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Gurugram News: पटरी से उतरी एक स्टेशन एक उत्पाद योजना, बिक रहा दक्षिण भारत का सामान
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गुरुग्राम के पास अपना कोई प्रसिद्ध उत्पाद नहीं है
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। रेल मंत्रालय की एक स्टेशन एक उत्पाद योजना गुरुग्राम में पटरी से उतरती नजर आ रही है। योजना के तहत रेलवे स्टेशनों पर स्टॉल लगाकर संबंधित शहर की पहचान बताने वाले उत्पाद बेचे जाते हैं। जैसे मथुरा के पेड़े तो आगरा में पेठे की मिठाई मशहूर है। ऐसे ही हापुड़ का पापड़ व बीकानेर की भुजिया शहर की पहचान है, लेकिन गुरुग्राम रेलवे स्टेशन पर शहर की पहचान से जुडा कोई उत्पाद बेचने की बजाय स्टॉल पर दक्षिण के मसाले व अचार बेचा जा रहा है, जबकि योजना के अनुसार उत्पाद उसी शहर से संबंधित होना चाहिए, ताकि रेलवे स्टेशन पर यात्री वहां के विशेष उत्पाद के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें और उसे आसानी से खरीद सकें। अब ये समझ से परे है कि दक्षिण के उप्ताद गुरुग्राम की पहचान कैसे बताएंगे। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने वर्ष 2022-2023 के केंद्रीय बजट में योजना की घोषणा की थी, ताकि वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा दिया जा सके।
अगर गुरुग्राम रेलवे स्टेशन पर शहर की पहचान से जुडा कोई उत्पाद बेचा जाता तो हजारों रेल यात्री, जो प्रतिदिन गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से गुजरते हैं, वे गुरुग्राम के उत्पाद के बारे में जानते, इससे जिला व प्रदेश की पहचान दूसरे राज्यों तक पहुंचती, लेकिन रेलवे अधिकारियों का तर्क है कि गुरुग्राम या दक्षिण हरियाणा से जुडा सामान तो बाजार में उपलब्ध है, इसलिए स्टॉल बाहरी लोगाें को अलॉट कर दिया जाता है, जबकि योजना के अनुसार उत्पाद उसी शहर का होना चाहिए। ये दर्शाता है रेलवे के अधिकारी योजना के उद्देश्य से ही अनभिज्ञ हैं।
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लघु उद्यमी को 15 दिन के लिए मिलता है स्टॉल
एक स्टेशन एक उत्पाद योजना के तहत लघु उद्यमी को स्टेशन पर 15 दिन ही उत्पाद का प्रदर्शन करने दिया जाता है। इसके बाद दूसरे उद्यमियों को मौका मिलता है।
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गुरुग्राम की डोडा मिठाई विदेशों तक है मशहूर
गुरुग्राम की डोडा मिठाई बहुत प्रसिद्ध है, इसे भारत ही नहीं विदेश में भी पसंद किया जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में कई देशों में मिठाई का निर्यात किया जाता है। इसके अलावा अहीरवाल क्षेत्र से जुडे़ कई और उत्पादों की भी इस योजना के अंतर्गत ब्रांडिंग की जानी थी, लेकिन फिलहाल ऐसा होता नहीं दिख रहा है।स्थानीय उद्यमियों ने बताया कि केंद्र की इस योजना का लाभ यहां के लघु उद्योग को नहीं मिल रहा।
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अब तक चार से पांच लघु उद्यमियों ने योजना के जरिए गुरुग्राम रेलवे स्टेशन पर अपना सामान बेचा है, जिसमें एक भी उत्पाद गुरुग्राम से जुड़ा हुआ नहीं था। भविष्य में उम्मीद करते हैं कोई स्थानीय कामगार योजना के तहत स्टॉल के लिए आवेदन करेगा। - शिव कुमार यादव, वाणिज्यिक निरीक्षक गुरुग्राम
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। रेल मंत्रालय की एक स्टेशन एक उत्पाद योजना गुरुग्राम में पटरी से उतरती नजर आ रही है। योजना के तहत रेलवे स्टेशनों पर स्टॉल लगाकर संबंधित शहर की पहचान बताने वाले उत्पाद बेचे जाते हैं। जैसे मथुरा के पेड़े तो आगरा में पेठे की मिठाई मशहूर है। ऐसे ही हापुड़ का पापड़ व बीकानेर की भुजिया शहर की पहचान है, लेकिन गुरुग्राम रेलवे स्टेशन पर शहर की पहचान से जुडा कोई उत्पाद बेचने की बजाय स्टॉल पर दक्षिण के मसाले व अचार बेचा जा रहा है, जबकि योजना के अनुसार उत्पाद उसी शहर से संबंधित होना चाहिए, ताकि रेलवे स्टेशन पर यात्री वहां के विशेष उत्पाद के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें और उसे आसानी से खरीद सकें। अब ये समझ से परे है कि दक्षिण के उप्ताद गुरुग्राम की पहचान कैसे बताएंगे। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने वर्ष 2022-2023 के केंद्रीय बजट में योजना की घोषणा की थी, ताकि वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा दिया जा सके।
अगर गुरुग्राम रेलवे स्टेशन पर शहर की पहचान से जुडा कोई उत्पाद बेचा जाता तो हजारों रेल यात्री, जो प्रतिदिन गुरुग्राम रेलवे स्टेशन से गुजरते हैं, वे गुरुग्राम के उत्पाद के बारे में जानते, इससे जिला व प्रदेश की पहचान दूसरे राज्यों तक पहुंचती, लेकिन रेलवे अधिकारियों का तर्क है कि गुरुग्राम या दक्षिण हरियाणा से जुडा सामान तो बाजार में उपलब्ध है, इसलिए स्टॉल बाहरी लोगाें को अलॉट कर दिया जाता है, जबकि योजना के अनुसार उत्पाद उसी शहर का होना चाहिए। ये दर्शाता है रेलवे के अधिकारी योजना के उद्देश्य से ही अनभिज्ञ हैं।
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लघु उद्यमी को 15 दिन के लिए मिलता है स्टॉल
एक स्टेशन एक उत्पाद योजना के तहत लघु उद्यमी को स्टेशन पर 15 दिन ही उत्पाद का प्रदर्शन करने दिया जाता है। इसके बाद दूसरे उद्यमियों को मौका मिलता है।
गुरुग्राम की डोडा मिठाई विदेशों तक है मशहूर
गुरुग्राम की डोडा मिठाई बहुत प्रसिद्ध है, इसे भारत ही नहीं विदेश में भी पसंद किया जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में कई देशों में मिठाई का निर्यात किया जाता है। इसके अलावा अहीरवाल क्षेत्र से जुडे़ कई और उत्पादों की भी इस योजना के अंतर्गत ब्रांडिंग की जानी थी, लेकिन फिलहाल ऐसा होता नहीं दिख रहा है।स्थानीय उद्यमियों ने बताया कि केंद्र की इस योजना का लाभ यहां के लघु उद्योग को नहीं मिल रहा।
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अब तक चार से पांच लघु उद्यमियों ने योजना के जरिए गुरुग्राम रेलवे स्टेशन पर अपना सामान बेचा है, जिसमें एक भी उत्पाद गुरुग्राम से जुड़ा हुआ नहीं था। भविष्य में उम्मीद करते हैं कोई स्थानीय कामगार योजना के तहत स्टॉल के लिए आवेदन करेगा। - शिव कुमार यादव, वाणिज्यिक निरीक्षक गुरुग्राम