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इमाम संगठन के फैसले का मुस्लिम काउंसिल ने किया कड़ा विरोध
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गुरुग्राम। इमाम संगठन द्वारा शहर में जुमे की नमाज केवल मस्जिदों और वक्फ बोर्ड की जमीन पर ही अदा करने के फैसले पर मुस्लिम काउंसिल ने कड़ा विरोध जताया है। इसे लेेकर गुरुग्राम मुस्लिम काउंसिल के साथ मुस्लिम एकता मंच, दो दर्जन इमाम व समुदाय के 100 अधिक लोग एकजुट होकर सबसे पहले राजीव चौक स्थित ईदगाह पहुंचे, इसके बाद जिला उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर डीसी को ज्ञापन सौंपा। काउंसिल व मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि शहर में नमाज के लिए पहले से चिन्हित सभी 37 स्थलों पर वह नमाज अदा करेंगे। यह प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उन्हेें सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ विरोधियों को रोका जाए। बातचीत में समुदाय के लोगों में प्रशासन व विपक्षियों के लिए नाराजगी भी दिखी।
डीसी कार्यालय में काउंसिल के सदस्य अल्ताफ अहमद ने कहा कि सोमवार को कुछ इमामों ने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच व संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति के कहने पर जिस तरह जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर केवल मस्जिदों व वक्फ बोर्ड की जमीनों पर ही नमाज अदा करने का फैसला लिया है, उससे समुदाय के लोग सहमत नहीं हैं। संविधान में सभी धर्मों को किसी भी जगह पर बिना बाधा पहुंचाए अपनी प्रार्थना करने का अधिकार है, ऐसे में कुछ इमाम यहां आकर अपनी मर्जी का फैसला कैसे करा ले गए और प्रशासन ऐसे लोगों को प्राथमिकता क्यों दे रहा है। शहर में नमाज के मसले को लेकर बनी गुरुग्राम मुस्लिम काउंसिल की बात ही प्रशासन को सुननी चाहिए। इसके साथ शहर के अन्य मुस्लिम संगठन भी समान राय रखते हैैं। अल्ताफ ने कहा अगर शहर में नमाज के लिए कोई भी जगह चिन्हित नहीं है तो हमें वहां दो साल से सुरक्षा क्यों दी जा रही है। मामले को लेकर सीएम मनोहर लाल का बयान भी मुस्लिमों के पक्ष में आया था, जो सराहनीय है।
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डीसी कार्यालय में काउंसिल के सदस्य अल्ताफ अहमद ने कहा कि सोमवार को कुछ इमामों ने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच व संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति के कहने पर जिस तरह जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर केवल मस्जिदों व वक्फ बोर्ड की जमीनों पर ही नमाज अदा करने का फैसला लिया है, उससे समुदाय के लोग सहमत नहीं हैं। संविधान में सभी धर्मों को किसी भी जगह पर बिना बाधा पहुंचाए अपनी प्रार्थना करने का अधिकार है, ऐसे में कुछ इमाम यहां आकर अपनी मर्जी का फैसला कैसे करा ले गए और प्रशासन ऐसे लोगों को प्राथमिकता क्यों दे रहा है। शहर में नमाज के मसले को लेकर बनी गुरुग्राम मुस्लिम काउंसिल की बात ही प्रशासन को सुननी चाहिए। इसके साथ शहर के अन्य मुस्लिम संगठन भी समान राय रखते हैैं। अल्ताफ ने कहा अगर शहर में नमाज के लिए कोई भी जगह चिन्हित नहीं है तो हमें वहां दो साल से सुरक्षा क्यों दी जा रही है। मामले को लेकर सीएम मनोहर लाल का बयान भी मुस्लिमों के पक्ष में आया था, जो सराहनीय है।
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