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Gurugram News: नगर पालिका और फायर कर्मचारियों की हड़ताल 6 तक बढ़ी
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सरकार की ओर से मिले नोटिस की प्रतियां जलाई, पुराने शहर में निकाला जुलूस
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा में नगर पालिका और फायर कर्मचारियों की हड़ताल 6 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। यह फैसला सरकार द्वारा बड़ी संख्या में फायर कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस और निलंबन आदेश जारी किए जाने के विरोध में लिया गया। बुधवार को गुरुग्राम में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर नोटिस की प्रतियां जलाईं और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने सरकार के इस कदम का कड़ा विरोध किया है। कर्मचारियों ने पुराने नगर निगम कार्यालय से अग्रसेन चौक तक मार्च किया, जहां उन्होंने नोटिस की प्रतियां जलाईं। इसके बाद वे पुरानी रेलवे रोड, जेकम पुरा, सोहना चौक और सदर बाजार होते हुए वापस निगम कार्यालय लौटे। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों और आम जनता से समर्थन की अपील करते हुए पर्चे भी बांटे। हड़ताल के 28वें दिन की अध्यक्षता वरिष्ठ उप प्रधान सम्मी बोहत और फायर के जिला प्रधान साहुन खान ने संयुक्त रूप से की। संचालन सचिव धर्मेंद्र जिंघाला और कोषाध्यक्ष भारत कांगड़ा ने किया। बसंत कुमार सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार समाधान के बजाय पुलिस बल से कर्मचारियों को डरा रही है।
खर्चों और भुगतानों की निष्पक्ष जांच की मांग
उप प्रधान ज्ञान चंद और अन्य नेताओं ने हड़ताल के दौरान कूड़ा उठाने व सफाई के नाम पर फर्जी बिल बनाकर सरकारी धन की लूट का आरोप लगाया। संघ ने इन सभी खर्चों और भुगतानों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार पुलिस बल के सहारे कूड़ा उठवाकर सफाई व्यवस्था सामान्य दिखाने का प्रयास कर रही है। दूसरी ओर, महिला, बुजुर्ग और अन्य हड़ताली कर्मचारियों को हिरासत में लेकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस दमन से कर्मचारियों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
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मंत्रियों पर सवाल और प्रमुख मांगें
संघ ने शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के विभागों से जुड़े कर्मचारी आंदोलनरत हैं, लेकिन समाधान नहीं निकल रहा। राज्य उप प्रधान बसंत कुमार ने सफाई और सीवर कर्मचारियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग की। उन्होंने 13 मई के समझौते को लागू करने, आवश्यक पदों पर पक्की भर्ती करने और कच्चे कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग की। संघ ने फायर कर्मचारी रणबीर और भवी चंद शर्मा के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और पक्की नौकरी देने की भी मांग की।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा में नगर पालिका और फायर कर्मचारियों की हड़ताल 6 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। यह फैसला सरकार द्वारा बड़ी संख्या में फायर कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस और निलंबन आदेश जारी किए जाने के विरोध में लिया गया। बुधवार को गुरुग्राम में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर नोटिस की प्रतियां जलाईं और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने सरकार के इस कदम का कड़ा विरोध किया है। कर्मचारियों ने पुराने नगर निगम कार्यालय से अग्रसेन चौक तक मार्च किया, जहां उन्होंने नोटिस की प्रतियां जलाईं। इसके बाद वे पुरानी रेलवे रोड, जेकम पुरा, सोहना चौक और सदर बाजार होते हुए वापस निगम कार्यालय लौटे। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों और आम जनता से समर्थन की अपील करते हुए पर्चे भी बांटे। हड़ताल के 28वें दिन की अध्यक्षता वरिष्ठ उप प्रधान सम्मी बोहत और फायर के जिला प्रधान साहुन खान ने संयुक्त रूप से की। संचालन सचिव धर्मेंद्र जिंघाला और कोषाध्यक्ष भारत कांगड़ा ने किया। बसंत कुमार सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार समाधान के बजाय पुलिस बल से कर्मचारियों को डरा रही है।
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खर्चों और भुगतानों की निष्पक्ष जांच की मांग
उप प्रधान ज्ञान चंद और अन्य नेताओं ने हड़ताल के दौरान कूड़ा उठाने व सफाई के नाम पर फर्जी बिल बनाकर सरकारी धन की लूट का आरोप लगाया। संघ ने इन सभी खर्चों और भुगतानों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार पुलिस बल के सहारे कूड़ा उठवाकर सफाई व्यवस्था सामान्य दिखाने का प्रयास कर रही है। दूसरी ओर, महिला, बुजुर्ग और अन्य हड़ताली कर्मचारियों को हिरासत में लेकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस दमन से कर्मचारियों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
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मंत्रियों पर सवाल और प्रमुख मांगें
संघ ने शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के विभागों से जुड़े कर्मचारी आंदोलनरत हैं, लेकिन समाधान नहीं निकल रहा। राज्य उप प्रधान बसंत कुमार ने सफाई और सीवर कर्मचारियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग की। उन्होंने 13 मई के समझौते को लागू करने, आवश्यक पदों पर पक्की भर्ती करने और कच्चे कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग की। संघ ने फायर कर्मचारी रणबीर और भवी चंद शर्मा के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और पक्की नौकरी देने की भी मांग की।