{"_id":"60f03bf68ebc3ee59b7ff745","slug":"only-30-percent-work-on-smart-grid-project-in-four-years-gurgaon-news-noi593634113","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट पर चार साल में महज 30 फीसदी काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट पर चार साल में महज 30 फीसदी काम
विज्ञापन
गुरुग्राम। शहर में उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली देने के लिए बनाए जा रहे स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट पर चार साल में 30 प्रतिशत ही काम हो सका है। इस चाल से तो इसका निर्माण 2029 तक भी पूरा नहीं हो पाएगा। 2017 में जब इस पर काम शुरू हुआ था तो इसे 2019 तक बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इसे लेकर कई बार समीक्षा बैठक हो चुकी है, लेकिन निर्माण को लेकर निगम के अधिकारियों का रवैया सुस्त है।
स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के दम पर गुरुग्राम को इन्वर्टर फ्री बनाने के दावे की अब हवा निकलती जा रही है। इसके लिए शहर के 600 फीडर को स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया जाना था। अभी तक 188 फीडर ही विकसित हुए हैं। 2017 में इसके लिए विद्या टेलिलिक्स, टाटा प्रोजेक्ट व एलएनएंडटी कंपनी को टेंडर दिया गया था। चार साल बीतने के बाद भी प्रोजेक्ट पर एक तिहाई काम भी नहीं हुआ है। प्रोजेक्ट से शहर के एक से 57 सेक्टर तक बिजली दी जानी है। हालांकि अभी तक मात्र 14 सेक्टरों में ही फीडरों को इसके मानक के अनुरूप विकसित किया जा सका है। दो जुलाई को दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के निदेशक (परियोजना) वीरेंद्र मान ने स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारियों व टेंडर लेने वाली कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक की। जिसमें उन्होंने केवल स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट का काम जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
प्रोजेक्ट के काम में तेजी लाने के लिए समीक्षा बैठकें हो चुकी हैं और टेंडर लेनी वाली कंपनियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। प्रोजेक्ट में दो हिस्सों का काम नवंबर तक पूरा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
केसी अग्रवाल, मुख्य अभियंता, डीएचबीवीएन
विज्ञापन
स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के दम पर गुरुग्राम को इन्वर्टर फ्री बनाने के दावे की अब हवा निकलती जा रही है। इसके लिए शहर के 600 फीडर को स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया जाना था। अभी तक 188 फीडर ही विकसित हुए हैं। 2017 में इसके लिए विद्या टेलिलिक्स, टाटा प्रोजेक्ट व एलएनएंडटी कंपनी को टेंडर दिया गया था। चार साल बीतने के बाद भी प्रोजेक्ट पर एक तिहाई काम भी नहीं हुआ है। प्रोजेक्ट से शहर के एक से 57 सेक्टर तक बिजली दी जानी है। हालांकि अभी तक मात्र 14 सेक्टरों में ही फीडरों को इसके मानक के अनुरूप विकसित किया जा सका है। दो जुलाई को दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के निदेशक (परियोजना) वीरेंद्र मान ने स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट को लेकर अधिकारियों व टेंडर लेने वाली कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक की। जिसमें उन्होंने केवल स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट का काम जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
प्रोजेक्ट के काम में तेजी लाने के लिए समीक्षा बैठकें हो चुकी हैं और टेंडर लेनी वाली कंपनियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। प्रोजेक्ट में दो हिस्सों का काम नवंबर तक पूरा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
केसी अग्रवाल, मुख्य अभियंता, डीएचबीवीएन