तरह के इलाज किए गए बंद
सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नए निर्देश जारी करने के बाद अब निजी अस्पताल में आयुष्मान-चिरायु योजना के तहत पांच इलाजों की सुविधा नहीं मिलेगी। इस वजह से अब जिला नागरिक अस्पताल में पांच इलाजों के वार्ड में वेटिंग लिस्ट बढ़ने की संभावना है। इनमें मोतियाबिंद का ऑपरेशन, बच्चेदानी का ऑपरेशन, दूरबीन से पित्त की थैली का ऑपरेशन, उल्टी-दस्त की बीमारी और सांस संबंधी दमा के रोगों का उपचार शामिल है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों में पांच बीमारियों का इलाज बंद कर दिया गया है, जिसमें मोतियाबिंद और बच्चेदानी के ऑपरेशन शामिल हैं। आयुष्मान कार्ड धारकों को अब सरकारी अस्पतालों में इलाज कराना होगा।
साल 2018 से संचालित इस योजना में पहले से मौजूद बीमारियों और गंभीर बीमारियों को भी शामिल किया गया था। लाभार्थी देश भर में किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में इन मेडिकल सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। आयुष्मान भारत योजना से अलग हरियाणा सरकार ने चिरायु योजना भी आरंभ की थी।
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वर्जन
वर्तमान में अस्पताल में कोई दबाव नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बाद से इन पांचों इलाज के लिए अस्पताल में दबाव बढ़ सकता है। यदि उस दौरान लगेगा तो सुविधा बढ़ाई जाएंगी। - डाॅ. लोकवीर, पीएमओ, नागरिक अस्पताल
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पटौदी नागरिक अस्पताल में नहीं है पित्त की थैली की सुविधा
प्रेमचंद पालमी
पटौदी। निजी अस्पतालों में आयुष्मान-चिरायु योजना के तहत कई तरह के इलाज बंद कर दिए गए हैं। यह सुविधा बंद किए जाने से सरकारी अस्पतालों में अब लोगों के इलाज के लिए दबाव बढ़ेगा। उपमंडल नागरिक अस्पताल पटौदी में मोतियाबिंद और बच्चेदानी का ऑपरेशन की सुविधा है, लेकिन दूरबीन से पित्त की थैली का ऑपरेशन के लिए सुविधा नहीं है। अब तक निजी व नागरिक अस्पताल दोनों में इस योजना के तहत मरीजों का पांच लाख रुपये तक का इलाज निशुल्क होता था, लेकिन अब निजी अस्पतालों में इस योजना के तहत मोतियाबिंद, बच्चेदानी के ऑपरेशन और दूरबीन से पित्त की थैली के ऑपरेशन बंद कर दिए गए हैं। वहीं, पटौदी के उपमंडल नागरिक अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन व बच्चेदानी का ऑपरेशन की सुविधा तो है लेकिन यहां पर दूरबीन से पित्त की थैली के ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। इधर अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशांत शर्मा ने बताया कि उपमंडल नागरिक अस्पताल में आंखों में मोतियाबिंद के ऑपरेशन की सुविधा सुचारु रूप से है और ऑपरेशन के लिए 15 दिन की वेटिंग है उसके बाद ऑपरेशन किया जाता है। उपमंडल नागरिक अस्पताल पटौदी की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) डॉ.नीरु यादव से बात की तो उन्होंने बताया कि अस्पताल में दूरबीन द्वारा पित्त की थैली के ऑपरेशन के लिए सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र द्वारा अवगत कराया जा चुका है। आगामी दिनों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नए निर्देश जारी करने के बाद अब निजी अस्पताल में आयुष्मान-चिरायु योजना के तहत पांच इलाजों की सुविधा नहीं मिलेगी। इस वजह से अब जिला नागरिक अस्पताल में पांच इलाजों के वार्ड में वेटिंग लिस्ट बढ़ने की संभावना है। इनमें मोतियाबिंद का ऑपरेशन, बच्चेदानी का ऑपरेशन, दूरबीन से पित्त की थैली का ऑपरेशन, उल्टी-दस्त की बीमारी और सांस संबंधी दमा के रोगों का उपचार शामिल है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों में पांच बीमारियों का इलाज बंद कर दिया गया है, जिसमें मोतियाबिंद और बच्चेदानी के ऑपरेशन शामिल हैं। आयुष्मान कार्ड धारकों को अब सरकारी अस्पतालों में इलाज कराना होगा।
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साल 2018 से संचालित इस योजना में पहले से मौजूद बीमारियों और गंभीर बीमारियों को भी शामिल किया गया था। लाभार्थी देश भर में किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में इन मेडिकल सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। आयुष्मान भारत योजना से अलग हरियाणा सरकार ने चिरायु योजना भी आरंभ की थी।
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वर्जन
वर्तमान में अस्पताल में कोई दबाव नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बाद से इन पांचों इलाज के लिए अस्पताल में दबाव बढ़ सकता है। यदि उस दौरान लगेगा तो सुविधा बढ़ाई जाएंगी। - डाॅ. लोकवीर, पीएमओ, नागरिक अस्पताल
पटौदी नागरिक अस्पताल में नहीं है पित्त की थैली की सुविधा
प्रेमचंद पालमी
पटौदी। निजी अस्पतालों में आयुष्मान-चिरायु योजना के तहत कई तरह के इलाज बंद कर दिए गए हैं। यह सुविधा बंद किए जाने से सरकारी अस्पतालों में अब लोगों के इलाज के लिए दबाव बढ़ेगा। उपमंडल नागरिक अस्पताल पटौदी में मोतियाबिंद और बच्चेदानी का ऑपरेशन की सुविधा है, लेकिन दूरबीन से पित्त की थैली का ऑपरेशन के लिए सुविधा नहीं है। अब तक निजी व नागरिक अस्पताल दोनों में इस योजना के तहत मरीजों का पांच लाख रुपये तक का इलाज निशुल्क होता था, लेकिन अब निजी अस्पतालों में इस योजना के तहत मोतियाबिंद, बच्चेदानी के ऑपरेशन और दूरबीन से पित्त की थैली के ऑपरेशन बंद कर दिए गए हैं। वहीं, पटौदी के उपमंडल नागरिक अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन व बच्चेदानी का ऑपरेशन की सुविधा तो है लेकिन यहां पर दूरबीन से पित्त की थैली के ऑपरेशन की सुविधा नहीं है। इधर अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशांत शर्मा ने बताया कि उपमंडल नागरिक अस्पताल में आंखों में मोतियाबिंद के ऑपरेशन की सुविधा सुचारु रूप से है और ऑपरेशन के लिए 15 दिन की वेटिंग है उसके बाद ऑपरेशन किया जाता है। उपमंडल नागरिक अस्पताल पटौदी की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) डॉ.नीरु यादव से बात की तो उन्होंने बताया कि अस्पताल में दूरबीन द्वारा पित्त की थैली के ऑपरेशन के लिए सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र द्वारा अवगत कराया जा चुका है। आगामी दिनों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।