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Gurugram News: आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधि करने पर 200 को नोटिस
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आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधि करने पर 200 को नोटिस
जवाब देने के लिए दिया गया 15 दिन का समय, इसके बाद होगी सीलिंग की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) प्रवर्तन ने शहर में आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधि चलाने पर 200 भवन मालिकों को नोटिस जारी किया है। इसमें 15 दिन में जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है। कुछ भवन मालिकों ने व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति तो ले रखी है, लेकिन जो गतिविधि वह कर रहे हैं वह मान्य गतिविधियों में शामिल नहीं है।
डीटीपी प्रवर्तन विभाग ने पिछले दिनों डीएलएफ, सुशांत लोक आदि अन्य इलाकों में चल रहीं व्यावसायिक गतिविधियों का चिह्नांकन करने के लिए सर्वे का काम शुरू किया था। इन गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोग लगातार मुख्यमंत्री विंडो पर शिकायत कर रहे थे। इस संबंध में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के महानिदेशक टीएल सत्यप्रकाश ने भी सख्त आदेश जारी किए हैं। डीटीपी ने लोगों से अपील की है कि नोटिस मिलने के बाद अपनी गतिविधियों को बंद कर लें। ऐसा नहीं करने पर अभियान के दौरान कोई सुनवाई नहीं की जाएगी। इन गतिविधियों से रिहायशी काॅलोनियों में बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।
विभाग द्वारा नियमों के तहत नोन न्यूसेंस गतिविधियों को संचालित करने के लिए रिहायशी मकान के ग्राउंड फ्लोर के कुल कवरेज एरिया के 25 प्रतिशत एरिया तक की स्वीकृति ली जा सकती है। इसके लिए विभाग करीब 60 हजार रुपये वसूलता है और पांच साल के लिए परमिशन जारी करता है। इन गतिविधियों में प्राॅपर्टी डीलर, वकील, सीए, डाॅक्टर क्लीनिक, कांट्रेक्टर कंसल्टेशन इत्यादि गतिविधियां शामिल हैं। सर्वे के दौरान पाया गया कि कुछ मकान मालिकों ने शोरूम, जिम, बुटीक और हेयर सैलून आदि बना रखे हैं।
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जवाब देने के लिए दिया गया 15 दिन का समय, इसके बाद होगी सीलिंग की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) प्रवर्तन ने शहर में आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधि चलाने पर 200 भवन मालिकों को नोटिस जारी किया है। इसमें 15 दिन में जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है। कुछ भवन मालिकों ने व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति तो ले रखी है, लेकिन जो गतिविधि वह कर रहे हैं वह मान्य गतिविधियों में शामिल नहीं है।
डीटीपी प्रवर्तन विभाग ने पिछले दिनों डीएलएफ, सुशांत लोक आदि अन्य इलाकों में चल रहीं व्यावसायिक गतिविधियों का चिह्नांकन करने के लिए सर्वे का काम शुरू किया था। इन गतिविधियों को लेकर स्थानीय लोग लगातार मुख्यमंत्री विंडो पर शिकायत कर रहे थे। इस संबंध में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के महानिदेशक टीएल सत्यप्रकाश ने भी सख्त आदेश जारी किए हैं। डीटीपी ने लोगों से अपील की है कि नोटिस मिलने के बाद अपनी गतिविधियों को बंद कर लें। ऐसा नहीं करने पर अभियान के दौरान कोई सुनवाई नहीं की जाएगी। इन गतिविधियों से रिहायशी काॅलोनियों में बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।
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विभाग द्वारा नियमों के तहत नोन न्यूसेंस गतिविधियों को संचालित करने के लिए रिहायशी मकान के ग्राउंड फ्लोर के कुल कवरेज एरिया के 25 प्रतिशत एरिया तक की स्वीकृति ली जा सकती है। इसके लिए विभाग करीब 60 हजार रुपये वसूलता है और पांच साल के लिए परमिशन जारी करता है। इन गतिविधियों में प्राॅपर्टी डीलर, वकील, सीए, डाॅक्टर क्लीनिक, कांट्रेक्टर कंसल्टेशन इत्यादि गतिविधियां शामिल हैं। सर्वे के दौरान पाया गया कि कुछ मकान मालिकों ने शोरूम, जिम, बुटीक और हेयर सैलून आदि बना रखे हैं।
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