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Gurugram News: हाईकोर्ट के आदेश पर दोनों संपदा अधिकारियों और जमीन अधिग्रहण अधिकारी का दफ्तर सील

Sat, 30 Nov 2024 10:57 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 30 Nov 2024 10:57 PM IST
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On the orders of the High Court, the offices of both the estate officers and the land acquisition officer sealed
जमीन अधिग्रहण करने के बाद मुआवजा नहीं देने पर हाईकोर्ट की अवमानना करने पर हुई कार्रवाई
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की अवमानना करने के मामले में जिला प्रशासन ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के संपदा अधिकारी एक, दो और जमीन अधिग्रहण अधिकारी के कार्यालय को सील करा दिया। प्रशासन ने इसकी चाबी जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सौंप दी है। हाईकोर्ट के आदेश पर भी याचिकाकर्ताओं की जमीन का मुआवजा एचएसवीपी ने जारी नहीं किया। इस पर हाईकोर्ट को इसके लिए आदेश देना पड़ा। ऐसे में सोमवार को एचएसवीपी के कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
याचिकाकर्ता मनोज कुमार व अन्य किसानों के वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में केस दायर किया था। पीड़ितों के वकील गौरव अग्रवाल ने बताया कि एचएसवीपी ने नरसिंहपुर कासन गांव में कई किसानों की 16 कनाल और 6 मरला जमीन का अधिग्रहण किया था। कब्जा लेते समय इस भूमि के साथ 4 कनाल 15 मरला भूमि का और कब्जा ले लिया गया। इसके लिए किसानों को कोई भुगतान नहीं किया गया है। इसके बाद किसान हाईकोर्ट चले गए और न्याय की गुहार लगाई। हाईकोर्ट ने अप्रैल में याचिका का निपटारा करते हुए चार माह के भीतर संबंधित किसानों को मुआवजा जारी करने का आदेश दिया था। पैसे नहीं मिलने पर किसान दोबारा हाईकोर्ट पहुंचे और अधिकारियों की मनमानी करने का मामला उठाया। गौरव ने बताया कि कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं होने पर अवमानना याचिका दाखिल की गई।
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अवमानना याचिका में भी दो बार मौका देने के बावजूद मुआवजा जारी नहीं किया गया और शुक्रवार को फिर से मोहलत मांगी गई थी। हाईकोर्ट ने कहा कि यह सीधे तौर पर हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना का मामला बनता है। याचिकाकर्ताओं की जमीन का एचएसवीपी 13 साल से इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन अदालत के आदेश के बावजूद मुआवजे का भुगतान नहीं किया जा रहा है। वकील ने बताया कि हाई कोर्ट ने गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर व उपायुक्त को आदेश दिया था कि वे लैंड एक्विजिशन कलेक्टर व संबंधित संपदा अधिकारी के कार्यालय सील कर जिला एवं सत्र न्यायाधीश को चाबी सौंप दें। इस पर शुक्रवार की शाम एलएसी सेक्टर 14, ईओ वन सेक्टर 14 तथा ईओ टू सेक्टर 34 के कार्यालय को सील किया गया। हाईकोर्ट के आदेश की पालना करते हुए उपायुक्त द्वारा ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार सुरेंद्र भारद्वाज पुलिस टीम के साथ शुक्रवार शाम दिल्ली रोड कार्यालय पर पहुंची। स्टाफ की छुट्टी होने के बाद दफ्तरों की सील कर दिया। जिसमें तत्कालीन अधिकारी लवीना, विकास ढांडा, राजेंद्र सिंह बैठते हैं। एचएसवीपी को पीड़ित किसानों को करीब साढ़े छह करोड़ रुपये देने हैँ।
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अधिकारियों में हड़कंप
संपदा अधिकारी का कार्यालय सील करने पर टीम शुक्रवार की शाम पहुंच गई। ऐसे में सेक्टर-14 और सेक्टर-34 एचएसवीपी कार्यालय में शाम को हड़कंप मच गया। टीम पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट व पुलिस टीम के साथ दफ्तर को ताला लगाकर सील करने पहुंची थी। जैसे ही टीम सेक्टर-14 दफ्तर में दाखिल हुई और अपनी कार्रवाई से अधिकारियों को अवगत कराया तभी एलओ दफ्तर, सर्वे विग व प्रशासक कार्यालय में हड़कंप मच गया। कई घंटे बाद अधिकारियों से बातचीत होने के बाद कर्मचारियों व अधिकारियों ने राहत की सांस ली। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने हाई कोर्ट के आदेश पर पुलिस की मौजूदगी में अधिकारियों के दफ्तर को सील किया।

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मुख्यमंत्री है एचएसवीपी के अध्यक्ष
एचएसवीपी के अध्यक्ष सीएम हैं। जबकि विवेक जोशी, आईएएस मुख्य सचिव उपाध्यक्ष, राजेश खुल्लर, रिटायर्ड आईएएस हरियाणा के मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव मुख्य सचिव समेत 12 सदस्य होते हैं। ऐसे में एचएसवीपी एक बार फिर सुर्खियों में है।
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