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कूड़ा निस्तारण का काम साझा करने की दोषी कंपनी को नोटिस

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 14 Sep 2021 11:46 PM IST
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गुुरुग्राम। निगम को बिना सूचित किए अपना काम किसी और एजेंसी को साझा करने की दोषी कंपनी आईएल ऐंड एफएस को नगर निगम आयुक्त मुकेश कुमार आहुजा ने कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। खास बात यह है कि जांच रिपोर्ट सौंपने के करीब तीन सप्ताह बाद कारण बताओ नोटिस जारी करने पर निगमायुक्त की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। यह बात तब और अहम हो जाती है जब मेयर मधु आजाद पहले ही एफआईआर की संस्तुति कर चुकी हैं।
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मालूम हो कि नगर निगम प्रशासन ने मलबा निस्तारण करने के लिए आईएल ऐंड एफएस कंपनी के साथ करार किया हुआ है। करार की शर्तों के मुताबिक कंपनी अपने कार्य को किसी अन्य एजेंसी के साथ साझा नहीं कर सकती लेकिन कंपनी ने नियमों को ताक पर रखकर कार्य किसी अन्य एजेंसी के साथ साझा किया। मामला सामने आने पर मेयर मधु आजाद ने 30 जुलाई को संयुक्त आयुक्त प्रदीप अहलावत को इसकी जांच दी थी। जांच पूरी करने के बाद संयुक्त आयुक्त ने 23 अगस्त को रिपोर्ट निगमायुक्त मुकेश कुमार आहुजा व मेयर मधु आजाद को सौंप दी थी।

इन मामलों में दोषी
संयुक्त आयुक्त की तरफ से की गई जांच में प्राथमिक तौर पर आईएल ऐंड एफएस कंपनी के द्वारा कई अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने बिना नगर निगम को विश्वास में लिए अपने काम को किसी अन्य कंपनी के साथ साझा किया। इसके अलावा नगर निगम को वित्तीय नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से षड्यंत्र रचने का भी खुलासा हुआ है। निगम की जांच रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि निगम के साथ करार के बाद आईएल ऐंड एफएस कंपनी ने अपना 100 फीसदी कार्य आरवी कंपनी को दे दिया गया।
मेयर पहले ही लिख चुकी हैं पत्र
आईएल ऐंड एफएस के खिलाफ कार्रवाई के लिए मेयर मधु आजाद पहले ही निगमायुक्त मुकेश कुमार आहुजा को पत्र लिख चुकी हैं। मेयर ने अपने पत्र में कानूनी प्रक्रिया के तहत मामला दर्ज कराने, कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने व नगर निगम के साथ हुए करार को रद्द करने के साथ ही निगम को हुए वित्तीय घाटे की भरपाई के लिए कंपनी से धनराशि की वसूली करने की बात कही है। उक्त कार्रवाई के साथ ही कंपनी के साथ करार रद्द करने व भविष्य में की जाने वाली सभी अदायगी पर रोक लगाते हुए कंपनियों की बैंक गारंटी को भी जब्त करने की संस्तुति की गई है।
निगम की तरफ से की गई आंतरिक जांच में कंपनी को प्राथमिक तौर पर कई मामलों में दोषी पाया गया है। इसको देखते हुए हम काफी पहले ही निगमायुक्त को कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र लिख चुके हैं।
- मधु आजाद, मेयर गुरुग्राम
कंपनी की जांच कराने के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कंपनी को 10 दिन के अंदर अपना जवाब देना है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- मुकेश कुमार आहुजा, निगमायुक्त गुरुग्राम

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